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Shalabhasana Benefits : पीठ दर्द और साइटिका से राहत के लिए रोज करें शलभासन का अभ्यास

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Shalabhasana Benefits: Yoga Pose for Back Pain and Sciatica Relief

निवेदिता झा, नई दिल्ली । Shalabhasana Benefits : योगासन न केवल शरीर को स्वस्थ रखते हैं, बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करते हैं। इन्हीं योगासनों में शलभासन एक प्रभावी और उपयोगी आसन है, जो शरीर को मजबूत बनाने के साथ-साथ रीढ़ की हड्डी को सशक्त करता है।

शलभासन हठयोग के प्रमुख आसनों में शामिल है। ‘शलभ’ संस्कृत शब्द है, जिसका अर्थ टिड्डा होता है। इस आसन की अंतिम स्थिति टिड्डे के आकार जैसी होती है। इसी कारण इसे शलभासन कहा जाता है। इसके नियमित अभ्यास से शरीर में ऊर्जा का संचार होता है और कई शारीरिक परेशानियों में राहत मिलती है।

ऐसे करें आसन

Shalabhasana Benefits : शलभासन करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं। पैरों को सीधा रखें और हाथों को शरीर के आगे फैलाएं, हथेलियां ऊपर की ओर रहें। माथा या ठोड़ी जमीन से सटी हो। गहरी सांस लेकर शरीर को शांत करें। फिर सांस छोड़ते हुए दोनों पैरों को एक साथ धीरे-धीरे ऊपर उठाएं। ध्यान रखें कि घुटने न मुड़ें। इसी के साथ हाथों और छाती को भी ऊपर उठाएं। यह स्थिति देखने में सुपरमैन पोज जैसी होती है।

इस मुद्रा में 10 से 30 सेकेंड तक रहें और सामान्य रूप से सांस लेते रहें। इसके बाद धीरे-धीरे शरीर को वापस जमीन पर ले आएं और कुछ देर विश्राम करें।

मांसपेशियों को भी करता है मजबूत

Shalabhasana Benefits : आयुष मंत्रालय के अनुसार, शलभासन पीठ की मांसपेशियों को मजबूत करता है और कमर दर्द व साइटिका में राहत देता है। यह फेफड़ों की कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक है और जांघों व नितंबों की अतिरिक्त चर्बी कम करने में मदद करता है। साथ ही, इससे शारीरिक मजबूती के साथ मानसिक शांति भी मिलती है। खासतौर पर लंबे समय तक बैठकर काम करने वाले लोगों के लिए यह आसन बेहद लाभकारी माना जाता है।

पेट के अंगों को करता है सक्रिय

Shalabhasana Benefits :  शलभासन पेट के अंगों को भी सक्रिय करता है, जिससे पाचन तंत्र बेहतर होता है। हालांकि, जिन लोगों को पीठ के निचले हिस्से में अधिक दर्द रहता है, उन्हें यह आसन सावधानी के साथ करना चाहिए।

हालांकि योगासन नियमित रूप से करने से कई स्वास्थ्य समस्याओं से राहत मिल सकती है, लेकिन जिन्हें कोई गंभीर बीमारी है या हाल ही में सर्जरी हुई है, उन्हें शलभासन सहित अन्य योगासनों का अभ्यास करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह जरूर लेनी चाहिए।

Nivedita Jha
Author: Nivedita Jha

Nivedita Jha is a graduate from Baba Saheb Bhimrao Ambedkar University. She is also a double post graduate. She has also done journalism. She has five years of experience in journalism.

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