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Commonwealth Games : कॉमनवेल्थ गेम्स 2026: भारतीय उम्मीदों का नया अध्याय, पीएम मोदी ने खिलाड़ियों को दी जीत की शुभकामनाएं

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नई दिल्ली, 24 जुलाई। Commonwealth Games :  कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के आगाज के साथ ही भारत में खेल प्रेमियों की उम्मीदें भी नई ऊंचाइयों पर पहुंच गई हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ग्लासगो में आयोजित हो रहे इस प्रतिष्ठित मल्टी-स्पोर्ट इवेंट में हिस्सा लेने वाले भारतीय दल को शुभकामनाएं देते हुए खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय एथलीट अपनी मेहनत, आत्मविश्वास और शानदार प्रदर्शन के दम पर देश का नाम रोशन करेंगे।PM मोदी ने भारतीय दल को दी शुभकामनाएं

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा करते हुए लिखा कि ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भाग लेने वाले भारतीय दल को उनकी ओर से शुभकामनाएं हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें पूरा भरोसा है कि देश के खिलाड़ी इस प्रतियोगिता में जोश, दृढ़ संकल्प और बेहतरीन खेल भावना के साथ उतरेंगे।

उन्होंने अपने संदेश में भारतीय खिलाड़ियों की प्रतिभा और मेहनत की सराहना करते हुए कहा कि एथलीटों का समर्पण और उपलब्धियां हमेशा लाखों-करोड़ों भारतीयों को प्रेरणा देती हैं। प्रधानमंत्री के इस संदेश ने खिलाड़ियों और खेल प्रशंसकों में नया उत्साह भर दिया है।

ग्लासगो में खेलों का महाकुंभ शुरू, रंगारंग समारोह से हुआ आगाज

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की शुरुआत गुरुवार को ग्लासगो में एक भव्य और रंगारंग उद्घाटन समारोह के साथ हुई। इस ऐतिहासिक आयोजन का आधिकारिक शुभारंभ ब्रिटेन के राजा चार्ल्स तृतीय ने किया। समारोह में दुनिया भर से पहुंचे खिलाड़ियों ने अपनी-अपनी टीमों के साथ मार्च पास्ट में हिस्सा लिया और खेल भावना का शानदार प्रदर्शन किया।

ग्लासगो इससे पहले 2014 में भी कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी कर चुका है। करीब एक दशक बाद शहर को फिर से इस बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन की मेजबानी करने का अवसर मिला है। इस बार भी ग्लासगो ने खिलाड़ियों और दर्शकों के लिए शानदार माहौल तैयार किया है।

11 दिनों तक चलने वाले इस खेल महोत्सव में दुनिया के कई देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे। प्रतियोगिता में रोमांचक मुकाबलों के साथ नए रिकॉर्ड बनने और पुराने रिकॉर्ड टूटने की उम्मीद है।

तिरंगे के साथ मीराबाई और लवलीना ने बढ़ाया भारत का गौरव

Commonwealth Games : उद्घाटन समारोह के दौरान भारत की स्टार खिलाड़ी मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन ने भारतीय दल का नेतृत्व किया। दोनों खिलाड़ियों को देश का ध्वज और कॉमनवेल्थ बैटन संभालने का गौरव मिला।

ओलंपिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू ने भारतीय ध्वज तिरंगे को थामकर परेड ऑफ नेशंस में देश का प्रतिनिधित्व किया। उनकी उपलब्धियां भारतीय वेटलिफ्टिंग की ताकत और संघर्ष की कहानी बयां करती हैं।

वहीं, टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीतने वाली मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने सेरेमोनियल कॉमनवेल्थ बैटन उठाकर भारत की भागीदारी को विशेष बनाया। दोनों खिलाड़ियों की मौजूदगी ने भारतीय दल के आत्मविश्वास को और मजबूत किया।

