जम्मू, 18 जनवरी। Kishtwar Encounter : जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ जिले के सिंहपोरा इलाके में रविवार को सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच हिंसक मुठभेड़ हुई। अधिकारियों के अनुसार, इलाके में आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने तलाशी और घेराबंदी अभियान (CASO) शुरू किया।
मुठभेड़ के दौरान आतंकवादियों ने छिपकर गोलीबारी की, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी जवाबी कार्रवाई की। अतिरिक्त सुरक्षा बल मौके पर भेजे गए हैं और आतंकवादियों को भागने से रोकने के लिए पूरे इलाके की कड़ी घेराबंदी की गई है।
Kishtwar Encounter : जम्मू के पहाड़ी जिलों में बढ़ी सतर्कता
किश्तवाड़ सहित जम्मू मंडल के पहाड़ी जिले—कठुआ, पुंछ, राजौरी, डोडा, उधमपुर और रियासी—खुफिया रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तानी आतंकवादियों की गतिविधियों की निगरानी में हैं। पिछले कुछ महीनों में कई बार संयुक्त सुरक्षा बलों ने इन जिलों में आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ की, लेकिन घने जंगल और रात का अंधेरा आतंकवादियों को भागने में मदद करता रहा।
केंद्र ने की उच्चस्तरीय समीक्षा
Kishtwar Encounter : 8 जनवरी को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में जम्मू और कश्मीर की सुरक्षा पर उच्चस्तरीय बैठक हुई। इसमें पहाड़ी जिलों में आतंकवादियों की मौजूदगी और एलओसी/आइबी के पार से घुसपैठ की रोकथाम पर चर्चा की गई। गृह मंत्री शाह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि आतंकवादियों को खत्म करने और सीमा पार से घुसपैठ रोकने के लिए समन्वित और खुफिया आधारित अभियान चलाए जाएं।
सुरक्षा ढांचा: एलओसी और अंतरराष्ट्रीय सीमा
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) 740 किलोमीटर लंबी है और अंतरराष्ट्रीय सीमा (आइबी) 240 किलोमीटर लंबी।
एलओसी: सेना द्वारा कश्मीर घाटी के बारामूला, कुपवारा और बांदीपोरा जिलों में सुरक्षित।
आइबी: सीमा सुरक्षा बल (BSF) जम्मू, सांबा और कठुआ जिलों में अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा करता है।







