नई दिल्ली, 24 जुलाई । Ukraine Strikes Russia : रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में एक बार फिर तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने दावा किया है कि यूक्रेनी रक्षा बलों ने रूस के महत्वपूर्ण सैन्य प्रतिष्ठानों और तेल से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया है। जेलेंस्की के अनुसार, इन हमलों का उद्देश्य रूस की सैन्य क्षमता और उसकी आपूर्ति व्यवस्था को कमजोर करना है।
उन्होंने कहा कि यूक्रेन की सेनाएं अब लंबी दूरी तक प्रभाव डालने वाली रणनीति के तहत कार्रवाई कर रही हैं, जिससे रूस के सैन्य अभियानों को चुनौती दी जा सके। हालांकि, रूस की ओर से इन दावों पर तत्काल कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
किरोव में रूसी सैन्य उद्यम पर हमले का दावा
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि शुक्रवार को यूक्रेनी रक्षा बलों ने रूस के किरोव क्षेत्र में स्थित एक महत्वपूर्ण सैन्य उद्यम को निशाना बनाया।
जेलेंस्की के मुताबिक, यह प्रतिष्ठान रूसी सेना के लिए बेहद जरूरी उपकरण और कलपुर्जे तैयार करता है। इनका इस्तेमाल विमानों और मिसाइल प्रणालियों में किया जाता है, जिनके जरिए रूस यूक्रेनी शहरों और बस्तियों पर हमले करता है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अपनी सेना की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि यह हमला पूरी तरह रणनीतिक और जरूरी जवाबी कदम था। उन्होंने कहा कि यूक्रेन अपने नागरिकों की सुरक्षा और अपनी रक्षा क्षमता को मजबूत करने के लिए ऐसी कार्रवाइयां जारी रखेगा।
1,350 किलोमीटर दूर तेल सुविधा तक पहुंचा यूक्रेनी हमला
Ukraine Strikes Russia : जेलेंस्की ने यह भी दावा किया कि यूक्रेन की लंबी दूरी की क्षमताओं का असर रूस के करीब 1,350 किलोमीटर दूर स्थित एक तेल प्रतिष्ठान पर भी देखने को मिला है।
उन्होंने कहा कि ऊर्जा क्षेत्र से जुड़े ठिकाने रूस की सैन्य मशीनरी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, क्योंकि तेल और ईंधन की आपूर्ति युद्ध अभियानों को चलाने में अहम होती है।
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दावा किया कि इसके अलावा भी कई अन्य सफल अभियान चलाए गए हैं। उन्होंने कहा कि रूस तक ड्रोन के पुर्जे, नेविगेशन सिस्टम और अन्य सैन्य सामग्री पहुंचाने वाली सप्लाई चेन को कमजोर करना यूक्रेन की रणनीति का हिस्सा है।
सैन्य आपूर्ति नेटवर्क को निशाना बनाने की रणनीति
जेलेंस्की के अनुसार, यूक्रेन केवल सीधे सैन्य ठिकानों पर ही नहीं, बल्कि उन नेटवर्क को भी निशाना बना रहा है जो रूसी सेना को लंबे समय तक युद्ध जारी रखने में मदद करते हैं।
उन्होंने यूक्रेन की सशस्त्र सेनाओं, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा सेवा की उन सभी इकाइयों का धन्यवाद किया, जिन्होंने इन अभियानों को सफल बनाने में भूमिका निभाई।
उनका कहना है कि आधुनिक युद्ध में केवल मोर्चे पर मौजूद सैनिक ही महत्वपूर्ण नहीं होते, बल्कि हथियारों, उपकरणों और संसाधनों की पूरी व्यवस्था को प्रभावित करना भी जीत की रणनीति का हिस्सा होता है।
रूस भी लगातार कर रहा है जवाबी हमले
रूस और यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष में दोनों पक्ष एक-दूसरे पर लगातार हमले कर रहे हैं। जहां यूक्रेन रूस के सैन्य और ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का दावा कर रहा है, वहीं रूस भी यूक्रेन के कई शहरों और महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर हमले कर रहा है।
जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस लगातार रिहायशी इलाकों को निशाना बना रहा है और इससे आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि रूस की ओर से किए जा रहे हमलों में कई बार आवासीय क्षेत्रों और नागरिक बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
पावलोहराद हमले में तीन लोगों की मौत का दावा
यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि गुरुवार को रूस की ओर से किए गए हवाई हमलों में पावलोहराद क्षेत्र में एक औद्योगिक परिसर को नुकसान पहुंचा। इस हमले में तीन लोगों की मौत होने का दावा किया गया है।
जेलेंस्की ने कहा कि रूस के हमलों का असर केवल सैन्य क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि आम लोगों को भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।
उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन की स्थिति पर ध्यान देने की अपील की और कहा कि रूस की कार्रवाई यूक्रेनी नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।
खेरसोन, सूमी और खार्कीव में भी हमलों का आरोप
Ukraine Strikes Russia : जेलेंस्की ने दावा किया कि रूस ने खेरसोन क्षेत्र को भी निशाना बनाया। उनके अनुसार, इस हमले में कई अपार्टमेंट इमारतों, आम नागरिकों के घरों, क्षेत्रीय बच्चों के क्लीनिकल अस्पताल और शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान पहुंचा है।
उन्होंने बताया कि हमलों के कारण कई लोग घायल हुए हैं और स्थानीय स्तर पर राहत एवं बचाव कार्य जारी हैं।
इसके अलावा, जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने सूमी और खार्कीव क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। उन्होंने ओडेसा पर भी मिसाइल हमले का आरोप लगाया।
युद्ध की दिशा पर नजर, बढ़ रहा तनाव
रूस-यूक्रेन युद्ध अब भी दुनिया के सबसे बड़े सैन्य संघर्षों में से एक बना हुआ है। दोनों देशों की सेनाएं अपनी-अपनी रणनीति के तहत लगातार कार्रवाई कर रही हैं।
यूक्रेन जहां रूस की सैन्य क्षमता और आपूर्ति व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, वहीं रूस भी यूक्रेन के शहरों और बुनियादी ढांचे पर दबाव बनाए रखने की रणनीति अपना रहा है।
जेलेंस्की के ताजा दावों से संकेत मिलता है कि आने वाले दिनों में संघर्ष केवल सीमा क्षेत्रों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दोनों देश लंबी दूरी के हमलों के जरिए एक-दूसरे की रणनीतिक क्षमताओं को प्रभावित करने की कोशिश करते रहेंगे।






