Iran US Tensions : मिडिल ईस्ट में बढ़ती टेंशन: ईरान के हमले के दावे से हलचल
तेहरान, 29 मार्च। Iran US Tensions : मध्य पूर्व में तेजी से बिगड़ते हालात और अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच Islamic Revolutionary Guard Corps (आइआरजीसी) ने एक बड़ा दावा करते हुए क्षेत्रीय सुरक्षा पर नई बहस छेड़ दी है। आइआरजीसी के अनुसार, उसकी उन्नत वायु रक्षा प्रणाली ने ईरान के दक्षिणी हवाई क्षेत्र में एक अमेरिकी लड़ाकू विमान F-16 Fighting Falcon और एक अत्याधुनिक ड्रोन MQ-9 Reaper को निशाना बनाकर मार गिराया है।
“सेपाह न्यूज़” के माध्यम से दी जानकारी
Iran US Tensions : आइआरजीसी ने यह जानकारी अपने आधिकारिक समाचार मंच “सेपाह न्यूज़” के माध्यम से जारी बयान में दी। बयान के अनुसार, यह कार्रवाई ईरानी नौसेना और एयरोस्पेस डिवीजन द्वारा संयुक्त रूप से संचालित जवाबी सैन्य अभियानों का हिस्सा थी। इन अभियानों में मिसाइलों और ड्रोन का इस्तेमाल करते हुए उन ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिन्हें अमेरिका और Israel से जुड़े भारी औद्योगिक ढांचे का हिस्सा बताया गया है। इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी Xinhua News Agency ने भी अपनी रिपोर्ट में दी है।
अमेरिका ने कहा, सुरक्षित है
Iran US Tensions : आइआरजीसी के दावे में यह भी कहा गया कि United States Central Command (सेंटकॉम) ने भी इस घटना की आंशिक पुष्टि की है। हालांकि सेंटकॉम द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर साझा की गई जानकारी के अनुसार, अमेरिकी वायु सेना का एफ-16 फाइटिंग फाल्कन ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के समर्थन में मिशन पूरा करने के बाद सुरक्षित रूप से मध्य पूर्व के एक सैन्य अड्डे पर उतर गया। इस बयान से यह स्पष्ट होता है कि दोनों पक्षों के दावों में अंतर है और वास्तविक स्थिति को लेकर अभी भी असमंजस बना हुआ है।
दुबई के गोदाम को भी किया नष्ट
Iran US Tensions : इस बीच, आइआरजीसी ने एक और बड़ा दावा करते हुए कहा कि उसने Dubai में स्थित एक गोदाम को नष्ट कर दिया है, जहां कथित तौर पर यूक्रेन के एंटी-ड्रोन सिस्टम रखे गए थे। ईरान का आरोप है कि इस गोदाम का उपयोग अमेरिकी सैन्य अभियानों को सहायता प्रदान करने के लिए किया जा रहा था।
बढ़ सकते हैं अंतरराष्ट्रीय प्रभाव
Iran US Tensions : ईरान की मुख्य सैन्य कमान Khatam al-Anbiya Central Headquarters के प्रवक्ता Ebrahim Zolfaghari ने बताया कि यह ऑपरेशन आइआरजीसी की वायु सेना और नौसेना द्वारा संयुक्त रूप से अंजाम दिया गया। उन्होंने यह भी दावा किया कि इस हमले के समय वहां 21 यूक्रेनी नागरिक मौजूद थे, जिससे इस घटना के अंतरराष्ट्रीय प्रभाव और भी बढ़ सकते हैं।
यूक्रेन ने दावे को फर्जी बताया
Iran US Tensions : हालांकि, ईरान के इन दावों को Ukraine ने सिरे से खारिज कर दिया है। यूक्रेन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Heorhii Tykhyi ने इस खबर को “पूरी तरह झूठ और भ्रामक” बताते हुए कहा कि इसका वास्तविकता से कोई लेना-देना नहीं है। वहीं, Interfax-Ukraine के अनुसार, यूक्रेन की राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा परिषद से जुड़े सूत्रों ने भी इस दावे को फर्जी बताया है।
यह पूरा घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब 28 फरवरी से Iran पर United States और Israel द्वारा किए गए संयुक्त हमलों के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। इसके जवाब में ईरान और उसके सहयोगी गुटों ने मध्य पूर्व में अमेरिकी और इजरायली हितों को निशाना बनाते हुए कई जवाबी हमले किए हैं।
मध्य पूर्व सैन्य टकराव के मुहाने पर
Iran US Tensions : विशेषज्ञों का मानना है कि इन परस्पर विरोधी दावों और जवाबी कार्रवाइयों ने पूरे मध्य पूर्व को एक संभावित बड़े सैन्य टकराव के मुहाने पर ला खड़ा किया है। जहां एक ओर ईरान अपनी सैन्य क्षमता का प्रदर्शन कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका और उसके सहयोगी भी क्षेत्र में अपनी रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत कर रहे हैं। ऐसे में हालात किस दिशा में जाएंगे, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा, लेकिन फिलहाल क्षेत्र में तनाव और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।







