नई दिल्ली। Iran Israel War : ऑपरेशन मिडनाइट हैमर नाम से अमेरिका ने ईरान में परमाणु ठिकानों को तबाह कर दिया है। अमेरिका के रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने रविवार को पुष्टि की कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाई में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह तबाह कर दिया है। इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने संकेत दिया कि वॉशिंगटन अब भी तेहरान के साथ कूटनीतिक रास्ता अपनाना चाहता है।
पेंटागन में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान हेगसेथ ने कहा, “हमने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को तबाह कर दिया है।” उन्होंने बताया कि यह ऑपरेशन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के सीधे आदेश पर चलाया गया और इसमें गोपनीयता और सटीक तैयारी का विशेष ध्यान रखा गया।
उन्होंने कहा, “हमारे कमांडर-इन-चीफ का आदेश बिल्कुल स्पष्ट, शक्तिशाली और केंद्रित था।”
इस सैन्य अभियान का नाम ‘ऑपरेशन मिडनाइट हैमर’ रखा गया था। इसके तहत ईरान के तीन मुख्य परमाणु कार्यक्रम स्थलों को निशाना बनाया गया, जिनमें नतांज, इस्फहान और फोर्डो शामिल हैं।
125 से अधिक सैन्य विमान
Iran Israel War : हेगसेथ के अनुसार इस हमले में 125 से अधिक सैन्य विमान, बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स, 14 जीबीयू-57 बंकर-बस्टर बम और 30 से अधिक टॉमहॉक मिसाइलें इस्तेमाल की गईं।
शानदार सैन्य सफलता : ट्रंप
Iran Israel War : इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे एक “शानदार सैन्य सफलता” करार दिया था। उन्होंने कहा, “कुछ समय पहले अमेरिकी सेना ने ईरानी शासन के तीन प्रमुख परमाणु संयंत्रों पर बड़े और सटीक हमले किए। हमारा उद्देश्य ईरान की परमाणु संवर्धन क्षमता को नष्ट करना और इस आतंकवाद समर्थक राष्ट्र की परमाणु धमकी को खत्म करना था। मैं आज रात दुनिया को बता सकता हूं कि यह हमला एक शानदार सैन्य सफलता है।”
बातचीत का रास्ता खुला
Iran Israel War : हालांकि, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस ने कहा कि अमेरिका अब भी ईरान के साथ बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहता है, लेकिन किसी भी संभावित जवाबी कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है।
जे.डी. वेंस ने कहा, “अगर ईरान अमेरिकी सैनिकों पर हमला करता है, तो यह एक विनाशकारी भूल होगी।”
रक्षा मंत्री हेगसेथ ने चेतावनी दी कि यदि ईरान कोई जवाबी हमला करता है तो अमेरिका उससे कहीं अधिक शक्तिशाली प्रतिक्रिया देगा।
Iran Israel War : उन्होंने कहा, “यह पिछली सरकार नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार नहीं रखने देंगे। वह शांति चाहते हैं और ईरान को भी वही रास्ता अपनाना चाहिए। यदि ईरान ने अमेरिका पर हमला किया, तो उसे पहले से भी ज्यादा ताकतवर जवाब मिलेगा।”—आइएएनएस







