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Ganpati : विजयवाड़ा में 72 फीट ऊंची इको-फ्रेंडली डुंडी गणपति, बिहार और महाराष्ट्र में भी त्योहार की धूम

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Ganpati : 72 feet high eco-friendly Dundi Ganpati in Vijayawada, festival celebrated in Bihar and Maharashtra too

विजयवाड़ा, 27 अगस्त। Ganpati : देश के अलग-अलग हिस्सों में गणेशोत्सव की धूम है। महाराष्ट्र, गुजरात, बिहार, राजस्थान के हर शहर में त्योहार की धूम है। हर शहर, हर पंडाल अपनी थीम, अपनी परंपरा और अपनी भव्यता के साथ भगवान गणेश का स्वागत कर रहा है। इसी क्रम में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में स्थापित 72 फीट की गणेश प्रतिमा भक्तों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

गणेश सेवा समिति की ओर से यह प्रतिमा बनाई गई है। खास बात यह है कि यह प्रतिमा पूरी तरह से इको-फ्रेंडली है। समिति के सदस्यों के अनुसार, इस विशाल मूर्ति के निर्माण में नारियल के रेशे, जूट, मिट्टी, भूसी और बोरे जैसे प्राकृतिक व सुरक्षित सामग्री का उपयोग किया गया है, जिससे पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों को कोई नुकसान न हो।

सिंहासन पर विराजित मुद्रा में दर्शाया गया

समिति के अनुसार, अब तक जहां कहीं भी 72 फीट ऊंची गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गईं, वे सभी खड़ी मुद्रा में थीं। लेकिन इस बार विशेष रूप से भगवान गणपति को सिंहासन पर विराजित मुद्रा में दर्शाया गया है। इस बदलाव के चलते मूर्ति की चौड़ाई भी पिछले साल की तुलना में लगभग 30 फीट बढ़ गई है।

Ganpati :  इस भव्य प्रतिमा के निर्माण में लगभग 90 दिनों तक सैकड़ों कारीगरों ने दिन-रात मेहनत की। मूर्ति के दोनों ओर भगवान परमेश्वर (राजराजेश्वर स्वामी) और मां कनक परमेश्वरी की मूर्तियां भी स्थापित की गई हैं। बुधवार सुबह इस प्रतिमा की पहली पूजा विजयवाड़ा के सांसद केसिनेनी शिवनाथ और उनकी पत्नी ने की।

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Jaipur: A young girl carries an idol of Lord Ganesha on the eve of the Ganesh Chaturthi festival in Jaipur on Tuesday, August 26, 2025.
गुडीमेट्टा में एक रिटेनिंग वॉल का निर्माण

Ganpati :  समिति ने बताया कि इसी मैदान में पहले एक बार पानी 5 फीट तक बढ़ गया था। उस समय भक्तों के सुरक्षित दर्शन सुनिश्चित करने के लिए एक फुट-ओवर ब्रिज की व्यवस्था की गई। राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने समिति को आश्वासन दिया कि ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होगी और अपने वचन के अनुसार, उन्होंने गुडीमेट्टा में एक रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया।

हर सुबह हवन और शाम को विशेष पूजाएं आयोजित की जाएंगी। समिति का विश्वास है कि इस वर्ष कार्यसिद्धि महाशक्ति गणपति के दर्शन करने वाले सभी भक्तों की मनोकामनाएं अवश्य पूर्ण होंगी।

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