नई दिल्ली, 17 फरवरी। CBSE Board Exams : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की बहुप्रतीक्षित बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से भारत सहित 26 देशों में शुरू हो गईं। इस वर्ष 43 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं दसवीं और बारहवीं की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं।
पहले ही दिन 10वीं के विद्यार्थियों ने गणित (स्टैंडर्ड और बेसिक) का पेपर दिया, जबकि 12वीं के छात्रों की परीक्षा बायोटेक्नोलॉजी और एंटरप्रेन्योरशिप विषय में आयोजित की गई।
CBSE Board Exams : 43 लाख से ज्यादा छात्र परीक्षा में शामिल
बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष कुल 43,67,870 छात्र परीक्षा दे रहे हैं।
- 10वीं कक्षा: 25 लाख से अधिक छात्र
- 12वीं कक्षा: 18,59,551 छात्र
दोनों कक्षाओं की परीक्षाएं सुबह 10:30 बजे शुरू हुईं और दोपहर 1:30 बजे तक चलीं। बोर्ड के निर्देशानुसार छात्रों को सुबह 10 बजे तक परीक्षा केंद्र में प्रवेश अनिवार्य था। 10 बजे के बाद प्रवेश बंद कर दिया गया, जिसके चलते विद्यार्थी आधा से एक घंटा पहले ही केंद्रों पर पहुंच गए।
पहले दिन गणित की चुनौती
CBSE Board Exams : पहले दिन गणित की परीक्षा होने से कई छात्रों ने इसे चुनौतीपूर्ण शुरुआत माना। नई दिल्ली के एक परीक्षा केंद्र पर पहुंचे छात्र विनीत जायसवाल ने कहा कि उनकी तैयारी पूरी है और प्री-बोर्ड में भी प्रदर्शन अच्छा रहा, लेकिन पहले दिन गणित का पेपर होना बड़ी चुनौती है।
छात्रा दीप्ति सक्सेना ने बताया कि शुरुआत में गणित की परीक्षा कठिन जरूर है, लेकिन इसके बाद बाकी पेपर अपेक्षाकृत सहज लगेंगे और तनाव कम हो जाएगा।
पूर्वी दिल्ली के एक अन्य केंद्र पर मौजूद छात्र गौरांग ने उत्साह जताते हुए कहा कि गणित उनका पसंदीदा विषय है और वे पहले ही दिन अपना सर्वश्रेष्ठ देने को तैयार हैं।
बोर्ड और स्कूलों के लिए सख्त निर्देश
CBSE Board Exams : सीबीएसई ने परीक्षा 2026 के मद्देनजर सभी संबद्ध स्कूलों को सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। परीक्षा नियंत्रक डॉ. संयम भारद्वाज ने स्पष्ट किया है कि प्रश्नपत्र से संबंधित किसी भी आपत्ति या सुझाव को निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसी दिन भेजना अनिवार्य है।
बोर्ड ने यह भी देखा है कि कई स्कूल गलत ईमेल आईडी पर शिकायत भेज देते हैं या परीक्षा के कई दिन बाद आपत्ति दर्ज कराते हैं। कई शिकायतें अस्पष्ट होती हैं, जिनमें त्रुटि का स्पष्ट विवरण नहीं होता।
बोर्ड ने दोहराया है कि प्रश्नपत्र से जुड़ी किसी भी समस्या को स्पष्ट और निर्धारित माध्यम से उसी दिन साझा किया जाए, ताकि समय पर समाधान हो सके।
इस तरह देश और दुनिया के विभिन्न केंद्रों पर कड़ी निगरानी और व्यवस्थाओं के बीच CBSE की बोर्ड परीक्षाओं का आगाज शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित ढंग से हुआ।







