Bengal BJP Manifesto : अमित शाह का वार : टीएमसी पर हमला, विकास का नया वादा
कोलकाता, 10 अप्रैल। Bengal BJP Manifesto : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसी बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने शुक्रवार को अपना बहुप्रतीक्षित चुनावी घोषणापत्र जारी कर दिया है, जिसे पार्टी ने पारंपरिक नाम “संकल्प पत्र” की जगह इस बार “भरोसा पत्र” कहा है। यह घोषणापत्र कोलकाता में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा औपचारिक रूप से जारी किया गया।
भविष्य का एक विस्तृत रोडमैप
Bengal BJP Manifesto : कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा कि यह “भरोसा पत्र” केवल एक राजनीतिक दस्तावेज नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल के भविष्य का एक विस्तृत रोडमैप है, जो राज्य को निराशा और अव्यवस्था से निकालकर विकास और सुशासन की दिशा में आगे ले जाएगा। उन्होंने दावा किया कि भाजपा का यह घोषणापत्र “सोनार बंगाल” के सपने को साकार करने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
घोषणापत्र में समाज के लगभग हर प्रमुख वर्ग— महिलाओं, युवाओं, किसानों, मजदूरों, मछुआरों और छोटे व्यापारियों— को ध्यान में रखते हुए कई बड़े वादे और योजनाएं शामिल की गई हैं। इसमें नकद सहायता योजनाएं, रोजगार के नए अवसर, कृषि सुधार, स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और शिक्षा क्षेत्र में बड़े बदलावों का खाका पेश किया गया है।
“कानून का राज” स्थापित करना लक्ष्य
Bengal BJP Manifesto : अमित शाह ने कहा कि भाजपा का उद्देश्य पश्चिम बंगाल में “कानून का राज” स्थापित करना है, जिससे हर नागरिक सुरक्षित और सम्मानित महसूस कर सके। उन्होंने यह भी कहा कि यह दस्तावेज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “विकसित भारत” विजन के अनुरूप तैयार किया गया है और यह राज्य के समग्र विकास का स्पष्ट मार्गदर्शन करता है।
कार्यक्रम के दौरान गृह मंत्री ने राज्य की मौजूदा सत्ताधारी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की जनता ने पहले वामपंथी शासन से परेशान होकर टीएमसी को सत्ता में लाया था, लेकिन बाद में लगातार तीन बार सरकार बदलने के बावजूद जनता की उम्मीदें पूरी नहीं हो सकीं।
लोग चाहते हैं बदलाव
Bengal BJP Manifesto : अमित शाह ने आरोप लगाया कि टीएमसी शासन के दौरान राज्य में “सिंडिकेट राज”, “गुंडाराज” और “अवैध घुसपैठ” जैसी समस्याएं लगातार बढ़ी हैं, जिससे आम जनता असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग पहले परिवर्तन के लिए टीएमसी के साथ खड़े थे, वही आज बदलाव की मांग कर रहे हैं।
भरोसा पत्र में कई वादे
Bengal BJP Manifesto : भाजपा के इस “भरोसा पत्र” में कई बड़े सामाजिक और आर्थिक वादे किए गए हैं। इसमें किसानों के लिए कृषि सहायता, सिंचाई सुधार और फसलों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की बात कही गई है। बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार और प्रशिक्षण योजनाओं के साथ मासिक वित्तीय सहायता देने का वादा किया गया है।
महिलाओं की सुरक्षा पर जोर
Bengal BJP Manifesto : महिलाओं के लिए सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण पर विशेष जोर देते हुए पार्टी ने प्रत्यक्ष नकद सहायता योजना का प्रस्ताव रखा है। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार, मुफ्त टीकाकरण, और गंभीर बीमारियों की स्क्रीनिंग कार्यक्रमों को भी शामिल किया गया है।
घोषणापत्र में यह भी कहा गया है कि केंद्र सरकार की सभी प्रमुख योजनाओं जैसे आयुष्मान भारत योजना को राज्य में पूरी तरह लागू किया जाएगा, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिल सके।
शिक्षा और संस्थागत विकास के तहत उत्तरी बंगाल में AIIMS, IIT और IIM जैसे राष्ट्रीय स्तर के संस्थानों की स्थापना का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि क्षेत्रीय असंतुलन को कम किया जा सके और युवाओं को बेहतर अवसर मिल सकें।
समान नागरिक संहिता
भाजपा ने यह भी घोषणा की है कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। साथ ही धार्मिक स्वतंत्रता और सांस्कृतिक विविधता को सुरक्षित रखने के लिए विशेष कानून बनाए जाने का भी उल्लेख किया गया है।
घुसपैठ पर जीरो टॉलरेंस नीति
Bengal BJP Manifesto : घुसपैठ के मुद्दे पर अमित शाह ने “जीरो टॉलरेंस नीति” अपनाने की बात कही और कहा कि अवैध घुसपैठियों की पहचान कर उन्हें सूची से हटाया जाएगा और देश से बाहर भेजा जाएगा। इसके साथ ही राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए बंगाल को एक प्रमुख औद्योगिक और मछली-निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना भी प्रस्तुत की गई है।
इसके अलावा राज्य कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता (DA) देने, सातवें वेतन आयोग के अनुसार वेतन लागू करने और विभिन्न भाषाओं—जैसे कुर्माली और राजबोंगशी—को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने का भी वादा किया गया है।
अंत में अमित शाह ने कहा कि यह “भरोसा पत्र” केवल वादों का दस्तावेज नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल को एक नए युग में ले जाने का संकल्प है, जिसमें विकास, सुरक्षा, रोजगार और सांस्कृतिक गौरव को प्राथमिकता दी जाएगी।







