ढाका, 21 दिसंबर। Bangladesh Mob Lynching : बांग्लादेश में इकबाल मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देश के कई इलाकों से हिंसा और आगजनी की घटनाएं सामने आई हैं। इसी बीच एक और गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें अल्पसंख्यक हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या कर दी गई।
बांग्लादेशी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मैमनसिंह जिले में हुई इस घटना में ईशनिंदा के आरोपों की पुष्टि करने वाला कोई ठोस सबूत नहीं मिला है। अधिकारियों के अनुसार, ऐसा कोई प्रमाण नहीं है जिससे यह साबित हो कि मृतक ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली कोई टिप्पणी की थी।
मुस्लिम सहकर्मी ने ईशनिंदा का आरोप लगाया था
Bangladesh Mob Lynching : जानकारी के अनुसार दीपू चंद्र दास पर उनकी फैक्ट्री में काम करने वाले एक मुस्लिम सहकर्मी ने ईशनिंदा का आरोप लगाया था। इसके बाद 18 दिसंबर की रात भीड़ ने उन पर हमला कर दिया। हत्या के बाद आरोप है कि शव को पेड़ से लटकाकर आग भी लगा दी गई।
स्थानीय लोगों ने भी नहीं की पुष्टि
Bangladesh Mob Lynching : मैमनसिंह में आरएबी-14 के कंपनी कमांडर एमडी समसुज्जमां ने बांग्लादेशी अखबार द डेली स्टार को बताया कि जांच में यह सामने आया है कि न तो फेसबुक पोस्ट और न ही किसी अन्य माध्यम से मृतक द्वारा कोई आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का प्रमाण मिला है। उन्होंने कहा कि न स्थानीय लोगों और न ही फैक्ट्री के कर्मचारियों ने ऐसी किसी बात की पुष्टि की।
समसुज्जमां के अनुसार, हालात बिगड़ने पर भीड़ ने फैक्ट्री को नुकसान से बचाने के लिए दीपू को जबरन बाहर निकाल दिया था। उन्होंने कहा कि अब तक ऐसा कोई व्यक्ति सामने नहीं आया है जिसने प्रत्यक्ष रूप से मृतक को धर्म के खिलाफ कुछ कहते या करते हुए देखा हो।
पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया
Bangladesh Mob Lynching : इस मामले में वायरल वीडियो सामने आने के बाद पहले दो लोगों को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ के आधार पर पांच और संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। मैमनसिंह के एएसपी मोहम्मद अब्दुल्ला अल मामून ने बताया कि पुलिस तीन अन्य लोगों से भी पूछताछ कर रही है।
कोएचएनए ने घटना की निंदा की
Bangladesh Mob Lynching : इस बीच, कोएलिशन ऑफ हिंदूज ऑफ नॉर्थ अमेरिका (कोएचएनए) ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। संगठन ने बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मीडिया की चुप्पी पर चिंता जताई है। कोएचएनए ने चेतावनी दी कि देश में बढ़ती बर्बरता का सबसे अधिक असर हिंदू समुदाय पर पड़ रहा है।