126 खिलाड़ियों की मजबूत टीम, 13 खेलों में भारत की चुनौती

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के लिए भारत ने 126 खिलाड़ियों का एक मजबूत दल भेजा है। भारतीय खिलाड़ी पैरा स्पोर्ट्स समेत कुल 13 खेलों में अपनी चुनौती पेश करेंगे।

भारत का लक्ष्य कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने शानदार प्रदर्शन के इतिहास को आगे बढ़ाना है। पिछले कई संस्करणों में भारतीय खिलाड़ियों ने कुश्ती, भारोत्तोलन, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, शूटिंग और अन्य खेलों में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश को कई पदक दिलाए हैं।

इस बार भी भारतीय दल से बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। खिलाड़ियों ने लंबे समय तक कड़ी मेहनत और प्रशिक्षण के बाद इस प्रतियोगिता के लिए तैयारी की है। हर खिलाड़ी का सपना है कि वह पोडियम पर खड़ा होकर देश का गौरव बढ़ाए।

शुरुआत से ही भारत का दमदार प्रदर्शन, लॉन बॉल्स टीम ने खोला अभियान

Commonwealth Games : भारतीय दल का अभियान उद्घाटन समारोह से पहले ही शुरू हो चुका था। लॉन बॉल्स टीम भारत की ओर से मैदान में उतरने वाली पहली टीम बनी। इस खेल में भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही आत्मविश्वास दिखाया और प्रतियोगिता में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

इसके अलावा मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई और भारत के लिए पदक पक्का कर दिया। उनकी सफलता ने भारतीय दल को शुरुआती बढ़त और सकारात्मक ऊर्जा दी है।

भारतीय खिलाड़ी अब आने वाले मुकाबलों में अपनी पूरी ताकत झोंकने के लिए तैयार हैं। देशवासियों की निगाहें उनके प्रदर्शन पर टिकी हुई हैं।

नीरज से मीराबाई तक, इन सितारों से पदक की बड़ी उम्मीदें

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की पदक उम्मीदें कई बड़े खिलाड़ियों पर टिकी हैं। भाला फेंक में ओलंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा भारतीय उम्मीदों के सबसे बड़े चेहरों में शामिल हैं। उनके शानदार प्रदर्शन और अंतरराष्ट्रीय अनुभव से देश को स्वर्ण पदक की उम्मीद है।

वेटलिफ्टिंग में मीराबाई चानू एक बार फिर भारत की सबसे बड़ी ताकत होंगी। उन्होंने लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी क्षमता साबित की है और इस बार भी उनसे बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।

मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन भारत के लिए पदक की मजबूत दावेदार हैं। उनकी तकनीक, आत्मविश्वास और बड़े मुकाबलों का अनुभव उन्हें खास बनाता है।

इनके अलावा कई युवा खिलाड़ी भी इस प्रतियोगिता में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स उनके लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर खुद को साबित करने का बड़ा अवसर है।

74 देशों के खिलाड़ी, 10 खेलों में होगा रोमांचक मुकाबला

ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में 74 कॉमनवेल्थ देशों और क्षेत्रों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 11 दिनों तक चलने वाली इस प्रतियोगिता में कुल 10 खेलों में खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करेंगे।

यह आयोजन सिर्फ पदक जीतने की प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि विभिन्न देशों के खिलाड़ियों को एक मंच पर लाने और खेल भावना को मजबूत करने का अवसर भी है।

भारतीय दल भी इसी भावना के साथ मैदान में उतरेगा। खिलाड़ियों का लक्ष्य सिर्फ पदक जीतना नहीं, बल्कि अपनी मेहनत और प्रदर्शन से करोड़ों भारतीयों को गर्व महसूस कराना है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारत के लिए नई उपलब्धियों, नए सितारों और यादगार पलों का मंच बन सकता है। प्रधानमंत्री मोदी की शुभकामनाओं और देशवासियों के समर्थन के साथ भारतीय खिलाड़ी ग्लासगो में इतिहास रचने की कोशिश करेंगे।

jahanvi singh
Author: jahanvi singh

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