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Vaishno Devi Havan : अब माता के दरबार में पूरा होगा हर भक्त का अरमान , वैष्णो देवी भवन में शुरू हुई हवन-यज्ञ की पवित्र सुविधा

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Vaishno Devi Havan Facility Begins: Shrine Board Allows Devotees to Book Yajna at Bhawan

जम्मू, 17 नवंबर। Vaishno Devi Havan : माता वैष्णो देवी के भक्तों के लिए यह खबर किसी आशीर्वाद से कम नहीं। तीर्थ यात्रा पर आने वाले अनगिनत श्रद्धालु वर्षों से एक ही इच्छा मन में संजोए रखते थे—माता के पवित्र भवन में बैठकर अपने परिवार की खुशहाली, शांति और समृद्धि के लिए हवन-यज्ञ करने का अवसर मिले। अब यह दिव्य इच्छा साकार होने जा रही है।

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि भवन परिसर में विशेष रूप से निर्मित भव्य यज्ञशाला को अब आम श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है। यह वही यज्ञशाला है जहाँ वर्षों से चैत्र और शारदीय नवरात्रों के दौरान शतचंडी यज्ञ आयोजित होते आए हैं, जिसमें हजारों भक्त आहुति देने के लिए पहुंचते थे। लेकिन अब पहली बार हर श्रद्धालु को यहां बैठकर हवन करने का सौभाग्य मिलेगा।

यज्ञशाला में बजेगी भक्तिभाव की अनूठी धुन

Vaishno Devi Havan : श्राइन बोर्ड के अनुसार इस पहल का उद्देश्य केवल एक है—मां के चरणों में आस्था से भरे हर मन को वह अवसर देना जिससे उसकी मनोकामनाएं पूर्ण हों। यज्ञशाला में गूंजती वेद-मंत्रों की स्वर लहरियाँ, धूनी की सुगंध और पवित्र अग्नि के सामने बैठकर प्रार्थना… भक्तों के लिए यह अनुभव अविस्मरणीय होने वाला है।

बुकिंग होगी आसान

श्रद्धालु इस दिव्य यज्ञ में शामिल होने के लिए अपनी सीट दो तरीकों से बुक कर सकते हैं—

  • ऑनलाइन: श्राइन बोर्ड की वेबसाइट पर
  • ऑफलाइन: भवन स्थित दुर्गा भवन रिसेप्शन पर
हवन के निर्धारित शुल्क
  • ₹3100 – एक सदस्य
  • ₹5100 – दो सदस्य
  • ₹11000 – पाँच सदस्य के लिए विशेष सीटें
हवन के समय-सारिणी

दैनिक आयोजन चार चरणों में होगा—

  • सुबह 9–10 बजे
  • सुबह 11–12 बजे
  • दोपहर 1–2 बजे
  • दोपहर बाद 3–4 बजे
  • विशेष दिन : मंगलवार और शुक्रवार को केवल सुबह 9–10 बजे ही यज्ञ कराया जाएगा।
आत्मिक ऊर्जा का अद्भुत संचार

Vaishno Devi Havan : श्राइन बोर्ड के अधिकारियों का कहना है कि यह सुविधा भक्तों के आध्यात्मिक अनुभव को और भी गहरा बना देगी। पर्वतों के बीच बसे दिव्य भवन परिसर में मंत्रोच्चार के साथ किया गया यज्ञ, भक्तों के मन में शांति और आत्मिक ऊर्जा का अद्भुत संचार करेगा।

माता के दरबार में अब न सिर्फ दर्शन, बल्कि अपने परिवार के मंगल की कामना के साथ यज्ञ करने का अद्वितीय अवसर भी सभी श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध है। भक्तों में इस नए निर्णय को लेकर उत्साह है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में लोग इस नई आध्यात्मिक सुविधा का आनंद उठाएंगे।

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