नई दिल्ली, 5 जनवरी। Delhi Riots Case : सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगों से जुड़े मामले में आरोपित उमर खालिद और शरजील इमाम को जमानत देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि दोनों आरोपित अगले एक वर्ष तक इस मामले में दोबारा जमानत याचिका दाखिल नहीं कर सकेंगे। हालांकि, कोर्ट ने अन्य पांच आरोपितों को कड़ी शर्तों के साथ जमानत मंजूर कर दी है।
Delhi Riots Case : इन पांच को मिली जमानत
यह निर्णय जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस एन. वी. अंजारिया की पीठ ने सुनाया। अदालत ने 10 दिसंबर को आरोपितों और दिल्ली पुलिस की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था। सुप्रीम कोर्ट ने गुलफिशा फातिमा, मीरान हैदर, शिफा-उर-रहमान, मोहम्मद सलीम खान और शादाब अहमद के लगातार कारावास को आवश्यक नहीं मानते हुए उन्हें 12 शर्तों के साथ जमानत दे दी।
कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि एक वर्ष के भीतर गवाहों की गवाही पूरी नहीं होती है तो आरोपित निचली अदालत में फिर से जमानत के लिए आवेदन कर सकते हैं।
खालिद को मिली थी अंतरिम जमानत
Delhi Riots Case : गौरतलब है कि इससे पहले कड़कड़डूमा कोर्ट ने उमर खालिद की बहन के निकाह के लिए 16 दिसंबर से 29 दिसंबर तक अंतरिम जमानत दी थी। इस दौरान खालिद पर कई सख्त शर्तें लगाई गई थीं, जिनमें सोशल मीडिया का उपयोग न करना, किसी गवाह से संपर्क न करना और सीमित लोगों से ही मुलाकात करना शामिल था। उन्हें 29 दिसंबर की शाम तक आत्मसमर्पण करना था।
2020 में हुई थी गिरफ्तारी
Delhi Riots Case : दिल्ली पुलिस ने उमर खालिद को सितंबर 2020 में गिरफ्तार किया था। उन पर फरवरी 2020 में दिल्ली में हुई हिंसा की साजिश रचने का आरोप है। इस मामले में यूएपीए के तहत केस दर्ज किया गया है। शरजील इमाम और अन्य कई आरोपितों पर भी इसी साजिश में शामिल होने का आरोप है।
सुनियोजित साजिश थी
Delhi Riots Case : फरवरी 2020 में हुए दिल्ली दंगों में कई लोगों की जान गई थी और 700 से अधिक लोग घायल हुए थे। यह हिंसा सीएए और एनआरसी के विरोध प्रदर्शनों के दौरान भड़की थी। पिछली सुनवाई में दिल्ली पुलिस की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दलील दी थी कि यह हिंसा कोई आकस्मिक सांप्रदायिक टकराव नहीं, बल्कि एक सुनियोजित और सुविचारित साजिश थी।
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







