नई दिल्ली, 2 जनवरी। Umar Khalid Letter : दिल्ली दंगों के मामले में जेल में बंद पूर्व छात्र नेता उमर खालिद को न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी द्वारा लिखे गए पत्र के सामने आने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है। यह पत्र ऐसे समय सामने आया है, जब एक जनवरी को जोहरान ममदानी ने न्यूयॉर्क के मेयर के रूप में शपथ ली। पत्र के सार्वजनिक होने के बाद उमर खालिद के पिता और एआइएमपीएलबी के प्रवक्ता सैयद कासिम रसूल इलियास ने बताया कि उनकी मेयर ममदानी से पहले ही मुलाकात हो चुकी थी और उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा दिया था।
सैयद कासिम रसूल इलियास ने बताया कि 9 तारीख को उनकी न्यूयॉर्क में जोहरान ममदानी से मुलाकात हुई थी। उन्होंने बताया कि वे न्यूयॉर्क में मौजूद थे और मिलने के लिए समय मांगा था, जिसे ममदानी ने स्वीकार किया। यह मुलाकात करीब 25 मिनट तक चली।
Umar Khalid Letter : जेल डायरी को पढ़कर सुनाया था
उन्होंने कहा कि जोहरान ममदानी ने उमर खालिद के नाम एक पत्र लिखा, जिसके लिए उन्होंने उनका आभार जताया। इलियास ने यह भी बताया कि दो साल पहले ममदानी ने उमर खालिद की जेल डायरी को सार्वजनिक रूप से पढ़कर सुनाया था, जिसके लिए भी उन्होंने धन्यवाद दिया।
उमर को लेकर गहरी चिंता जताई थी
Umar Khalid Letter : उमर खालिद के पिता ने बताया कि मेयर ममदानी ने उमर को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि एक प्रतिभाशाली युवा, जिसने सीएए और एनआरसी के खिलाफ आंदोलन किया और आदिवासियों व दलितों के मुद्दे उठाए, उसे बिना ट्रायल शुरू हुए और बिना जमानत के पांच साल तक जेल में रखना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। ममदानी ने उनसे पूछा कि वे इस मामले में क्या कर सकते हैं, जिस पर उन्होंने जवाब दिया कि बस दुआ कीजिए।
मदद का दिया था आश्वासन
Umar Khalid Letter : इलियास ने बताया कि जोहरान ममदानी ने भरोसा दिलाया कि वे अपनी ओर से हरसंभव मदद करेंगे। इसके साथ ही उन्होंने डेमोक्रेटिक पार्टी के कांग्रेसमैन से संपर्क करने की सलाह भी दी। उन्होंने बताया कि वे दो कांग्रेसमैन से मिले, जिन्होंने सहयोग का आश्वासन दिया। इसके बाद ममदानी ने पत्र लिखा, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि उमर खालिद के मामले में निष्पक्ष सुनवाई होगी और उन्हें जमानत मिलेगी।
उन्होंने कहा कि चाहे मेयर ममदानी से मुलाकात हो या कांग्रेसमैन से बातचीत, इन सभी प्रयासों से उन्हें हौसला मिला है और यह उनके लिए महत्वपूर्ण है।
मिल सकती है जमानत
उमर खालिद की जमानत को लेकर उन्होंने बताया कि सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान वे खुद भी मौजूद थे। उन्हें उम्मीद है कि जिस तरह से इस बार बहस हुई है, उसके बाद उमर खालिद और उनके साथियों को जमानत मिल सकती है।
तुलना से किया इन्कार
जब उनसे पूछा गया कि क्या जोहरान ममदानी न्यूयॉर्क में वही भूमिका निभा रहे हैं, जो राहुल गांधी भारत में निभाते हैं तो उन्होंने ऐसी किसी तुलना से इनकार किया। उन्होंने कहा कि ममदानी ने आम लोगों के मुद्दे उठाए और शून्य से अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू की। उनके पीछे न तो पार्टी का पूरा समर्थन था और न ही बड़े नेताओं का।
महंगाई को प्राथमिकता देनी चाहिए
Umar Khalid Letter : उन्होंने कहा कि युवाओं ने आगे बढ़कर ममदानी का समर्थन किया। उन्होंने स्थानीय मुद्दों को मजबूती से उठाया और वोटरों की समस्याओं को सामने रखा। उन्होंने अपनी पहचान भी नहीं छिपाई, जिसका उन्हें फायदा मिला। भारत के नेताओं को भी इससे सीख लेनी चाहिए और महंगाई व बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दों को प्राथमिकता देनी चाहिए।
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे चाहते हैं कि न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात करें, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्होंने न तो ऐसी कोई इच्छा जताई है और न ही कोई अनुरोध किया है। यह भारत का आंतरिक मामला है और इसका समाधान देश के भीतर ही होना चाहिए।
नुकसान पहुंचती है भारत की छवि को
Umar Khalid Letter : उन्होंने कहा कि भारत में मुसलमानों के प्रति अपनाया जा रहा रवैया चिंता का विषय है। भेदभाव, घरों पर बुलडोजर चलाने और मुस्लिम युवाओं को कथित फर्जी मामलों में फंसाने जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि मुसलमानों के खिलाफ भड़काऊ बयान देने वालों पर कार्रवाई नहीं होती। ये स्थितियां भारत की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं।
इस सवाल पर कि जोहरान ममदानी को उमर खालिद के बारे में कैसे जानकारी मिली, उन्होंने कहा कि उमर के पास पासपोर्ट नहीं है और वे पिछले पांच वर्षों से जेल में बंद हैं। आज दुनिया एक वैश्विक गांव बन चुकी है और किसी भी देश का मुद्दा पूरी दुनिया तक पहुंचता है। उमर खालिद की आवाज लंबे समय से सोशल मीडिया के जरिए देश और विदेश में सुनी जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि दो-तीन साल पहले दुनिया के शीर्ष 200 बुद्धिजीवियों ने इस मामले में पत्र लिखकर चिंता जताई थी।
खेल और राजनीति को आपस में नहीं जोड़ना चाहिए
Umar Khalid Letter : बांग्लादेशी खिलाड़ी को क्रिकेट टीम में शामिल करने पर देवकीनंदन ठाकुर के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सैयद कासिम रसूल इलियास ने कहा कि इसका जवाब शाहरुख खान को देना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्रिकेट में खिलाड़ी साइन किए जाते हैं और खेलते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद भी भारत-पाकिस्तान के बीच मैच हुआ था। खेल और राजनीति को आपस में नहीं जोड़ना चाहिए।







