नई दिल्ली, 31 अक्टूबर। Delhi Factory Fire :
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार रात एक जूता फैक्ट्री में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक अग्निकांड में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस, दमकल विभाग और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं की टीमें मौके पर पहुंच गईं। कई घंटों तक चले राहत एवं बचाव अभियान के दौरान फैक्ट्री के अंदर फंसे छह लोगों को बाहर निकाला गया। सभी को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। शेष दो घायलों का उपचार जारी है।
इस घटना पर दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए अधिकारियों को घायलों के बेहतर उपचार, पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने और राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि संबंधित एजेंसियां मौके पर राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं तथा पूरी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे फैक्ट्री में लगी आग
Delhi Factory Fire : अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना दिल्ली के मंगोलपुरी इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में स्थित एक जूता निर्माण फैक्ट्री में हुई। शुक्रवार रात करीब 9:30 बजे अचानक फैक्ट्री में आग लग गई। आग लगने के बाद देखते ही देखते परिसर में धुआं फैल गया। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दिल्ली अग्निशमन विभाग की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और आग बुझाने के साथ-साथ अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने का अभियान शुरू किया।
आग की गंभीरता को देखते हुए दमकल विभाग की कई गाड़ियों और अग्निशमन कर्मियों को मौके पर लगाया गया। आग पर नियंत्रण पाने के लिए दमकलकर्मियों को काफी देर तक कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। फैक्ट्री के अंदर धुआं भर जाने और आग की स्थिति गंभीर होने के कारण बचाव अभियान में भी चुनौती का सामना करना पड़ा।
फैक्ट्री के अंदर बेहोशी की हालत में मिले छह लोग
Delhi Factory Fire : राहत एवं बचाव अभियान के दौरान दमकलकर्मियों और बचाव दल ने फैक्ट्री के अंदर से कुल छह लोगों को बाहर निकाला। बताया गया कि सभी छह लोग फैक्ट्री के भीतर बेहोशी की हालत में पाए गए थे। आग और धुएं के कारण उनकी स्थिति गंभीर हो गई थी। बचाव दल ने बिना देर किए सभी को एंबुलेंस की सहायता से मंगोलपुरी स्थित संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद छह में से चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, अन्य दो घायलों को अस्पताल में भर्ती कर उनका इलाज शुरू कर दिया गया। इस घटना में चार लोगों की जान जाने से इलाके में शोक का माहौल है। हालांकि, मृतकों और घायलों की पहचान तथा हादसे से जुड़ी अन्य जानकारियों को लेकर विस्तृत विवरण सामने आना बाकी है।
आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं, बेसमेंट में आग लगने की आशंका
Delhi Factory Fire : पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फैक्ट्री में आग लगने के वास्तविक कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि आग फैक्ट्री के बेसमेंट में लगी थी। हालांकि, आग किन परिस्थितियों में लगी और इसकी शुरुआत किस वजह से हुई, इस बारे में अभी कुछ भी स्पष्ट नहीं है।
पुलिस और संबंधित जांच एजेंसियां घटना के सभी पहलुओं की जांच कर रही हैं। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट, किसी मशीन में खराबी, ज्वलनशील पदार्थ या किसी अन्य वजह से लगी थी। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
डीसीपी विक्रम सिंह ने कहा- कानूनी कार्रवाई शुरू
Delhi Factory Fire : बाहरी जिले के फेज-1 के डीसीपी विक्रम सिंह ने घटना को लेकर बताया कि पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। घटनास्थल से संबंधित तथ्यों और परिस्थितियों की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में जो भी जिम्मेदार या आरोपी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार किया जाएगा।
पुलिस की ओर से यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि फैक्ट्री में अग्निशमन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम थे या नहीं। इसके साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि फैक्ट्री में काम करने वाले लोगों की सुरक्षा के लिए निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा था अथवा नहीं।
रात 9:50 बजे मिली थी आग लगने की सूचना, पांच एंबुलेंस पहुंचीं
Delhi Factory Fire : सेंट्रल एक्सीडेंट एंड ट्रॉमा सर्विस (CATS) के अधिकारी राकेश भारद्वाज ने बताया कि आपातकालीन चिकित्सा सेवा को शुक्रवार रात करीब 9:50 बजे मंगोलपुरी औद्योगिक क्षेत्र में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने के बाद चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने के लिए तत्काल एंबुलेंस रवाना की गईं।
उन्होंने पत्रकारों को बताया कि उनकी पांच एंबुलेंस घटनास्थल पर भेजी गई थीं और सभी एंबुलेंस लगभग पांच से सात मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई थीं। चिकित्सा टीमों ने बचाव अभियान के दौरान बाहर निकाले गए लोगों को प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई और करीब छह मरीजों को संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल पहुंचाया, जहां उन्हें भर्ती कराया गया।
राकेश भारद्वाज के मुताबिक, आपातकालीन चिकित्सा टीमों ने सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई की और घायलों को अस्पताल पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जताया गहरा दुख
Delhi Factory Fire : मंगोलपुरी फैक्ट्री अग्निकांड में चार लोगों की मौत की खबर सामने आने के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने शनिवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट साझा कर इस घटना को बेहद दुखद और पीड़ादायक बताया।
मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में लिखा, “मंगोलपुरी में आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में हुई जनहानि अत्यंत दुखद और पीड़ादायक है। इस कठिन घड़ी में मेरी गहरी संवेदनाएं शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। राहत व बचाव कार्य में सभी संबंधित एजेंसियां जुटी हुई हैं। अधिकारियों को घायलों के समुचित उपचार, प्रभावित परिवारों को हरसंभव सहायता और राहत कार्यों में तेजी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। पूरी स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है।”
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि घायलों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। साथ ही, हादसे से प्रभावित परिवारों को आवश्यक मदद उपलब्ध कराई जाए और बचाव एवं राहत कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।
औद्योगिक इकाइयों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
Delhi Factory Fire : मंगोलपुरी की जूता फैक्ट्री में हुए इस हादसे ने एक बार फिर दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। फैक्ट्रियों में आग से बचाव के लिए आवश्यक उपकरण, अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार और सुरक्षा मानकों का पालन कितना जरूरी है, यह हादसा इसकी गंभीरता को रेखांकित करता है।
फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग घटना की जांच में जुटे हैं। बचाव एवं तलाशी अभियान जारी रहने के बीच अधिकारी आग लगने के कारणों और फैक्ट्री में सुरक्षा इंतजामों से जुड़े पहलुओं की पड़ताल कर रहे हैं। जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस हादसे के पीछे वास्तविक वजह क्या थी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।






