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India Uzbekistan Relations : भारत–उज्बेकिस्तान संबंधों को मिली नई गति: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मिले उज्बेक विदेश मंत्री

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नई दिल्ली, 3 अगस्त। India Uzbekistan Relations : भारत और उज्बेकिस्तान के बीच दशकों पुराने मैत्रीपूर्ण संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय सहयोग के विभिन्न आयामों पर व्यापक चर्चा की और इस बात पर सहमति जताई कि यह दौरा दोनों देशों के बीच साझेदारी के नए अवसरों को तलाशने तथा मौजूदा सहयोग को और गहरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों की विरासत पर दिया गया जोर

बैठक के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भारत और उज्बेकिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों की नींव प्राचीन व्यापारिक मार्गों और लोगों के बीच लंबे समय से चले आ रहे सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर आधारित है। यही साझा विरासत आज भी दोनों देशों को और अधिक निकट लाने का कार्य कर रही है।

राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ता संवाद भविष्य में व्यापार, निवेश, शिक्षा, संस्कृति और तकनीक जैसे क्षेत्रों में नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त करेगा।

राष्ट्रपति सचिवालय ने साझा की बैठक की जानकारी

India Uzbekistan Relations : राष्ट्रपति सचिवालय ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर बैठक की जानकारी साझा करते हुए बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव के बीच बेहद सकारात्मक और सार्थक चर्चा हुई। पोस्ट में कहा गया कि दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति व्यक्त की कि यह यात्रा द्विपक्षीय संबंधों के नए क्षेत्रों की पहचान करने और विभिन्न क्षेत्रों में परस्पर लाभकारी सहयोग को और मजबूत करने का सुनहरा अवसर है।

तीन दिवसीय भारत दौरे पर हैं उज्बेक विदेश मंत्री

बख्तियार सैदोव भारत सरकार के निमंत्रण पर तीन से पांच अगस्त तक भारत के आधिकारिक दौरे पर हैं। इस यात्रा का उद्देश्य दोनों देशों के बीच राजनीतिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंधों को नई दिशा देना है। नई दिल्ली पहुंचने पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया गया।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर उनका स्वागत करते हुए कहा कि भारत, उज्बेकिस्तान के साथ अपने बहुआयामी संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने इस यात्रा को दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत बताया।

विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी होगी महत्वपूर्ण बातचीत

India Uzbekistan Relations : राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री की भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ भी विस्तृत वार्ता निर्धारित है। इस बैठक में दोनों देश व्यापार, निवेश, ऊर्जा, कनेक्टिविटी, तकनीक, रक्षा सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम विषयों पर चर्चा करेंगे।

कूटनीतिक सूत्रों के अनुसार, दोनों पक्ष मौजूदा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करने के साथ-साथ भविष्य में सहयोग के नए क्षेत्रों की संभावनाओं पर भी विचार करेंगे।

बिजनेस फोरम में आर्थिक साझेदारी पर रहेगा विशेष फोकस

भारत यात्रा के दौरान बख्तियार सैदोव नई दिल्ली में आयोजित एक प्रमुख बिजनेस फोरम में भी हिस्सा लेंगे। इस मंच पर दोनों देशों के उद्योगपति, निवेशक और व्यापारिक प्रतिनिधि आर्थिक सहयोग को नई गति देने के उपायों पर विचार-विमर्श करेंगे।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और उज्बेकिस्तान के बीच व्यापार और निवेश की अपार संभावनाएं मौजूद हैं। ऐसे में बिजनेस फोरम दोनों देशों के निजी क्षेत्र के बीच साझेदारी बढ़ाने और नए निवेश आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

रणनीतिक साझेदारी को विस्तार देने की दिशा में अहम कदम

भारत और उज्बेकिस्तान पिछले कुछ वर्षों से अपनी रणनीतिक साझेदारी को लगातार मजबूत कर रहे हैं। दोनों देश व्यापार, निवेश, ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और परिवहन जैसे अनेक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।

विशेष रूप से मध्य एशिया के साथ भारत की बढ़ती रणनीतिक भागीदारी में उज्बेकिस्तान की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। यही कारण है कि दोनों देश कनेक्टिविटी परियोजनाओं, क्षेत्रीय सहयोग और आर्थिक विकास के नए अवसरों पर लगातार मिलकर काम कर रहे हैं।

दौरे से पहले हुई थी दोनों विदेश मंत्रियों की टेलीफोन पर बातचीत

India Uzbekistan Relations : इस महत्वपूर्ण दौरे से पहले 20 जुलाई को भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव के बीच टेलीफोन पर बातचीत भी हुई थी। इस दौरान दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों को और अधिक मजबूत बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की थी।

डॉ. जयशंकर ने बातचीत के बाद कहा था कि दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को नई गति देने पर सकारात्मक विचार-विमर्श हुआ। वहीं बख्तियार सैदोव ने भी बातचीत को बेहद उपयोगी बताते हुए कहा था कि दोनों देशों के विदेश मंत्रालयों के बीच नियमित, भरोसेमंद और रचनात्मक संवाद भविष्य में भी जारी रहेगा।

कूटनीतिक संवाद लगातार हो रहा मजबूत

भारत और उज्बेकिस्तान के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संपर्क लगातार बढ़ रहे हैं। इसी क्रम में मई महीने में नई दिल्ली में विदेश कार्यालय परामर्श (फॉरेन ऑफिस कंसल्टेशन) का 17वां दौर आयोजित किया गया था। इस बैठक में दोनों देशों के अधिकारियों ने विभिन्न द्विपक्षीय परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की और क्षेत्रीय तथा वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार साझा किए।

दोनों पक्षों ने इस दौरान इस बात पर भी जोर दिया कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में सहयोग और संवाद को और अधिक मजबूत बनाए रखना समय की आवश्यकता है।

भविष्य की साझेदारी के लिए सकारात्मक संकेत

विशेषज्ञों का मानना है कि बख्तियार सैदोव का यह भारत दौरा केवल औपचारिक कूटनीतिक यात्रा नहीं है, बल्कि यह दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण अवसर भी है। व्यापार, निवेश, तकनीक, ऊर्जा, शिक्षा और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने से दोनों देशों को दीर्घकालिक लाभ मिलने की संभावना है।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री के बीच हुई मुलाकात ने यह स्पष्ट संकेत दिया है कि भारत और उज्बेकिस्तान अपने ऐतिहासिक संबंधों को आधुनिक आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी में बदलने के लिए पूरी गंभीरता से आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले समय में दोनों देशों के बीच बढ़ता सहयोग न केवल द्विपक्षीय संबंधों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगा, बल्कि मध्य एशिया और दक्षिण एशिया के बीच मजबूत संपर्क स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

jahanvi singh
Author: jahanvi singh

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