चेन्नई, 8 मई। Vijay Government : तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (टीवीके) के प्रमुख सी जोसेफ विजय ने राज्य में सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश कर दिया है। कई विपक्षी दलों और निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिलने के बाद विजय का गठबंधन अब बहुमत के आंकड़े को पार कर चुका है। ऐसे में तमिलनाडु में एक नए राजनीतिक युग की शुरुआत लगभग तय मानी जा रही है।
राजनीतिक गलियारों में पिछले कई दिनों से जारी सस्पेंस के बीच शुक्रवार को विजय ने चेन्नई स्थित राजभवन पहुंचकर राज्यपाल आर.एन. रवि से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने अपने समर्थन में आए विधायकों और सहयोगी दलों के समर्थन पत्र राज्यपाल को सौंपे। विजय की इस मुलाकात को तमिलनाडु की राजनीति का सबसे बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है।
चुनाव परिणाम के बाद बढ़ी थी राजनीतिक अनिश्चितता
Vijay Government : तमिलनाडु विधानसभा चुनाव 23 अप्रैल को संपन्न हुए थे, जबकि मतगणना के बाद 4 मई को परिणाम घोषित किए गए। चुनाव नतीजों ने राज्य की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया। किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला, जिसके कारण राज्य में राजनीतिक अनिश्चितता का माहौल बन गया था।
234 सदस्यीय विधानसभा में सरकार बनाने के लिए 118 सीटों की जरूरत थी। विजय की पार्टी टीवीके ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 108 सीटों पर जीत दर्ज की और राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी। हालांकि, वह बहुमत के आंकड़े से 10 सीट पीछे रह गई थी।
चुनाव परिणाम सामने आने के बाद से ही राजनीतिक जोड़तोड़ का दौर शुरू हो गया था। सभी दल अपने-अपने स्तर पर सरकार गठन की संभावनाओं को तलाश रहे थे। इसी बीच विजय ने तेजी से विपक्षी दलों और निर्दलीय विधायकों से संपर्क साधा।
कांग्रेस ने सबसे पहले दिया समर्थन
Vijay Government : सरकार गठन की दिशा में विजय को सबसे बड़ी राहत तब मिली जब कांग्रेस ने सबसे पहले टीवीके को समर्थन देने का एलान किया। कांग्रेस के पांच नवनिर्वाचित विधायकों ने सार्वजनिक रूप से विजय के नेतृत्व का समर्थन किया और राज्य में स्थिर सरकार के लिए टीवीके के साथ खड़े होने की बात कही।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता ने बदलाव के लिए मतदान किया है और ऐसे में विपक्षी दलों की जिम्मेदारी है कि वे राज्य में स्थिरता बनाए रखने में योगदान दें। कांग्रेस के इस कदम के बाद तमिलनाडु की राजनीति में नए समीकरण बनने शुरू हो गए।
वामपंथी दलों और सहयोगियों का साथ
Vijay Government :शुक्रवार शाम विजय के समर्थन में कई अन्य दल भी खुलकर सामने आ गए। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआइ), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी), विदुथलाई चिरुथैगल काची (वीसीके) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आइयूएमएल) ने औपचारिक रूप से टीवीके को समर्थन देने की घोषणा कर दी।
इन चारों दलों के पास नई विधानसभा में दो-दो विधायक हैं। इनके समर्थन के बाद विजय खेमे की कुल ताकत 120 विधायकों तक पहुंच गई, जो बहुमत के लिए जरूरी आंकड़े 118 से अधिक है। इसके साथ ही विजय का मुख्यमंत्री बनना लगभग तय माना जाने लगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह समर्थन केवल सत्ता में भागीदारी के लिए नहीं बल्कि राज्य में लंबे समय तक राजनीतिक अस्थिरता को रोकने के उद्देश्य से दिया गया है।
राज्यपाल से मुलाकात बनी निर्णायक क्षण
Vijay Government :राज्यपाल आर.एन. रवि से विजय की मुलाकात को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। राजभवन में हुई इस बैठक के दौरान विजय ने सभी सहयोगी दलों के समर्थन पत्र सौंपे और सरकार बनाने का औपचारिक दावा पेश किया।
सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल ने सभी दस्तावेजों की समीक्षा की और जल्द ही विजय को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि शुक्रवार देर रात या शनिवार सुबह राज्यपाल औपचारिक निमंत्रण जारी कर सकते हैं।
सूत्र यह भी बता रहे हैं कि चेन्नई में शनिवार सुबह 11 बजे शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। इस समारोह को भव्य बनाने की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं।
राजनीति में विजय का तेज उभार
Vijay Government : विजय का यह राजनीतिक सफर बेहद तेज और चौंकाने वाला माना जा रहा है। दक्षिण भारतीय सिनेमा के सुपरस्टार विजय ने कुछ समय पहले ही राजनीति में औपचारिक एंट्री की थी। उन्होंने ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ नाम से अपनी पार्टी की शुरुआत की और बहुत कम समय में राज्य की राजनीति में मजबूत पकड़ बना ली।
