पटना, 2 जनवरी। Bihar Transport Action : बिहार में सड़क सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवहन विभाग ने बड़ा और सख्त कदम उठाया है। राज्य भर में पैनिक बटन और जीपीएस सिस्टम के बिना संचालित हो रही करीब 47,000 व्यावसायिक गाड़ियों पर अब जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। परिवहन विभाग के इस फैसले से वाहन मालिकों और संचालकों में हड़कंप मच गया है।
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों और मोटर वाहन अधिनियम के तहत सभी सार्वजनिक और व्यावसायिक वाहनों में पैनिक बटन और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम (GPS) लगाना अनिवार्य है। इसके बावजूद लंबे समय से बड़ी संख्या में वाहन इन सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए सड़कों पर दौड़ रहे थे।
Bihar Transport Action : यात्रियों की सुरक्षा प्राथमिकता
Bihar Transport Action : विभाग का कहना है कि पैनिक बटन और जीपीएस सिस्टम यात्रियों, खासकर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं। किसी आपात स्थिति में पैनिक बटन दबाते ही कंट्रोल रूम को अलर्ट मिल जाता है और वाहन की लोकेशन तुरंत ट्रैक की जा सकती है। इससे अपराध, दुर्घटना या किसी भी आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो पाती है।
विशेष जांच अभियान शुरू
Bihar Transport Action : परिवहन विभाग ने सभी जिलों के जिला परिवहन पदाधिकारियों (DTO) और प्रवर्तन टीमों को निर्देश दिया है कि वे विशेष जांच अभियान चलाकर ऐसे वाहनों की पहचान करें। जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर न केवल जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि वाहन को जब्त भी किया जाएगा।
वाहन मालिकों को चेतावनी
Bihar Transport Action : विभाग ने वाहन मालिकों को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि वे जल्द से जल्द अपने वाहनों में पैनिक बटन और जीपीएस सिस्टम लगवा लें। तय समय सीमा के बाद किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, बार-बार चेतावनी देने के बावजूद नियमों का पालन नहीं करने वालों पर अब सख्त कार्रवाई जरूरी हो गई है।
सड़क सुरक्षा को मिलेगी मजबूती
Bihar Transport Action : परिवहन विभाग का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी। साथ ही, वाहनों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग से अवैध गतिविधियों और नियमों के उल्लंघन पर भी प्रभावी नियंत्रण लगाया जा सकेगा।
राज्य सरकार का साफ संदेश है—यात्री सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का पालन करने वालों को राहत मिलेगी, जबकि लापरवाही बरतने वालों पर अब कार्रवाई तय है।







