नई दिल्ली, 14 नवंबर। Anil Ambani ED probe : रिलायंस एडीएजी समूह के चेयरमैन अनिल डी. अंबानी शुक्रवार को बैंक धोखाधड़ी मामले में दूसरे दौर की पूछताछ के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दिल्ली मुख्यालय नहीं पहुंचे। उन्होंने वर्चुअल रूप से पेश होने का अनुरोध किया था, लेकिन ईडी ने इसे स्वीकार नहीं किया।
सूत्रों के अनुसार, अंबानी ने ईमेल के जरिए वर्चुअल पेशी की इच्छा जताई थी, मगर जांच एजेंसी ने इसे खारिज कर दिया। ईडी ने उन्हें 14 नवंबर को फिर से तलब किया था, जबकि अगस्त में उनसे लगभग नौ घंटे तक पूछताछ की जा चुकी है।
यह है अनिल अंबानी का बयान
Anil Ambani ED probe : अनिल अंबानी की ओर से जारी बयान में कहा गया कि वे ईडी की सभी जांचों में सहयोग करने को तैयार हैं। बयान में स्पष्ट किया गया कि ईडी का समन फेमा जांच से संबंधित है, न कि पीएमएलए से।
कहा— दैनिक प्रबंधन में नहीं थी भूमिका
Anil Ambani ED probe : बयान में यह भी कहा गया कि अनिल अंबानी मार्च 2022 के बाद रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के बोर्ड का हिस्सा नहीं हैं। वह 2007 से 2022 तक गैर-कार्यकारी निदेशक रहे और कंपनी के दैनिक प्रबंधन में उनकी कोई भूमिका नहीं थी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय सामने आया जब ईडी ने नवी मुंबई स्थित धीरूभाई अंबानी नॉलेज सिटी की 132 एकड़ से अधिक जमीन (मूल्य 4,462.81 करोड़ रुपये) अस्थायी रूप से कुर्क की है। इससे पहले ईडी रिलायंस कम्युनिकेशंस, रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस और रिलायंस होम फाइनेंस से जुड़े मामलों में 3,083 करोड़ रुपये से अधिक की 42 संपत्तियां भी जब्त कर चुकी है।







