Hunger Strike Ends : 27 दिनों की तपस्या के बाद अनशन समाप्त, लेकिन लड़ाई जारी
नई दिल्ली, 24 जुलाई। Hunger Strike Ends : प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के लंबे भूख हड़ताल को समाप्त करने के फैसले ने आंदोलन को एक नए मोड़ पर ला खड़ा किया है। 27 दिनों तक चले इस कठिन अनशन के बाद उन्होंने स्वास्थ्य कारणों को देखते हुए अपना उपवास तोड़ दिया, लेकिन आंदोलन की ज्वाला अभी शांत नहीं हुई है।
सीजेपी (सीजेपी) के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने इस फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वे लगातार वांगचुक से अनशन खत्म करने की अपील कर रहे थे, क्योंकि उनकी तबीयत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह निर्णय मानवीय और स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहद जरूरी था।
सरकार से बातचीत में आंशिक सफलता, दो प्रमुख मांगें मानी गईं
Hunger Strike Ends : रांका ने बताया कि सरकार के साथ हुई बातचीत के दौरान आंदोलन से जुड़ी कुछ अहम मांगों पर सहमति बनी है। यह आंदोलनकारियों के लिए एक सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।
इनमें प्रमुख रूप से दो मांगों को स्वीकार किया गया है। प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं होगी और
प्रभावित लोगों को पर्याप्त मुआवजा दिया जाएगा।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मुआवजे और अन्य निर्णयों से जुड़ा विस्तृत लिखित आदेश अभी आना बाकी है, जिसका इंतजार किया जा रहा है।

धरना जारी रहेगा: इस्तीफे तक नहीं थमेगा आंदोलन
Hunger Strike Ends : सोनम वांगचुक द्वारा अनशन समाप्त करने के बावजूद, आंदोलन पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। आशुतोष रांका ने दो टूक शब्दों में कहा कि जंतर-मंतर पर चल रहा धरना जारी रहेगा और यह संघर्ष तब तक रुकेगा नहीं, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे देते।
उन्होंने कहा कि शुरुआत से ही इस आंदोलन की मुख्य मांग मंत्री का इस्तीफा रही है और आंदोलनकारी इस मुद्दे पर कोई समझौता करने के मूड में नहीं हैं। छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़े इस आंदोलन को अब और मजबूती के साथ आगे बढ़ाया जाएगा।
छात्रों और युवाओं के मुद्दों पर संघर्ष जारी
Hunger Strike Ends : रांका ने यह भी कहा कि यह आंदोलन सिर्फ एक व्यक्ति या संगठन का नहीं, बल्कि देश के छात्रों और युवाओं के अधिकारों की लड़ाई है।
सरकार से लगातार जवाबदेही की मांग की जाएगी और जब तक न्याय नहीं मिलता, तब तक यह संघर्ष चलता रहेगा।

बीजेपी नेतृत्व के साथ अहम बैठक प्रस्तावित
Hunger Strike Ends : इसी बीच, आंदोलन को लेकर राजनीतिक हलकों में भी हलचल तेज हो गई है। रांका ने जानकारी दी कि शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे सीसीआई में बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक प्रस्तावित है।
सूत्रों के मुताबिक, इस बैठक में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के भी शामिल होने की संभावना है। बैठक में होने वाली चर्चाओं और संभावित फैसलों की जानकारी बाद में सार्वजनिक की जाएगी।
आंदोलन का संदेश, संघर्ष अभी बाकी है
Hunger Strike Ends : भले ही अनशन समाप्त हो गया हो, लेकिन आंदोलन की दिशा और उद्देश्य पहले से कहीं अधिक स्पष्ट हो गए हैं। जंतर-मंतर की धरती पर जारी यह प्रदर्शन अब केवल एक विरोध नहीं, बल्कि व्यवस्था में बदलाव की मांग बन चुका है।
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







