श्रीनगर। Pahalgam attack : जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में मंगलवार को हुए आतंकी हमले के जवाब में बुधवार को पूरे कश्मीर में बंद और विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। आतंकी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि देने और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता का संदेश देने के लिए बंद बुलाया गया।
यह पिछले 35 वर्षों में पहली बार हुआ, जब कश्मीर घाटी में आतंकवाद के खिलाफ इस प्रकार का एकजुट और शांतिपूर्ण बंद देखा गया। समाज के हर तबके, व्यापारी, छात्र, सामाजिक संगठन, आम नागरिक ने सड़कों पर उतरकर इस बर्बरता की निंदा की।
सन्नाटे में बदल गई रौनक
कश्मीर में पिछले कुछ वर्षों से जो पर्यटकीय रौनक लौटी थी, वह आज एकदम सन्नाटे में बदल गई। बंद दुकानों, खाली सड़कों और मातम में डूबी घाटी ने इस हमले की विभीषिका को बयां किया। यह हमला न केवल मानवीय त्रासदी है, बल्कि स्थानीय पर्यटन-आधारित अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा झटका है, जो हाल के वर्षों में धीरे-धीरे गति पकड़ रही थी।
रेलवे स्टेशनों पर वापस लौटने वाले पर्यटकों की भीड़
हमले के बाद बड़ी संख्या में पर्यटक वापसी की राह पकड़ रहे हैं। उधमपुर स्थित शहीद कैप्टन तुषार महाजन रेलवे स्टेशन पर भी बड़ी संख्या में पर्यटक अपने घर लौटने की तैयारी में हैं। पर्यटकों का कहना है कि कश्मीर में डर का माहौल बना हुआ है, जिससे वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
इस स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और उधमपुर प्रशासन ने पर्यटकों के लिए भोजन, ठहरने और अन्य मूलभूत सुविधाओं का प्रबंध किया है। इसके अलावा, पर्यटकों की सुरक्षित वापसी के लिए विशेष ट्रेनों की व्यवस्था भी की गई है, जिनके माध्यम से उन्हें उनके गृह राज्यों की ओर रवाना किया जा रहा है।
बता दें कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई है और कई घायल हैं। घायलों का इलाज चल रहा है। मृतकों में एक विदेशी नागरिक भी शामिल है। -आइएएनएस







