डिजिटल डेस्क, नयी दिल्ली। Iran-Israel War : अमेरिका के हमले से तिलमिलाए ईरान ने सोमवार को इराक और कतर में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर पर हमला कर दिया। ईरान ने 14 मिसाइलें दागीं। हालांकि इसमें अमेरिकी सैन्य ठिकानों को कोई नुकसान नहीं हुआ। इस ताजा हमले के बाद से ईरान का इजरायल के साथ जारी संघर्ष का दायरा और बढ़ गया है। ये हमले अमेरिका द्वारा रविवार तड़के तेहरान पर किए गए हमलों की जवाबी कार्रवाई के रूप में सामने आए हैं। इसी बीच, कतर ने घोषणा की कि ईरानी हमले के बाद वह भी सीधा प्रत्युत्तर देने का अधिकार सुरक्षित रखता है।
उधर इस हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि ईरानी मिसाइल कमजोर थे। अमेरिका ने इस हमले का प्रभावी तरीके से जवाब दिया और कोई नुकसान नहीं हुआ। ट्रंप ने साथ ही कतर के अमीर का धन्यवाद किया और शांति की ओर आगे बढ़ने की उम्मीद जताई। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “ईरान ने हमारे परमाणु ठिकानों को तबाह करने की कार्रवाई का बहुत कमजोर जवाब दिया, जैसा कि हमने पहले से अनुमान लगाया था। 14 मिसाइलें दागी गईं, जिनमें से 13 को मार गिराया गया और 1 को जानबूझकर नहीं रोका गया क्योंकि वह किसी खतरे की दिशा में नहीं थी।”
कतर की संप्रभुता पर हमला
Iran-Israel War : कतर के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माजिद अल अंसारी ने सोमवार को कहा, “हम इसे कतर की संप्रभुता, उसके हवाई क्षेत्र, अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का घोर उल्लंघन मानते हैं। हम पुष्टि करते हैं कि कतर अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुरूप इस आक्रामकता की प्रकृति और पैमाने के बराबर सीधे जवाब देने का अधिकार सुरक्षित रखता है।”
उन्होंने कहा कि कतर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा अल-उदीद एयर बेस को निशाना बनाकर किए गए हमले की कड़ी निंदा करता है।
परिणाम विनाशकारी होंगे
अंसारी ने कहा, “हम आश्वस्त करते हैं कि कतर की एयर डिफेंस ने सफलतापूर्वक हमले को विफल कर दिया और ईरानी मिसाइलों को रोक दिया। हम इस बात पर भी जोर देते हैं कि इस तरह की आक्रामक सैन्य कार्रवाइयों के जारी रहने से क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता कमजोर होगी, जिससे अंतर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा के लिए विनाशकारी परिणाम हो सकते हैं।”
उन्होंने कहा कि कतर सभी सैन्य कार्रवाइयों को तुरंत रोकने और बातचीत तथा संवाद के लिए गंभीरता से मेज पर लौटने की मांग करता है। अंसारी ने इस बात पर जोर दिया कि कतर उन पहले देशों में से एक है, जिसने क्षेत्र में इजरायल की बढ़ती आक्रामकता के खतरों के प्रति चेतावनी दी थी।
Iran-Israel War : उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्तमान संकटों पर काबू पाने तथा क्षेत्र की सुरक्षा और वहां के लोगों की शांति सुनिश्चित करने के लिए बातचीत ही एकमात्र रास्ता है। अंसारी ने कहा कि क्षेत्र में तनाव को देखते हुए सुरक्षा और एहतियाती उपायों के तहत अमेरिकी बेस को पहले ही खाली करा लिया गया था।
इससे पहले, इराक और कतर स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान ने छह मिसाइलें दागी थीं।
इन सब के बीच, कतर के विदेश मंत्रालय ने सोमवार को ईरान के हमले के बाद एहतियाती उपायों के तौर पर हवाई यातायात को ‘अस्थायी’ रूप से निलंबित करने की घोषणा की।
विदेश मंत्रालय ने दिया यह बयान
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, “अपने नागरिकों, निवासियों और आगंतुकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के कतर की उत्सुकता के हिस्से के रूप में संबंधित अधिकारियों ने क्षेत्र में हाल की घटनाओं के आधार पर एहतियाती उपायों के एक सेट के रूप में देश के हवाई क्षेत्र में हवाई नेविगेशन के अस्थायी निलंबन की घोषणा की है।”
Iran-Israel War : अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों में किसी नागरिक या सैन्यकर्मी की मौत या घायल होने की बात सामने नहीं आई है। कतर के रक्षा मंत्रालय ने सोमवार को कहा, “ईश्वर, सशस्त्र बलों की सतर्कता और एहतियाती उपायों का शुक्रिया, इस घटना में किसी की मौत या घायल होने की कोई घटना नहीं हुई।”
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







