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Sand Art : पावापुरी महोत्सव में सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र की धूम, भगवान महावीर की उकेरी तस्वीर

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Sand Art: Madhurendra Creates Lord Mahavira Sculpture at Pavapuri Festival

नालंदा, पावापुरी, 21 अक्टूबर। Sand Art : जैन धर्म के 24वें तीर्थकर भगवान महावीर की निर्वाणस्थली भूमि नालंदा जिले में पावापुरी महोत्सव का आगाज हो गया। बिहार सरकार के कला, संस्कृति एवं युवा विभाग के सैजन्य से जिला प्रशासन नालंदा द्वारा आयोजित भगवान महावीर के 2551 वें निर्वाण अवसर पर रविवार से शुरू हुए दो दिवसीय पावापुरी महोत्सव 2025 में देश चर्चित अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र ने अपनी कला का अद्भुत नमूना पेश किया।

दो दिनों का कठिन परिश्रम

Sand Art : इंटनेशनल सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र कुमार ने महोत्सव पंडाल में बने मुख्य सांस्कृतिक मंच के सामने रखें बालू पर अपनी दो दिनों के कठिन परिश्रम के बाद 15 टन रेत पर 10 फीट ऊंचे भगवान महावीर का विशाल आकृति उकेर अपनी बेहतरीन कला से अहिंसा परमो धर्म का संदेश दिया है। इसके साथ स्वीप लिखकर ज्यादा से ज्यादा संख्या में मतदाताओं को वोट देने के लिए अपील भी किया है। यह मुख्य यह आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। वहीं इस मनमोहक कलाकृति की प्रस्तुति के लिए नालंदा के जिला कला पदाधिकारी शालिनी प्रकाश ने भी सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र को मुख्यमंच पर स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित भी की। वहीं सैंड आर्टिस्ट मधुरेंद्र ने सभी देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएं भी दी।

सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र द्वारा बालू पर उकेरी गयी कलाकृति विश्व के धरोहर में प्रसिद्ध नालंदा के पावापुरी में स्थित भगवान महावीर पर आधारित हैं। इस कलाकृति को कई प्रदेशों से आए जैन श्रद्धालु व आम नागरिक भी अपने कैमरे व सेलफोन में अपनी सेल्फी में कैद कर रहे हैं। और सोशल मीडिया पर यह तस्वीर साझा भी कर रहे हैं। यह तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी वायरल हो रही है।

मौके पर उपस्थित जिलाधिकारी कुंदन कुमार समेत अन्य वरीय पदाधिकारी ने भी ने मधुरेंद्र कुमार की कलाकृति की सराहना करते बधाई दी।

कौन है मधुरेन्द्र कुमार

Sand Art :  मधुरेन्द्र कुमार (05 सितंबर जन्म 1994) एक भारतीय सैंड आर्टिस्ट और शिल्पकार हैं, जो बिहार, भारत से हैं। वे अपने बड़े पैमाने पर बनाए गए सैंड शिल्पों के लिए जाने जाते हैं, जिनमें सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरणीय विषय शामिल होते हैं। उन्होंने कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सैंड आर्ट फेस्टिवलों में भाग लिया है। 2019 में उन्हें ओडिशा के कोणार्क में आयोजित इंटरनेशनल सैंड आर्ट फेस्टिवल में इंटरनेशनल सैंड आर्ट अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उसी वर्ष उन्हें भारत निर्वाचन आयोग ने बिहार में मतदाता जागरूकता अभियान के लिए ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया।

प्रारंभिक जीवन और शिक्षा

Sand Art :  मधुरेंद्र कुमार का जन्म 05 सितंबर 1994 में को बिहार के चंपारण जिले बरवाकला नहीहाल में हुआ था, जबकि उनका पैतृक गांव बिजबनी के निवासी हैं। उनके पिता शिव कुमार साह किसान थे और उनकी माता गेना देवी गृहिणी थीं। बचपन में ही उन्होंने रेत और मिट्टी से आकृतियाँ बनाने में रुचि विकसित कर ली थी। वे अक्सर अपने गाँव के पास बहने वाली अरुण नदी के किनारे कला का अभ्यास करते थे। उन्होंने पूर्वी चंपारण में प्रारंभिक शिक्षा पूरी की और बाद में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ विश्वविद्यालय, वाराणसी से बैचलर ऑफ फाइन आर्ट्स (BFA) और मास्टर ऑफ फाइन आर्ट्स (MFA) की डिग्री प्राप्त की।

करियर

Sand Art : मधुरेन्द्र ने बचपन से ही मिट्टी और रेत की आकृतियाँ बनाना शुरू किया और आगे चलकर बड़े स्तर पर सैंड आर्ट तैयार करने लगे। उनके शिल्पों में अक्सर राष्ट्रीय नेता, देवी-देवता और सामाजिक संदेश जैसे कि प्राकृतिक आपदा, पर्यावरण संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, मतदाता जागरूकता, नशा मुक्ति, सरकार के जनकल्याणकारी योजना तथा देश दुनियां में घटित सभी ज्वलंत मुद्दों पर भी आए दिन अपनी बेमिसाल और सूक्ष्म कलाकृतियों के माध्यम से समाज को सकारात्मक संदेश देते रहते हैं।

उन्होंने भारत, नेपाल, मलेशिया, श्रीलंका, ब्रिटेन, यूएन, अमेरिका, भूटान, रूस, जापान, म्यांमार, दुबई और थाईलैंड समेत दर्जनों से अधिक देशों में आयोजित सैंड आर्ट फेस्टिवलों में भाग लिया और कला का प्रदर्शन कर देश और राज्य को गौरवान्वित किया है। 2019 में कोणार्क इंटरनेशनल सैंड आर्ट फेस्टिवल में भाग लेने पर उन्हें राष्ट्रीय पहचान मिली और उसी वर्ष उन्हें स्वीप अभियान के लिए ब्रांड एम्बेसडर नियुक्त किया गया।

प्रमुख रचनाएँ

Sand Art :  वर्ष 2012 में पंजाब में 40 फिट ऊंची बालू पर शहीदों की श्रंद्धाजलि को प्रदर्शित। लोकसभा चुनाव 2019 – मतदाता जागरूकता सैंड आर्ट, बिहार में प्रदर्शित। कोणार्क इंटरनेशनल सैंड आर्ट फेस्टिवल (2018–2019) – अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड प्राप्त। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 50 टन रेत से बनी 20 फीट ऊँची प्रतिमा (2025), लंदन वर्ल्ड रिकॉर्ड सैंड आर्ट (2025) – लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज।

पुरस्कार और सम्मान

Sand Art :  सैंड आर्टिस्ट मधुरेन्द्र कुमार को राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 60 से अधिक पुरस्कार मिल चुके हैं, जिनमें प्रमुख हैं: लंदन बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड (2025), भारत गौरव सम्मान (2025), बिहार गौरव स्मिता अवॉर्ड (2024), बिहार के महान हस्तियां किताब में नाम दर्ज (2023), अंतर्राष्ट्रीय रेत कला उत्सव विजेता (2019), ग्लोबल बिहार एक्सीलेंस अवार्ड (2019), राष्ट्रपति सम्मान (2012

ohm verma
Author: ohm verma

Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.

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