नई दिल्ली, 1 फरवरी। Defense Budget India : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में देश की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए रक्षा क्षेत्र के लिए 7.8 लाख करोड़ रुपये का आवंटन किया है। यह राशि पिछले वित्त वर्ष के 6.81 लाख करोड़ रुपये की तुलना में करीब 15 प्रतिशत अधिक है।
Defense Budget India : सेना के आधुनिकीकरण पर फोकस
बजट में रक्षा बलों के लिए सैन्य उपकरणों की खरीद हेतु 2.19 लाख करोड़ रुपये रखे गए हैं। यह पूंजीगत खर्च के अंतर्गत आता है और 2025-26 के 1.80 लाख करोड़ रुपये से लगभग 21.8 प्रतिशत ज्यादा है।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद बढ़ी चौकसी
Defense Budget India : रक्षा बजट में यह बढ़ोतरी ऐसे समय में हुई है, जब हाल ही में कश्मीर में आतंकी हमले के बाद ऑपरेशन सिंदूर चलाया गया और वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव भी बढ़े हैं। यह फैसला सरकार की ‘आत्मनिर्भर भारत’ नीति को मजबूत करता है, जिसमें देश में ही रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग पर जोर दिया जा रहा है।
रक्षा उद्योग को राहत
Defense Budget India : वित्त मंत्री ने प्रस्ताव रखा कि विमानों के रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल (MRO) में इस्तेमाल होने वाले पुर्जों के निर्माण के लिए आयातित कच्चे माल पर बेसिक कस्टम ड्यूटी माफ की जाएगी। इससे घरेलू रक्षा कंपनियों को बड़ी राहत मिलेगी।
राजनाथ सिंह का बयान— सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का संतुलित बजट
Defense Budget India : रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऑपरेशन सिंदूर की ऐतिहासिक सफलता के बाद यह बजट देश की रक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के संकल्प को दर्शाता है। उन्होंने इसे सुरक्षा, विकास और आत्मनिर्भरता का संतुलित मिश्रण बताया।
फाइटर जेट से मिसाइल तक, कैपेक्स बढ़ोतरी का बड़ा कारण
Defense Budget India : कैपेक्स में हुई बढ़ोतरी का मुख्य कारण फाइटर जेट, युद्धपोत, मिसाइल, तोप और एयर डिफेंस सिस्टम जैसे आधुनिक हथियारों और नई पीढ़ी के प्लेटफॉर्म्स पर बढ़ता खर्च है।
रक्षा कंपनियों के लिए खुशखबरी, ऑर्डर बुक में तेजी
Defense Budget India : रक्षा उपकरणों की खरीद के लिए बढ़े बजट से सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र की कंपनियों को फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे पूरे रक्षा सेक्टर में ऑर्डर तेजी से बढ़ सकते हैं।
एचएएल, बीईएल से लेकर ड्रोन स्टार्टअप्स तक को फायदा
सरकारी कंपनियों में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), मजगांव डॉक शिपबिल्डर्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) को सबसे ज्यादा लाभ मिलने की संभावना है। वहीं मिधानी, बीईएमएल, भारत डायनामिक्स जैसी कंपनियों और ड्रोन सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स को भी इस बजट से बड़ा सहारा मिलेगा।







