पटना। Khemka murder case : कारोबारी गोपाल खेमका की हत्या मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता मिलने का दावा किया है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक एक आरोपित विकास उर्फ राजा को मुठभेड़ में मार गिराया गया है। उम्मीद है कि पुलिस इस मामले का जल्द खुलासा कर देगी।
मिली जानकारी के अनुसार रात करीब ढाई बजे पुलिस और एसटीएफ की टीम विकास उर्फ राजा को पकड़ने गई थी। पटना सिटी के मालसलामी इलाके में पीरदमरिया घाट के पास पहुंचने पर राजा ने अचानक पुलिस पर गोली चला दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ में राजा मारा गया। पुलिस की राजा के साथ मुठभेड़ पटना सिटी में मालसलामी के पीरदमरिया घाट के पास हुई। घटनास्थल से पुलिस ने एक पिस्तौल, गोली और खोखा बरामद किया है।
शूटर उमेश यादव को हथियार दिया था
Khemka murder case : जानकारी के अनुसार विकास उर्फ राजा पर आरोप है कि उसने शूटर उमेश यादव को हथियार दिया था। इसी हथियार से गोपाल खेमका की हत्या की गई थी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पटना पुलिस ने सोमवार को ही शूटर उमेश को गिरफ्तार कर लिया था। उमेश ने पुलिस को बताया कि उसने राजा से यह हथियार खरीदा था। बताया जा रहा है कि राजा अवैध तरीके से हथियार बनाता और बेचता था।
4 जुलाई को हुई थी खेमका की हत्या
Khemka murder case : शुक्रवार रात पटना में व्यवसायी गोपाल खेमका की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जिससे व्यवसायी समुदाय में खलबली मच गई और राज्य की राजधानी में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठने लगे थे।
इस हाई-प्रोफाइल हत्याकांड ने नीतीश कुमार सरकार को ऐसे समय में मुश्किल में डाल दिया जब जेडी(यू) और बीजेपी का सत्तारूढ़ गठबंधन विधानसभा चुनावों की तैयारी में जुटे थे। विपक्ष, आरजेडी और कांग्रेस ने बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा।
Khemka murder case : इस चौंकाने वाली हत्या के बाद मुख्यमंत्री ने शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें व्यवसायी की हत्या की जांच जल्द से जल्द पूरी करने को कहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के लिए पुलिस ने विशेष जांच टीम (एसआइटी) का गठन किया था।
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







