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Northeast Flood Relief : बाढ़ संकट पर केंद्र का बड़ा भरोसा: पीएम मोदी ने अरुणाचल और नगालैंड को हरसंभव सहायता का दिया आश्वासन

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नई दिल्ली, 30 जुलाई। Northeast Flood Relief :  पूर्वोत्तर भारत के दो प्रमुख राज्यों अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड में लगातार हो रही भारी बारिश और बाढ़ से उत्पन्न गंभीर परिस्थितियों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन राज्यों के सांसदों से मुलाकात कर केंद्र सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया। प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे लोगों को राहत पहुंचाने, पुनर्वास कार्यों को तेज करने और राज्य सरकारों के साथ बेहतर समन्वय बनाए रखने के लिए केंद्र पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करेगा।

यह बैठक संसद भवन में आयोजित हुई, जिसमें दोनों राज्यों के पांच सांसदों ने बाढ़ से प्रभावित इलाकों की मौजूदा स्थिति और राहत कार्यों से जुड़ी चुनौतियों की विस्तृत जानकारी प्रधानमंत्री के सामने रखी। प्रधानमंत्री ने उनकी बातों को गंभीरता से सुना और प्रभावित नागरिकों की सुरक्षा तथा शीघ्र राहत सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिलाया।

प्रधानमंत्री का संदेश—हर नागरिक की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक एक्स (पूर्व ट्विटर) अकाउंट पर जानकारी साझा करते हुए लिखा कि अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड के सांसदों के साथ बाढ़ की स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार संबंधित राज्य सरकारों के साथ मिलकर सभी चुनौतियों का सामना करेगी और प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों को और प्रभावी बनाया जाएगा। साथ ही उन्होंने बाढ़ प्रभावित सभी लोगों के सुरक्षित और स्वस्थ रहने की कामना भी की

प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे समय आया है जब पूर्वोत्तर के कई इलाके लगातार बारिश, बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में केंद्र सरकार की सक्रियता प्रभावित राज्यों के लिए राहत की बड़ी उम्मीद मानी जा रही है।

किरेन रिजिजू के नेतृत्व में सांसदों ने रखी जमीनी हालात की तस्वीर

Northeast Flood Relief : केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू के नेतृत्व में अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड के सांसदों का प्रतिनिधिमंडल प्रधानमंत्री से मिला। इस दौरान सांसदों ने बाढ़ से प्रभावित क्षेत्रों में लोगों को हो रही परेशानियों, क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे, संपर्क मार्गों की स्थिति तथा राहत कार्यों की प्रगति से प्रधानमंत्री को अवगत कराया।

बैठक के बाद किरेन रिजिजू ने भी सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री ने प्रभावित लोगों को समय पर राहत, पुनर्स्थापन और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।

इन सांसदों ने प्रधानमंत्री से की मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में अरुणाचल प्रदेश से लोकसभा सांसद तापिर गाओ और राज्यसभा सांसद ताई तागक शामिल थे। वहीं नगालैंड का प्रतिनिधित्व लोकसभा सांसद एस. सुपोंगमेरेन जमीर तथा राज्यसभा सांसद एस. फांगनोन कोन्याक ने किया।

इनमें एस. सुपोंगमेरेन जमीर कांग्रेस से जुड़े हैं, जबकि अन्य सांसद भारतीय जनता पार्टी से संबंधित हैं। हालांकि बाढ़ जैसी आपदा के मुद्दे पर सभी जनप्रतिनिधि एकजुट होकर केंद्र से सहायता की मांग करने पहुंचे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि प्राकृतिक संकट के समय राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर जनहित को प्राथमिकता दी जा रही है।

तापिर गाओ ने जताया प्रधानमंत्री का आभार

अरुणाचल पूर्व लोकसभा क्षेत्र से सांसद तापिर गाओ ने प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने धैर्यपूर्वक दोनों राज्यों की समस्याओं को सुना और प्रभावित लोगों को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की तत्परता से राहत और पुनर्वास कार्यों को नई गति मिलेगी तथा बाढ़ से प्रभावित हजारों परिवारों को जल्द राहत मिलने की उम्मीद है।

लगातार बारिश से पूर्वोत्तर में गहराया संकट

Northeast Flood Relief : पिछले महीने से अरुणाचल प्रदेश और नगालैंड लगातार भारी वर्षा की चपेट में हैं। तेज बारिश के कारण कई नदियां उफान पर हैं, जिससे अनेक गांवों और कस्बों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। कई स्थानों पर भूस्खलन ने भी हालात को और गंभीर बना दिया है।

इस प्राकृतिक आपदा में कई लोगों की जान जा चुकी है, जबकि हजारों परिवार प्रभावित हुए हैं। सड़कें, पुल, बिजली व्यवस्था और अन्य सार्वजनिक ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं और किसानों की फसलें तथा कृषि भूमि भी बाढ़ की चपेट में आ गई हैं। पशुधन की हानि ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पैदा कर दिया है।

भारतीय वायुसेना चला रही है बड़े स्तर पर राहत अभियान

नगालैंड में भूस्खलन और सड़क संपर्क टूटने के कारण कई इलाके पूरी तरह कट गए हैं। ऐसे क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना राज्य सरकार के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर अभियान चला रही है।

अब तक 300 से अधिक फंसे हुए नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। इसके अलावा खाद्यान्न, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री हेलीकॉप्टरों के माध्यम से दूरदराज के इलाकों में पहुंचाई जा रही है। राहत एजेंसियां लगातार प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय हैं ताकि किसी भी जरूरतमंद तक समय पर सहायता पहुंच सके।

अरुणाचल में केंद्रीय टीम ने किया हवाई और स्थलीय निरीक्षण

हाल ही में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का हवाई और स्थलीय सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने नुकसान का प्रत्यक्ष आकलन किया और स्थानीय प्रशासन से राहत कार्यों की जानकारी ली।

निरीक्षण के बाद शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केंद्र सरकार अरुणाचल प्रदेश को व्यापक सहायता उपलब्ध कराएगी। उन्होंने अधिकारियों को नुकसान का विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए ताकि प्रभावित परिवारों को शीघ्र मुआवजा दिया जा सके।

घर, खेती और पशुधन के नुकसान की भरपाई पर जोर

Northeast Flood Relief : केंद्रीय कृषि मंत्री ने घोषणा की कि जिन परिवारों के घर पूरी तरह बह गए हैं, उनके लिए नए आवास उपलब्ध कराने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा किसानों को फसलों, कृषि भूमि और पशुधन के नुकसान के लिए भी उचित मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य केवल तत्काल राहत उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि प्रभावित परिवारों को फिर से सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहायता देना भी है।

दीर्घकालिक समाधान पर भी होगा काम

अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को राज्य की स्थिति से अवगत करा दिया था। उन्होंने विश्वास जताया कि केंद्र सरकार हरसंभव सहायता प्रदान करेगी और राज्य के साथ मिलकर राहत कार्यों को गति देगी।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वर्तमान संकट से निपटने के साथ-साथ भविष्य में ऐसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रभाव को कम करने के लिए वैज्ञानिक, तकनीकी और दीर्घकालिक रणनीति तैयार की जाएगी। उनका मानना है कि केंद्र और राज्य सरकारों के संयुक्त प्रयासों से प्रभावित क्षेत्रों में जल्द सामान्य स्थिति बहाल होगी और आपदा प्रबंधन की व्यवस्था पहले से अधिक मजबूत बन सकेगी।

jahanvi singh
Author: jahanvi singh

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