नई दिल्ली, 27 अगस्त। Jammu and Kashmir : जम्मू कश्मीर और कटरा में बारिश और भूस्खलन से भारी तबाही हुई है। 32 लोगों की मौत की खबर है। हजारों यात्री फंसे हुए हैं। ये माता वैष्णों देवी के दर्शन करने गए थे। कई ट्रेनें रद कर दी गई हैं तो कई रास्ते ही में निरस्त कर दी गईं। श्रद्धालु डरे हुए हैं। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने कटरा में वैष्णो देवी मंदिर के पास हुए भूस्खलन के बाद राहत और बचाव कार्यों में सहायता के लिए कदम बढ़ाया है।
कई ट्रेनें रद
दूसरी ओर जम्मू और कटरा जाने वाली 22 से अधिक ट्रेनें रद कर दी गई हैं। वहीं, 25 ट्रेनों का रूट छोटा किया गया है। जम्मू तवी जा रही ट्रेन बेगमपुरा एक्सप्रेस, अर्चना एक्सप्रेस और लोहित एक्सप्रेस को बीच में ही निरस्त कर दिया गया है। बिहार के मोतिहारी से आई एक महिला राजकुमारी देवी ने कहा कि हम लोग यहां फंस गए हैं। दर्शन तो सोमवार को ही कर लिए थे लेकिन अब ट्रेनें रद होने से हमलोग यहां फंस गए हैं। हमें घर जाना है। समझ में नहीं आ रहा है कि कैसे जल्दी से जल्दी घर पहुंचें।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में, व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने राहत कार्यों पर अपडेट के बारे में बताया। उन्होंने कहा, “राहत अभियान पर अपडेट: कटरा के अर्धकुंवारी में व्हाइटनाइट कोर की राहत टुकड़ी, श्राइन बोर्ड, जेकेपी और सीआरपीएफ के बचाव दलों के साथ मिलकर भूस्खलन पीड़ितों की सहायता कर रही है। मानवीय सहायता को अधिकतम करने के लिए सभी एजेंसियों के साथ गहन समन्वय किया जा रहा है। हम सेवा करते हैं, हम रक्षा करते हैं!”

पांच लोगों की हो चुकी है मौत
Jammu and Kashmir : एक दिन पहले लगातार बारिश के कारण हुए भूस्खलन में पांच लोगों की मौत हो गई है और चार अन्य घायल हो गए हैं।
यह घटना मंगलवार को किशनपुर-डोमेल रोड पर गरनई लोटा इलाके के पास हुई, जहां राजस्थान के धौलपुर जिले के संपू कस्बे के पांच तीर्थयात्री मलबे में फंस गए।
तीन युवक पानी की तेज धारा में बह गए
Jammu and Kashmir : पुलिस अधिकारियों के अनुसार तीन युवक पानी की तेज धाराओं में बह गए, जबकि दो तैरकर और एक पेड़ से चिपककर बच गए।

मोबाइल और इंटरनेट सेवाएं बंद
Jammu and Kashmir : भारी बारिश ने पूरे जम्मू-कश्मीर में भी तबाही मचाई है। कश्मीर घाटी में, मौसम की स्थिति के कारण कई सेवा प्रदाताओं द्वारा मोबाइल फोन और इंटरनेट सेवाएं बंद कर दिए जाने से सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। अचानक व्यवधान के कारण कई निवासी आवश्यक कम्युनिकेशन माध्यमों से कट गए।
जम्मू संभाग में भी स्थिति उतनी ही गंभीर थी। सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही थीं, जिससे निचले इलाकों में पानी भर गया और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा।

परिवहन की समस्याएं बढ़ी
Jammu and Kashmir : जम्मू-पठानकोट राजमार्ग पर एक पुल उफनती नदी के दबाव में ढह गया, जिससे राजमार्ग को बंद करना पड़ा। इस बीच, जम्मू-श्रीनगर राजमार्ग पत्थरों के गिरने से अवरुद्ध हो गया है, जिससे परिवहन संबंधी समस्याएं और बढ़ गई हैं।
समन्वित राहत कार्य जारी रहने के साथ, सेना, स्थानीय प्रशासन, श्राइन बोर्ड और अर्धसैनिक बल प्रभावित लोगों को बचाने और फंसे हुए तीर्थयात्रियों और स्थानीय लोगों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं।







