IPAC ED Case : आइ-पैक छापे पर सियासी तूफान
नई दिल्ली, 15 जनवरी। IPAC ED Case : आइ-पैक से जुड़े छापेमारी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान ईडी की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने दावा किया कि मुख्यमंत्री स्वयं इस मामले में आरोपित हैं और पश्चिम बंगाल के डीजीपी ने जांच में सहयोगी की भूमिका निभाई।
छापेमारी के दौरान दस्तावेज गायब होने का दावा
IPAC ED Case : एसजी तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि ईडी अधिकारियों को छापेमारी स्थल पर कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की जानकारी मिली थी, जो जांच के दायरे में थे। स्थानीय पुलिस को छापे की सूचना पहले ही दे दी गई थी, इसके बावजूद मुख्यमंत्री कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से वहां पहुंचीं और जांच से जुड़े दस्तावेज अपने साथ ले गईं।
उन्होंने कहा कि जांच में बाधा डालने वालों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट को कड़ा आदेश देना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगे और यह एक नजीर बने।
12:15 बजे दस्तावेज लेकर चली गईं मुख्यमंत्री : ईडी
ईडी की ओर से यह भी कहा गया कि छापेमारी के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी परिसर में दाखिल हुईं, कानून-व्यवस्था का उल्लंघन किया और सभी डिजिटल डिवाइस तथा तीन आपत्तिजनक दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। एसजी मेहता ने कहा कि दोपहर 12:15 बजे मुख्यमंत्री वहां से चली गईं, जिससे जांच प्रक्रिया को गंभीर नुकसान पहुंचा।
एफआइआर और सीबीआइ जांच की मांग
मामले में एएसजी एसवी राजू ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने की मांग की। उन्होंने कहा कि एफआइआर के लिए केवल संज्ञेय अपराध का प्रथम दृष्टया मामला होना पर्याप्त है और यह मामला चोरी व लूट से जुड़ा है।
साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए इस पूरे मामले की सीबीआइ जांच कराने की मांग सुप्रीम कोर्ट से की।
टीएमसी की ओर से कपिल सिब्बल का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने ईडी के आरोपों पर कड़ा विरोध जताया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आइ-पैक के पास पार्टी का गोपनीय चुनावी डेटा मौजूद है तो चुनाव के बीच ईडी वहां क्यों पहुंची?
उन्होंने यह भी पूछा कि कोयला घोटाले में अंतिम बयान 24 फरवरी 2024 को दर्ज हुआ था, उसके बाद ईडी क्या कर रही थी और अब अचानक चुनाव के दौरान इतनी सक्रियता क्यों दिखाई गई।
“सीएम सिर्फ अपना लैपटॉप और आईफोन ले गईं”
IPAC ED Case : कपिल सिब्बल ने दस्तावेज चोरी के आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ईडी सुबह 6:20 बजे पहुंची थी, जबकि मुख्यमंत्री दोपहर 12 बजे वहां आईं और 12:15 बजे चली गईं। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री केवल अपना निजी लैपटॉप और आईफोन लेकर गई थीं, न कि कोई जांच से जुड़ा दस्तावेज।
लंच के बाद फिर होगी सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
आइ-पैक छापेमारी मामले में तीखी बहस के बीच सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया है कि इस केस की दोबारा सुनवाई लंच के बाद की जाएगी। राजनीतिक और कानूनी हलकों में इस मामले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।







