Bihar School Uniform : आंगनबाड़ी मॉडल पर पोशाक वितरण
पटना, 18 जनवरी। Bihar School Uniform : बिहार सरकार ने एक नई पहल शुरू की है, जिसके तहत प्राथमिक स्कूल के कक्षा 1 से 5 तक के बच्चों को जीविका दीदियों के माध्यम से तैयार पोशाक दी जाएगी। यह योजना आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के पोशाक वितरण मॉडल पर आधारित है।
कार्यक्रम में मंत्रियों ने किया वितरण
Bihar School Uniform : पटना के दशरथ मांझी श्रम एवं नियोजन अध्ययन संस्थान में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार और समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने बच्चों को पोशाक वितरित की। इस अवसर पर दोनों मंत्रियों ने विभागीय अधिकारियों के साथ मिलकर विभिन्न केंद्रों पर छोटे बच्चों को पोशाक देने का काम किया।
स्वरोजगार से जुड़ी महिलाओं को रोजगार का अवसर
Bihar School Uniform : मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि स्वरोजगार प्रोत्साहन योजना के तहत जीविका समूह की 1 करोड़ 54 लाख दीदियों को 10-10 हजार रुपये दिए गए थे। इनमें से जिन दीदियों ने सिलाई मशीन खरीदी, उन्हें पोशाक निर्माण के काम में जोड़ा जाएगा।
इस समय लगभग एक लाख महिलाएं 1,050 केंद्रों के माध्यम से पोशाक बनाने में जुड़ी हुई हैं। आने वाले समय में 5 लाख से अधिक महिलाओं को रोजगार मुहैया कराने की योजना है।

सभी बच्चों को समान पोशाक, पोषण पर ध्यान
Bihar School Uniform : समाज कल्याण मंत्री मदन सहनी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को सप्ताह में दो दिन अंडा और रोजाना दूध दिया जाता है। अब पोशाक मिलने से बच्चों में समानता और एकरूपता आएगी। उन्होंने सहायिका और सेविकाओं से कहा कि उनका मानदेय बढ़ा है, इसलिए उन्हें बच्चों की बेहतर देखभाल करनी चाहिए।
बच्चों को सप्ताह में अलग-अलग मेनू के तहत भोजन देना अनिवार्य होगा, जिससे पोषण में सुधार आएगा।
पायलट से पूर्ण वितरण की तैयारी
Bihar School Uniform : समाज कल्याण विभाग की सचिव बंदना प्रेयसी ने बताया कि कम समय में 50 लाख बच्चों की पोशाक तैयार की जा चुकी है। मार्च 2026 तक सभी केंद्रों के बच्चों को पोशाक मिल जाएगी। इसके बाद अगले वर्ष के लिए तैयारी शुरू होगी। योजना के अनुसार, एक बच्चे को साल में दो पोशाक दी जाएगी।
Bihar School Uniform : यह पहल न केवल स्कूली बच्चों के लिए पोशाक वितरण सुनिश्चित करेगी, बल्कि ग्रामीण महिलाओं को रोजगार देने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने का भी अवसर प्रदान करती है। बिहार सरकार की यह योजना समानता, पोषण और महिला सशक्तीकरण को जोड़ती है।







