Makar Sankranti Ghats : हर-हर गंगे से गूंज उठी नगरी
वाराणसी, 15 जनवरी। Makar Sankranti Ghats : मकर संक्रांति के पावन पर्व पर धर्मनगरी वाराणसी में आस्था का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। तड़के सुबह से ही गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। संगम से लेकर काशी और वाराणसी के प्रमुख घाट भक्तों से खचाखच भरे रहे। हर ओर ‘हर-हर गंगे’ के जयघोष, मंत्रोच्चार और धार्मिक उत्साह का वातावरण छाया रहा।
आस्था की डुबकी, पुण्य का संकल्प
Makar Sankranti Ghats : श्रद्धालु गंगा में पवित्र स्नान कर अपने जीवन को पुण्य से भरने में जुटे दिखे। दूर-दराज से आए भक्तों ने आस्था और श्रद्धा के साथ डुबकी लगाई और भगवान से सुख-समृद्धि की कामना की।
रात से ही शुरू हो गया था पर्व
Makar Sankranti Ghats : टूरिस्ट गाइड विवेकानंद पांडे ने बताया कि मकर संक्रांति की शुरुआत रात 9:35 बजे से हो चुकी थी। इसी कारण अलसुबह से ही श्रद्धालु काशी के घाटों पर पहुंचने लगे। उन्होंने कहा कि आज का दिन अत्यंत शुभ माना जाता है, क्योंकि इसी दिन से मांगलिक कार्यों की शुरुआत होती है।
दान-पुण्य और खिचड़ी का विशेष महत्व
Makar Sankranti Ghats : मकर संक्रांति के अवसर पर श्रद्धालु खिचड़ी, तिल, मिष्ठान और अन्न का दान करते नजर आए। लोगों ने धार्मिक अनुष्ठानों के साथ जरूरतमंदों को दान देकर पुण्य अर्जित किया।
अयोध्या और गाजीपुर में भी दिखी आस्था की झलक
Makar Sankranti Ghats : अयोध्या के सरयू घाट पर भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। भक्त अशोक कुमार पाल ने बताया कि वह राम जन्मभूमि और कौशल्या माता के घर दर्शन के लिए आए हैं। उन्होंने कहा कि तिल से बनी मिठाइयों का दान सामाजिक एकता और भाईचारे का प्रतीक है।
वहीं, गाजीपुर में भी गंगा घाटों पर हजारों श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया। श्रद्धालु संध्या वर्मा ने बताया कि एकादशी के कारण पर्व 15 जनवरी को मनाया जा रहा है और यह परंपरा सनातन काल से चली आ रही है।
बच्चों से बुजुर्गों तक, हर उम्र का उत्साह
श्रद्धालु संजय कुमार वर्मा ने बताया कि सुबह से ही घाटों पर जबरदस्त भीड़ है। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर वर्ग के लोग गंगा स्नान कर पर्व को उल्लासपूर्वक मना रहे हैं।
गंगा स्नान से सकारात्मक ऊर्जा का संचार
Makar Sankranti Ghats : पुजारी कन्हैया पांडे ने कहा कि मकर संक्रांति पर गंगा स्नान का विशेष धार्मिक महत्व है। सूर्य की प्रकाश किरणों में स्नान करने से व्यक्ति पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। इस दिन लोग स्नान, दान, पूजा-पाठ के साथ खुशियां मनाते हैं और अपने परिजनों से मिलने जाते हैं।
परंपरा, श्रद्धा और उल्लास का पर्व
Makar Sankranti Ghats : मकर संक्रांति पर काशी, अयोध्या और गाजीपुर में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ ने यह साबित कर दिया कि यह पर्व केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन परंपरा, आस्था और सामाजिक एकता का जीवंत उत्सव है।







