संवाददाता, बिहार शरीफ। Bihar : बिहार में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है, यह तो पूरा देश जान रहा है। लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले में ऐसा हो जाएगा, इसकी कल्पना शायद ही किसी ने की होगी। ऐसी गंदी हरकत की खबर सुन कर आप आग बबूला हो जाएंगे। गुस्सा आएगा। साथ ही सोचने पर मजबूर हो जाएंगे कि हमारा राज्य किस ओर जा रहा है।
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण केंद्र यानी डायट नालंदा के व्याख्याता सह पुरुष छात्रावास वार्डन राहुल कुमार पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। यह मामला उस समय तूल पकड़ लिया जब कार्रवाई करने के बजाय सिर्फ लीपापोती कर दी गई। दो वर्ष पूर्व एक छात्रा ने भी राहुल कुमार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। तब भी उस मामले को दबा दिया गया था। बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अत्यंत पिछड़ा वर्ग विभाग ने इस मामले को लपक लिया है। इसके प्रदेश अध्यक्ष शशि भूषण पंडित ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
ऐसे खुला मामला
Bihar : यह मामला तब प्रकाश में आया, जब डायट संस्थान के कुछ कर्मचारियों ने राहुल कुमार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए शिकायत की। प्रेस कान्फ्रेंस कर शशि भूषण पंडित ने बताया कि मुख्यमंत्री के गृह जिले के डायट नालंदा, नूरसराय में पदस्थापित व्याख्याता और पुरुष छात्रावास का वार्डन डॉ राहुल कुमार पिछले कई वर्षों से छात्रा और वहां के मेस वर्करों के साथ यौन उत्पीड़न जैसे घिनौने काम में संलिप्त हैं। इनके आपत्तिजनक और घिनौने कृत्य पर संस्था की प्रभारी प्राचार्य डॉ फरहत जहां ने पर्दा डालने का काम किया।
कर्मचारियों को करता था भयाक्रांत
Bihar : उन्होंने कहा कि पार्टी के संज्ञान में आया है कि राहुल कुमार व्याख्याता के विरुद्ध संस्थान के मेस में कार्यरत पुरुष मेसकर्मी, संस्थान में कार्यरत सुरक्षा गार्ड और संविदा पर कार्यरत कुछ कर्मचारियों ने यौन उत्पीड़न और मानसिक रूप से भयाक्रांत करने का आरोप लगाया है। इन कर्मियों का दर्द है कि वार्डन राहुल कुमार दो वर्षों से अपने रुतबा और पद का धौंस दिखाकर रात में छात्रावास में आकर ऐसे अवांछित हरकत करते आ रहे हैं जो यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आता है। ये सभी पीड़ित कर्मचारी अति पिछड़ा वर्ग, दलित और अल्पसंख्यक वर्ग से संबंध रखते हैं और अत्याचार को सह रहे हैं।
संस्थान की प्रभारी प्राचार्य से की थी शिकायत
विवश होकर इन कर्मचारियों ने 19 मई को संस्थान की प्रभारी प्राचार्य फरहत जहां से मिलकर शिकायत की। संस्थान की प्रभारी प्राचार्य ने उल्टा इन्हें ही धमकाते हुए अपने कंप्यूटर आपरेटर से अपने मन माफिक परिवाद लिखवा कर उन्हें टाल दिया। इसके बाद महज खानापूर्ति करते हुए 21 मई 2025 को राहुल कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गई। इस मामले की सूचना पुलिस को नहीं दी गई।
बिहार प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अत्यंत पिछड़ा वर्ग विभाग के अध्यक्ष ने कहा है कि इस घिनौने मामले, जो मुजफ्फरपुर बालिका गृह जैसा कांड है, में एसआइटी से निष्पक्ष जांच का आदेश दिया जाए। प्रभारी प्राचार्य डॉ फरहत जहां और राहुल कुमार, व्याख्याता को तत्काल निलंबित करते हुए संस्थान से हटाकर कानूनी कार्रवाई का आदेश दिया जाए। साथ ही पीड़ितों को विभाग के द्वारा उचित मुआवजा दिया जाए। इन्हें काम से नहीं हटाया जाए। नियम विरुद्ध प्रतिनियुक्त व्याख्याता को संस्थान से हटाया जाए। इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में कांग्रेस सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगी।
जांच टीम ने कर्मचारियों से की पूछताछ
Bihar : यौन उत्पीड़न के इस मामले ने तूल पकड़ा तो जांच के लिए 9 जून को राज्य शिक्षा शोध व प्रशिक्षण परिषद ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन किया। इस टीम में राज्य शिक्षा शोध व प्रशिक्षण परिसर की संयुक्त निदेशक सुषमा कुमारी, विभाग प्रभारी डॉ स्नेहाशीष दास व डीईओ राजकुमार शामिल थे। यह टीम हाल ही में डायट पहुंची। कर्मचारियों से पूछताछ की। पुरुष गार्ड व प्राचार्य ने घटना की जानकारी ली। बताते चलें कि राहुल कुमार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगने के बाद उन्हें पुरुष छात्रावास के प्रभारी से हटा दिया गया था।
प्राचार्य ने यह कहा
डायट की प्राचार्य डॉ फरहत जहां ने कहा कि जांच के लिए सात सदस्यीय टीम का गठन किया गया। उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गई थी। जांच रिपोर्ट 3 जून को विभाग को भेज दी गई थी।
डॉ राहुल खुद को बता रहे बेकसूर
Bihar : जरा थेथरई देखिए। जब राहुल कुमार से स्पष्टीकरण मांगा गया तो उन्होंने खुद को बेकसूर बता दिया। खुद को बचाने के लिए उल्टा कर्मचारियों पर ही कई आरोप जड़ दिए। राहुल कुमार ने कहा कि महिला छात्रावास की वार्डन रात में परिसर में नहीं रहती हैं। केवल वह ही रात को भी परिसर में रहते हैं। पुरुष व महिला दोनों छात्रावासों की देखरेख करते हैं। मेस के कर्मचारी, सुरक्षा गार्ड ने छात्रावास के कमरों पर कब्जा कर लिया है। मेन्यू के अनुसार खाना नहीं दिया जाता है। नाइट गार्ड दरवाजा बंद कर सो जाते हैं। कर्मियों के कमरे के पास शराब की बोतलें भी मिली हैं। इन सबकी शिकायत करने के कारण ही उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
दो वर्ष पहले भी लगा था यौन उत्पीड़न का आरोप
ज्ञात हो कि दो वर्ष पहले डायट में प्रशिक्षण प्राप्त कर रही एक छात्रा ने राहुल कुमार पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया था। छात्रा के परिजनों ने डायट की प्राचार्य डॉ फरहत जहां से मुलाकात कर राहुल कुमार पर कार्रवाई की मांग की थी। तब प्राचार्या ने छात्रा के परिजनों को लोकलाज का भय दिखा कर मामले को शांत कर दिया था।
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







