संवाददाता, पटना। Bihar : नालंदा जिले के डायट नूरसराय में यौन उत्पीड़न कांड का मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस मामले को अब जनसुराज ने उठाया है और आरोपी व्याख्याता और मामले की लीपापोती में संलिप्त प्रभारी प्राचार्य के खिलाफ कानूनी एवं विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रदेश प्रवक्ता डॉ अमित पासवान ने कहा कि बिहार में अति पिछड़ा वर्ग के लोगों को किस प्रकार शोषण का निशाना बनाया जा रहा है। इसका ताजा उदाहरण मुख्यमंत्री के गृह जिले के शिक्षा विभाग द्वारा संचालित जिला शिक्षण एवं प्रशिक्षण संस्थान जिसे ( डायट ) कहा जाता है, यहां मिलता है। अति पिछड़ा वर्ग के हितों की बात को रखने वाली हमारी पार्टी के संज्ञान में आया कि डायट नालंदा, नूरसराय के संस्थान के पुरुष छात्रावास के वार्डन राहुल कुमार , व्याख्याता के विरुद्ध संस्थान में कार्यरत संविदा मेस कमियों, सुरक्षा गार्ड और कंप्यूटर प्रशिक्षक ने विगत 2 वर्षों से यौन शोषण करने का आरोप लगाया है।
Bihar : यह घटना 19 मई 2025 की है। जब करीब 8 लोगों ने संस्थान के प्रभारी प्राचार्य से मिलकर शिकायत की। प्रभारी फरहत जहां ने अपने संस्थान के कंप्यूटर ऑपरेटर से अपने मनमाफिक शिकायत को लिखवा कर उन्हें चलता कर दिया।
राहुल कुमार द्वारा किए गए इस जघन्य कांड जो मुजफ्फरपुर बालिका गृह कांड जैसा है का भांडा फूटने के बाद संस्थान के ही दो और सुरक्षा गार्ड , संविदा के दो अन्य कर्मी, एक पेंटर भी सामने आकर प्रभारी प्राचार्या को शिकायत दर्ज करवाया। प्रभारी ने इनसे भी अपने मन माफिक परिवाद लिखवाया ताकि इस घिनौना कृत्य पर पर्दा डाला जा सके।
इस पूरी भयावह घटना जो दो वर्षों से चली आ रही थी, इसके लीपापोती के लिए राहुल कुमार से मात्र स्पष्टीकरण पूछकर 24.05.25 को वार्डन के पद से हटा दिया गया। परन्तु, प्रभारी प्राचार्य फरहत जहां द्वारा इस शर्मनाक घटना पर पर्दा डालने का काम किया गया और उसके खिलाफ कानूनी अथवा विभागीय कार्रवाई करने विभाग या स्थानीय पुलिस को सूचना नहीं नहीं दी गई।
Bihar :वार्डन राहुल कुमार को बचाने के लिए केवल उसे संस्थान से ट्रांसफर करने के लिए 3 जून 2025 को निदेशक, एस सी ई आर टी, सज्जन आर साहब को एक ईमेल किया गया। जो उनके द्वारा नहीं देखा गया क्योंकि वे तरीना पर मसूरी में थे।
ऐसे मामले में विस्तृत जांच प्रतिवेदन से विभाग को अवगत कराना जरूरी था जो मालाफाइड इंटेंशन के कारण प्रभारी प्राचार्य फरहत जहां द्वारा नहीं किया गया। आपको अवगत कराना चाहते है कि पीड़ितों में अधिकांश ई बी सी वर्ग के गरीब कर्मचारी हैं जो दो वर्षों से राहुल कुमार का शोषण सहते रहे।
उन्होंने कहा कि कोई कारवाई न होते देख अति पिछड़ों के हितों का ख्याल रखने वाला एक प्रतिनिधिमंडल डॉयरेक्टर, एस सी ई आर टी से 09 जून 2025 को मिला तो निदेशक साहब को मामले की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने हमारे समक्ष ही इस घटना का जायजा दूरभाष पर प्रभारी प्राचार्य से लिया तो पाया कि घटना शत प्रतिशत सही है और रिपोर्ट तक नहीं सौंपा गया है। उनके द्वारा तत्काल 9 जून 2025 को ही त्रि सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया जो 10 जून 2025 को स्थलीय जांच की है। परन्तु, आज तक कोई कारवाई की सूचना अप्राप्त है।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि इसी बीच हमारे संज्ञान में यह भी आया है कि दो वर्ष पूर्व संस्थान की एक छात्रा और उसके माता पिता द्वारा वार्डन राहुल कुमार के विरुद्ध यौन शोषण के आरोप लगाए गए थे परंतु, महिला होते हुए भी प्रभारी फरहत जहां द्वारा इस मामले को दबा दिया गया था।
महिला छात्रावास में रहते हैं पुरुष
Bihar : जब इस मामले को शिक्षा विभाग के स्तर पर उठाया गया है तो विभिन्न प्रमुख प्रिंट मिडिया के द्वारा इस गंभीर खबर को प्रमुखता से छापा गया है। हमारे संज्ञान में यह तथ्य भी सामने आया है कि संस्थान के महिला छात्रावास के चार पांच कमरों में अवैध ढंग से पुरुष रहते हैं। शराब की खाली बोतले भी वहां पर देखी गई हैं।
संस्थान की महिला छात्रावास की वार्डन अर्चना यादव कैंपस में नहीं रहती हैं और पुरुष छात्रावास वार्डन राहुल कुमार द्वारा ही महिला छात्रावास का संचालन किया जाता रहा है। प्रभारी प्राचार्य फरहत जहां द्वारा नियमों के विपरीत संस्थान में महिला सुरक्षा से खिलवाड़ खिलवाड़ किया जाता रहा है।
नहीं हुई कोई कार्रवाई
Bihar : प्रभारी प्राचार्य फरहत जहां द्वारा नामांकन प्रभारी के बतौर वर्ष 2021- 22 सेशन में 7 ई बी सी वर्ग के छात्रों के साथ नामांकन में हकमारी की गई है। इस संबंध में डी पी ओ शिक्षा नालंदा के जांच रिपोर्ट में उन्हें दोषी पाया गया परंतु आज तक प्रभारी प्राचार्य के विरुद्ध कोई कारवाई नहीं हुई।
सरकार से की यह मांग
जनसुराज ने सरकार से मांग की कि बालिका शेल्टर गृह जैसे इस गंभीर मामले में जो मुख्यमंत्री के गृह जिला से जुड़ा है, में तत्काल संज्ञान लेते हुए उच्च स्तरीय एस आई टी जांच का आदेश दिया जाए। आरोपित व्याख्याता राहुल कुमार और सामान रूप से कसूरवार प्रभारी प्राचार्य फरहत जहां, संस्थान के जांच समिति के प्रमुख पुष्कर कुमार को तत्काल निलंबित किया जाए और अपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए।
संस्थान में डी एल एड नामांकन में ई बी सी छात्रों के साथ हुई हकमारी के लिए फरहत जहां के विरुद्ध अधिनियम 1991 की धारा 12के तहत संज्ञान लेते हुए अपराधिक मुकदमा दर्ज किया जाए







