नई दिल्ली, 30 सितंबर। Bihar voters : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआइ) ने मंगलवार को फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी। अंतिम मतदाता सूची में लगभग 7.42 करोड़ मतदाता शामिल हैं।
चुनाव आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि बिहार में मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। निर्वाचन आयोग इस कार्य को सफल बनाने के लिए बिहार के सभी मतदाताओं का आभार व्यक्त करता है। अंतिम मतदाता सूची 30 सितंबर को प्रकाशित हुई, जिसमें लगभग 7.42 करोड़ मतदाता शामिल हैं।
ईसीआइ के अनुसार अंतिम मतदाता सूची की भौतिक और डिजिटल प्रतियां राजनीतिक दलों के साथ साझा की जा रही हैं। कोई भी मतदाता इसे वोटर्स डॉट ईसीआइ डॉट गॉव डॉट इन पर ऑनलाइन देख सकता है। यह एसआइआर मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) बिहार, सभी 38 जिलों के जिला निर्वाचन अधिकारियों (डीईओ), 243 निर्वाचक निबंधन अधिकारियों (ईआरओ), 2,976 सहायक निर्वाचक निबंधन अधिकारियों (एईआरओएस), लगभग 1 लाख बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ), लाखों स्वयंसेवकों और सभी 12 प्रमुख राजनीतिक दलों की पूर्ण भागीदारी, जिसमें उनके जिला अध्यक्ष और उनके द्वारा नियुक्त 1.6 लाख से अधिक बूथ स्तरीय एजेंट (बीएलए) शामिल हैं, के ईमानदार प्रयासों से सफल हुआ।
मीडिया का किया धन्यवाद
Bihar voters :आयोग नियमित रूप से जागरूकता फैलाने और पूरी प्रक्रिया के दौरान अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और ऑनलाइन मीडिया को भी धन्यवाद देता है। एसआइआर प्रक्रिया को समझाने और उन्हें पूरी जानकारी रखने के लिए राजनीतिक दलों के साथ नियमित बैठकें आयोजित की गईं। 20 जुलाई तक सीईओ, डीईओएस, ईआरओएस और बीएलओ ने पात्र मतदाताओं की पहचान करने के उद्देश्य से, मृत घोषित किए गए, जिनके गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं हुए, जो स्थायी रूप से पलायन कर गए या जिनका पता नहीं लगाया जा सका, ऐसे मतदाताओं की बूथ-स्तरीय सूचियां राजनीतिक दलों के साथ साझा कर दी थीं।
राजनीतिक दलों के साथ साझा की गई थी सूची
Bihar voters :ड्राफ्ट मतदाता सूची भी सभी राजनीतिक दलों के साथ साझा की गई थी। साथ ही ड्राफ्ट मतदाता सूची में शामिल न किए गए नामों की सूची डीईओ या डीएम (जिलावार) के साथ-साथ सीईओ बिहार की वेबसाइट पर भी जनता के अवलोकन के लिए प्रदर्शित की गई थी।
अब भी कर सकते हैं आवेदन
Bihar voters : एसआइआर प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 326 और भारत के निर्वाचन आयोग के आदर्श वाक्य ‘कोई भी पात्र मतदाता छूटे नहीं और कोई भी अपात्र व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल न हो’ के अनुरूप की गई थी। अगर कोई पात्र व्यक्ति अभी भी मतदाता सूची में अपना नाम शामिल करने के लिए आवेदन करना चाहता है तो वह चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि से दस दिन पहले तक आवेदन जमा कर सकता है।
अगर कोई व्यक्ति फाइनल वोटर लिस्ट में प्रविष्टि के संबंध में ईआरओ के निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो वे जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24 के तहत जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रथम अपील और सीईओ के समक्ष द्वितीय अपील दायर कर सकते हैं।






