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Bengal Election Security : पश्चिम बंगाल की ‘किलेबंदी’, चुनाव में 2.4 लाख अर्धसैनिक बल तैनात

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Bengal Election Security: 2.4 Lakh Paramilitary Forces Deployed

Bengal Election Security : बंगाल चुनाव 2026: सुरक्षा के साये में होगा मतदान

कोलकाता, 7 अप्रैल। Bengal Election Security : पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर इस बार सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व स्तर तक मजबूत किया गया है। चुनाव को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से राज्य में अब तक की सबसे बड़ी अर्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है। प्रशासन और चुनाव आयोग इस बार किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या हिंसा की आशंका को पूरी तरह समाप्त करने के लिए अत्यधिक सतर्क और सक्रिय नजर आ रहे हैं।

2,400 अर्धसैनिक कंपनियां तैनात

Bengal Election Security :  प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूरे राज्य में लगभग 2,400 अर्धसैनिक कंपनियों को तैनात किया गया है। इन कंपनियों में शामिल जवानों की कुल संख्या करीब 2,40,000 बताई जा रही है। यह आंकड़ा अपने आप में रिकॉर्ड है, क्योंकि पिछले विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार अर्धसैनिक बलों की तैनाती दोगुने से भी अधिक की गई है। इससे साफ जाहिर होता है कि इस बार चुनाव आयोग और केंद्र सरकार सुरक्षा के मुद्दे पर कोई भी जोखिम लेने के पक्ष में नहीं हैं।

महिला सुरक्षाकर्मियों की भी तैनाती

Bengal Election Security :  सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के लिए इस बार महिला सुरक्षाकर्मियों की तैनाती पर भी विशेष ध्यान दिया गया है। जानकारी के मुताबिक, लगभग 20,000 महिला अर्धसैनिक जवानों को चुनाव ड्यूटी में लगाया गया है, जो करीब 200 कंपनियों के बराबर है। यह अब तक का सबसे बड़ा महिला सुरक्षा बलों का चुनावी उपयोग माना जा रहा है। महिला कर्मियों की मौजूदगी से खासकर महिला मतदाताओं को अधिक सुरक्षित और सहज वातावरण मिलने की उम्मीद है।

सूत्रों के अनुसार, विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों और चुनाव आयोग ने गृह मंत्रालय को यह सुझाव दिया था कि चुनाव के दौरान महिला सुरक्षा बलों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए। इस सिफारिश के बाद ही बड़े पैमाने पर महिला अर्धसैनिक बलों की तैनाती का निर्णय लिया गया, जिससे मतदान केंद्रों पर बेहतर प्रबंधन और संवेदनशील क्षेत्रों में अधिक प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जा सके।

दो चरणों में होंगे चुनाव

अगर चुनाव कार्यक्रम की बात करें तो पश्चिम बंगाल की कुल 294 विधानसभा सीटों पर इस बार केवल दो चरणों में मतदान कराया जाएगा। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को होगा, जिसमें 152 सीटों पर वोट डाले जाएंगे। इसके बाद दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को आयोजित किया जाएगा, जिसमें शेष 142 सीटों के लिए मतदान संपन्न होगा। चुनाव परिणामों की घोषणा 4 मई को की जाएगी, जिसके बाद राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया शुरू होगी।

Bengal Election Security :  गौरतलब है कि इस बार चुनाव 2021 के मुकाबले कम चरणों में आयोजित किए जा रहे हैं। इससे न केवल प्रशासनिक संसाधनों का बेहतर उपयोग संभव होगा, बल्कि मतदाताओं के लिए भी मतदान प्रक्रिया अधिक सरल और सुविधाजनक बनेगी। पूरे राज्य में आदर्श आचार संहिता पहले ही लागू हो चुकी है और चुनाव आयोग हर स्तर पर सख्त निगरानी बनाए हुए है, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।

बंधक प्रकरण की जांच के आदेश

Bengal Election Security :  इस बीच, सुरक्षा से जुड़े एक गंभीर मामले ने भी ध्यान खींचा है। 6 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) को पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में हुई एक घटना की जांच करने का निर्देश दिया है। इस घटना में एसआइआर प्रक्रिया के तहत तैनात सात न्यायिक अधिकारियों को कथित रूप से कालियाचौक स्थित एक बीडीओ कार्यालय में कई घंटों तक बंधक बनाकर रखा गया था। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए शीर्ष अदालत ने विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं।

कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल में इस बार का चुनाव सुरक्षा, निगरानी और प्रशासनिक तैयारी के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण और संवेदनशील माना जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में अर्धसैनिक बलों की तैनाती यह संकेत देती है कि चुनाव को हर हाल में शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

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