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NRI Investment : विदेश में बैठे एनआरआइ अब कर सकेंगे सीधे निवेश, लिमिट बढ़ी 24% तक

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NRI Investment Limit Raised to 24% in India | Budget 2026-27 Highlights

नई दिल्ली, 1 फरवरी। NRI Investment : केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पहली बार रविवार को लोकसभा में बजट 2026-27 पेश किया। इस बजट में एनआरआइ (नॉन-रेसिडेंट इंडियंस) और अन्य विदेशी निवेशकों के लिए भारतीय कंपनियों में व्यक्तिगत निवेश की सीमा बढ़ाने की घोषणा की गई है।

NRI Investment : पहली बार बढ़ी एनआरआइ निवेश लिमिट

पहले एनआरआइ किसी कंपनी के पेड-अप कैपिटल का सिर्फ 5-10% तक ही मालिक हो सकते थे। अब बजट 2026-27 के अनुसार, व्यक्तिगत निवेश की सीमा 10% कर दी गई है। इसके अलावा, सभी एनआरआइ के लिए कुल निवेश लिमिट 24% करने का एलान हुआ है।

विदेशी निवेशकों के लिए सीधा रास्ता खुला

NRI Investment : पहले एनआरआइ को भारतीय इक्विटी में निवेश करने के लिए विदेशी पोर्टफोलियो इनवेस्टर (FPI) या खास एनआरआइ रूट का पालन करना पड़ता था। अब बजट में सुधार करते हुए एनआरआइ और विदेशी नागरिक सीधे भारतीय स्टॉक में निवेश कर सकेंगे, जिससे घरेलू मार्केट में उनकी भागीदारी बढ़ेगी।

विदेशी नागरिकों के लिए बड़ी राहत

NRI Investment : निर्मला सीतारमण ने कहा कि भारत में पांच साल तक रहने वाले विदेशी नागरिकों को नॉन-इंडिया कमाई पर राहत मिलेगी। यह विदेशी निवेशकों और वर्किंग एक्सपैट्स के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।

आयात और विदेश यात्रा पर टैक्स कम
  • व्यक्तिगत आयात पर टैरिफ 20% से घटाकर 10% किया गया।
  • विदेश यात्रा टूर पैकेज पर टीसीएस 5%/20% से घटाकर 2% किया गया।
NRI Investment : इनकम टैक्स में बदलाव और राहत
  • इनकम टैक्स की बुनियादी संरचना पहले जैसी रहेगी।
  • आइटीआर फाइलिंग की अंतिम तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च की जाएगी (सिर्फ मामूली शुल्क पर)।
  • आइटीआर-1 और आइटीआर-2 रिटर्न फाइलिंग की तारीख 31 जुलाई, गैर-ऑडिट कारोबार और ट्रस्ट्स के लिए 31 अगस्त।
  • मोटर दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण से मिलने वाला ब्याज अब इनकम टैक्स से मुक्त और टीडीएस से मुक्त रहेगा।

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