ओम वर्मा, पटना। Bihar voting : लोकतंत्र की फ़िज़ा में इस बार बिहार ने एक नया अध्याय लिखा है। 1952 के बाद पहली बार राज्य में इतनी बड़ी संख्या में लोगों ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें दिखीं, महिलाओं और युवाओं में उत्साह देखने लायक था। यह नज़ारा दर्शाता है कि बिहार में लोकतंत्र के प्रति विश्वास और जनभागीदारी लगातार मजबूत हो रही है। पहले चरण में आज 121 सीटों पर मतदान हुआ। तीन करोड़ से ज्यादा मतदाताओं ने 45 हजार से अधिक केंद्रों पर वोट डाले। चुनाव आयोग ने कहा कि रिकार्डतोड़ वोटिंग हुई है। पिछले विधानसभा चुनाव 2020 में 57 फीसदी से अधिक वोट पड़े थे। इस हिसाब से देखा जाए तो इस बार का वोटिंग ट्रेंड बदल चुका है।
1314 प्रत्याशियों का भाग्य ईवीएम में कैद
Bihar voting :आज के वोटिंग के बाद 1314 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद हो गई। इसमें दोनों उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा और सम्राट चौधरी शामिल हैं। वहीं इस लिस्ट में 16 मंत्रियों के नाम भी शामिल हैं।

शांतिपूर्ण रहा मतदान
Bihar voting : मुख्य निर्वाचन अधिकारी सीईओ विनोद सिंह गुंजियाल ने बताया कि कुछ छिटपुट घटनाओं को छोड़ दें तो मतदान शांतिपूर्वक रहा।
1952 में पड़े थे इतने वोट
Bihar voting : बिहार में इससे पहले 1952 में सर्वाधिक वोट पड़े थे। 1952 में हुए चुनाव में 42—06 फीसद, 1957 में 43—24, 1962 में 44—47 प्रतिशत वोटिंग हुई थी। 1967 में 51—51, 1969 में 52—79, 1972 में 52—79, 1977 में 50—51, 1980 में 57—28, 1985 में 56—27, 1990 में 62—04, 1995 में 61—79 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने अधिकार का प्रयोग किया।
2000 में पड़े थे इतने वोट
Bihar voting : निर्वाचन आयोग की मानें तो सन 2000 में सर्वाधिक 62—57 प्रतिशत, 2005 में 46—05, 2005 अक्टूबर में 45—85 प्रतिशत और 2010 में 52—73 प्रतिशत वोट पड़े। इसके बाद 2015 में 56—91 तो 2020 में 57—29 प्रतिशत वोटिंग हुई। अगर लोकसभा चुनाव की बात करें तो 1998 में सबसे ज्यादा 64—06 प्रतिशत वोट पड़े थे। ऐसे में देखा जाए तो इतिहास में पहली बार बिहार में इस बार वोटिंग हुई है। जो जनता और लोकतंत्र की ताकत को दिखाती है।

छह देशों के प्रतिनिधियों ने देखी चुनाव प्रक्रिया
Bihar voting : बिहार में पहली बार अंतरराष्ट्रीय चुनाव आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) के तहत दक्षिण अफ्रीका, इंडोनेशिया, थाईलैंड, फिलीपींस, बेल्जियम और कोलंबिया यानी छह देशों के प्रतिनिधियों ने चुनाव की प्रक्रिया देखी। प्रतिनिधियों ने चुनाव प्रक्रिया को देख कर कहा कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सबसे पारदर्शी, सुव्यवस्थित, कुशल और सहभागी चुनावों में से एक है।
एक दिन पहले ही पहुंच गए थे केंद्रों पर कर्मचारी
Bihar voting :मतदान की पूर्व संध्या पर बुधवार रात 11.20 बजे तक ही 4 लाख से अधिक मतदान कर्मचारी अपने-अपने मतदान केंद्रों पर पहुंच गए थे। चुनाव के लिए 1,314 उम्मीदवारों की ओर से नियुक्त 67,902 से ज़्यादा मतदान एजेंटों की मौजूदगी में आज सुबह 7 बजे से पहले मॉक पोल पूरे हो गए और सभी 45,341 मतदान केंद्रों पर एक साथ शांतिपूर्ण वोटिंग शुरू हुई।

बेगूसराय में सर्वाधिक वोटिंग
Bihar voting : आज 18 जिलों के 121 सीटों पर हुए चुनाव में सबसे ज्यादा बेगूसराय में 67—32 प्रतिशत मतदान हुआ। गोपालगंज में 64—96, मुजफ्फरपुर में 65—96 तो पटना में 55—02 प्रतिशत वोटिंग हुई। रात 8 बजे तक भोजपुर जिले में 53—24 फीसद मतदान हुआ। राघोपुर में 64—01 प्रतिशत मतदान हुआ।