विशेषज्ञों का मानना है कि विजय की लोकप्रियता, युवाओं के बीच उनकी मजबूत छवि और जनता के बीच बदलाव की भावना ने टीवीके को इतनी बड़ी सफलता दिलाई। चुनाव प्रचार के दौरान विजय ने रोजगार, भ्रष्टाचार, शिक्षा और सामाजिक न्याय जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया था।
उनकी सभाओं में भारी भीड़ उमड़ी और सोशल मीडिया पर भी उन्हें व्यापक समर्थन मिला। यही कारण रहा कि उनकी पार्टी पहली बार चुनाव लड़ने के बावजूद राज्य की सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
तमिलनाडु की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव
Vijay Government : तमिलनाडु लंबे समय से द्रविड़ राजनीति का केंद्र रहा है। राज्य की सत्ता मुख्य रूप से डीएमके और एआइएडीएमके के बीच घूमती रही है। लेकिन इस बार के चुनाव ने राज्य की पारंपरिक राजनीति को पूरी तरह बदल दिया।
टीवीके का उभार इस बात का संकेत माना जा रहा है कि जनता अब नए नेतृत्व और नई राजनीति की तलाश में है। विजय ने खुद को पारंपरिक राजनीतिक दलों से अलग बताते हुए “नई पीढ़ी की राजनीति” का नारा दिया था।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह चुनाव तमिलनाडु की राजनीति में पीढ़ीगत बदलाव का प्रतीक भी है। युवा मतदाताओं ने बड़ी संख्या में विजय का समर्थन किया, जिससे राजनीतिक समीकरण पूरी तरह बदल गए।
समर्थक दलों ने स्थिरता को बताया प्राथमिकता
Vijay Government : विजय को समर्थन देने वाले दलों के नेताओं ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य राज्य में राजनीतिक स्थिरता सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि खंडित जनादेश के बाद यदि समय रहते सरकार नहीं बनती तो राज्य में संवैधानिक संकट पैदा हो सकता था।
वामपंथी दलों और वीसीके नेताओं ने कहा कि तमिलनाडु की जनता ने बदलाव का संदेश दिया है और विपक्षी दलों को इस जनादेश का सम्मान करना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने भी कहा कि वे भाजपा को रोकने और राज्य में धर्मनिरपेक्ष राजनीति को मजबूत करने के लिए विजय का समर्थन कर रहे हैं।
विजय को छोड़नी होगी एक सीट
Vijay Government : इस बीच, चुनाव आयोग के नियमों के तहत विजय को अपनी दो विधानसभा सीटों में से एक सीट छोड़नी होगी। विजय इस चुनाव में दो अलग-अलग क्षेत्रों से मैदान में उतरे थे और दोनों सीटों पर जीत दर्ज करने में सफल रहे।
भारतीय चुनाव नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति एक समय में दो विधानसभा सीटों का प्रतिनिधित्व नहीं कर सकता। ऐसे में विजय को जल्द ही यह फैसला लेना होगा कि वह किस सीट को अपने पास रखेंगे और किस सीट से इस्तीफा देंगे। इस सीट पर बाद में उपचुनाव कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री बनने की दहलीज पर विजय
राजनीतिक घटनाक्रम जिस तेजी से आगे बढ़ा है, उसने पूरे देश का ध्यान तमिलनाडु की ओर खींच लिया है। विजय अब मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बेहद करीब पहुंच चुके हैं।
यदि सब कुछ तय योजना के अनुसार हुआ तो राजनीति में औपचारिक प्रवेश के एक साल से भी कम समय में विजय तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बन जाएंगे। यह भारतीय राजनीति के इतिहास में सबसे तेज राजनीतिक उभारों में से एक माना जा रहा है।
जनता की उम्मीदें बढ़ीं
विजय के नेतृत्व में सरकार बनने की संभावना के साथ ही जनता की उम्मीदें भी बढ़ गई हैं। खासकर युवा वर्ग और शहरी मतदाता उनसे बड़े बदलाव की उम्मीद कर रहे हैं।
टीवीके ने चुनाव प्रचार के दौरान रोजगार सृजन, शिक्षा सुधार, भ्रष्टाचार पर नियंत्रण, महिलाओं की सुरक्षा और तकनीकी निवेश जैसे मुद्दों पर जोर दिया था। अब जनता चाहती है कि ये वादे जमीन पर उतरें।
क्या तमिलनाडु में शुरू होगा नया राजनीतिक अध्याय?
Vijay Government : राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विजय का मुख्यमंत्री बनना केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि तमिलनाडु की राजनीति में नए अध्याय की शुरुआत हो सकती है। राज्य में पहली बार किसी फिल्म स्टार ने इतनी तेजी से राजनीतिक सफलता हासिल की है।
हालांकि, उनके सामने प्रशासनिक अनुभव की कमी और गठबंधन को एकजुट बनाए रखने जैसी चुनौतियां भी होंगी। लेकिन फिलहाल विजय और उनके समर्थकों के बीच उत्साह का माहौल है।
विजय की राजनीतिक सफलता
Vijay Government : तमिलनाडु की राजनीति इस समय ऐतिहासिक मोड़ पर खड़ी है। अभिनेता से नेता बने विजय ने बहुत कम समय में जो राजनीतिक सफलता हासिल की है, उसने सभी को चौंका दिया है। विपक्षी दलों का समर्थन मिलने के बाद अब उनका मुख्यमंत्री बनना लगभग तय हो चुका है।
राज्यपाल से मुलाकात और सरकार बनाने के दावे के बाद तमिलनाडु में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। आने वाले कुछ दिन राज्य की राजनीति के लिए बेहद अहम साबित होंगे।
यदि विजय मुख्यमंत्री पद की शपथ लेते हैं, तो यह केवल एक राजनीतिक जीत नहीं बल्कि तमिलनाडु में बदलती जनभावनाओं और नई राजनीति की शुरुआत का प्रतीक माना जाएगा।







