नई दिल्ली, 26 जुलाई। Gen Z Nation First : देश के सीमावर्ती इलाकों में बदलाव की नई कहानी अब युवाओं की आवाज बन चुकी है। ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम 2026’ के तहत आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के युवाओं और स्वयंसेवकों से सीधे संवाद किया। इस कार्यक्रम में ‘माई भारत’ के युवाओं ने सीमावर्ती गांवों में अपने अनुभव साझा किए और बताया कि कैसे भारत के सबसे दूरस्थ इलाकों में भी विकास की नई किरण पहुंच रही है।
जेन जी का मतलब केवल पीढ़ी नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण
Gen Z Nation First : कार्यक्रम के दौरान युवा प्रतिनिधि दिव्यांशु जोशी ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी, जिसे आमतौर पर “जेन जी” कहा जाता है, केवल एक आयु वर्ग नहीं बल्कि एक विचारधारा है।
उन्होंने कहा— “हमारे लिए जेन जी का अर्थ है राष्ट्र-निर्माण, चरित्र-निर्माण, सेवा और नवाचार। सरल शब्दों में कहें तो जेन जी का मतलब है — राष्ट्र प्रथम।”
दिव्यांशु ने बताया कि सीमावर्ती गांवों के दौरे के दौरान युवाओं ने न सिर्फ वहां की परिस्थितियों को समझा, बल्कि हर अनुभव को विस्तार से डायरी में दर्ज किया। इन सभी अनुभवों को एक समग्र रिपोर्ट के रूप में तैयार कर जल्द ही प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा।
यह पहल केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश के भविष्य को दिशा देने वाला एक आंदोलन बनती दिख रही है।
हिमालय की कठिन राहों से निकली हौसले की कहानी
Gen Z Nation First : कार्यक्रम में एलएलबी की छात्रा निकिता ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सीमावर्ती हिमालयी क्षेत्रों की यात्रा उनके लिए जीवन का सबसे अनोखा और चुनौतीपूर्ण अनुभव रहा।
उन्होंने कहा— “मैं वहां मेहमान बनकर नहीं गई थी, बल्कि परिवार का हिस्सा बन गई। लोगों ने मुझे अपनी बेटी की तरह अपनाया।”
निकिता ने यह भी बताया कि कैसे दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाली महिलाएं घर, खेती और नौकरी — तीनों जिम्मेदारियों को बखूबी निभा रही हैं। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा—
“उन्हें देखकर मुझे फिल्म का वो मशहूर डायलॉग याद आया — ‘वो स्त्री है, कुछ भी कर सकती है।’”
उनकी यह बात केवल एक संवाद नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत में महिलाओं की बदलती भूमिका का सशक्त उदाहरण है।

गांव की महिलाओं ने बदली विकास की परिभाषा
Gen Z Nation First : निकिता ने अपने दौरे के दौरान महिला सरपंच, निर्वाचित प्रतिनिधियों, महिला किसानों, बुजुर्गों और बच्चों से मुलाकात की। उन्होंने बताया कि अब गांवों में महिलाएं सिर्फ घर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि नेतृत्व और आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।
यह बदलाव केवल सड़क, बिजली या इंटरनेट तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज की सोच में भी गहरा परिवर्तन ला रहा है।
पीएम मोदी का अनुभव : “सीमा से जुड़ा मेरा भी खास रिश्ता”
Gen Z Nation First : निकिता के अनुभवों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा— “निकिता जी, आपको शायद पता होगा कि मैं हर दिवाली हमारे सीमा पर तैनात जवानों के साथ मनाता हूं। 2016 की दिवाली मैं भी सीमा से जुड़े चांगो गांव गया था।”
प्रधानमंत्री ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में देशभक्ति, आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान की भावना बेहद मजबूत होती है।
उन्होंने युवाओं की सराहना करते हुए कहा कि देश के विकास में उनकी भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है और यही ऊर्जा भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ाएगी।
विकसित भारत की ओर युवाओं का बढ़ता कदम
Gen Z Nation First : ‘विकसित वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ केवल बुनियादी सुविधाओं के विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक परिवर्तन का भी माध्यम बन रहा है।
इस कार्यक्रम के जरिए— सीमावर्ती गांवों में युवाओं की भागीदारी बढ़ रही है। स्थानीय समस्याओं के समाधान के लिए नई सोच विकसित हो रही है। महिलाओं और युवाओं को नेतृत्व के अवसर मिल रहे हैं। राष्ट्र निर्माण में जनभागीदारी मजबूत हो रही है।
नई सोच, नया भारत — “राष्ट्र प्रथम” का संकल्प
Gen Z Nation First : आज की युवा पीढ़ी केवल करियर या व्यक्तिगत सफलता तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के विकास में अपनी भूमिका को समझ रही है। “जेन जी = राष्ट्र प्रथम” का संदेश यह दर्शाता है कि आने वाला भारत न सिर्फ विकसित होगा, बल्कि आत्मनिर्भर और जागरूक भी होगा।
सीमाओं से उठी यह आवाज अब पूरे देश में गूंज रही है — युवा जाग चुका है और अब भारत को विकसित राष्ट्र बनने से कोई नहीं रोक सकता।






