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Aadhaar Verification : आधार की फिजिकल फोटोकॉपी जमा करना होगा बंद, होटल और टेलीकॉम कंपनियों के लिए नए नियम लागू

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UIDAI Introduces New Aadhaar Verification Rules, Bans Physical Photocopies for Safety

नयी दिल्ली,10 दिसंबर। Aadhaar Verification : यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (UIDAI) ने देशभर में आधार से जुड़ी सुरक्षा और गोपनीयता को और मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण बदलाव की घोषणा की है। अब किसी भी संस्था को आधार कार्ड की फिजिकल फोटोकॉपी जमा करने या उसे स्टोर करने की अनुमति नहीं होगी। यह कदम लोगों की निजी जानकारी को लीक होने से बचाने और पहचान की चोरी की घटनाओं को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

डिजिटल वेरिफिकेशन होगा अनिवार्य

UIDAI के नए नियम के लागू होने के बाद निम्न संस्थानों को अनिवार्य रूप से डिजिटल प्रक्रियाओं के माध्यम से आधार वेरिफिकेशन करना होगा—

  • होटल
  • इवेंट मैनेजमेंट कंपनियां
  • टेलीकॉम ऑपरेटर
  • अन्य ऑफलाइन आधार वेरिफिकेशन करने वाली संस्थाएं

इन सभी को UIDAI के साथ रजिस्टर करना होगा और QR कोड स्कैनिंग या आधार ऐप के जरिए डिजिटल वेरिफिकेशन करना होगा।

QR कोड से सुरक्षित वेरिफिकेशन

Aadhaar Verification : आधार कार्ड पर मौजूद QR कोड में एन्क्रिप्टेड डेमोग्राफिक जानकारी रहती है। यह प्रक्रिया—

व्यक्तिगत संवेदनशील जानकारी उजागर किए बिना फास्ट और सुरक्षित तरीके से किसी व्यक्ति की पहचान की पुष्टि कर सकती है। इससे आधार नंबर या अन्य निजी डेटा के दुरुपयोग की संभावना लगभग खत्म हो जाती है।

UIDAI के CEO भुवनेश कुमार का बयान

Aadhaar Verification : UIDAI के CEO भुवनेश कुमार ने बताया कि नए फ्रेमवर्क के तहत कोई भी कंपनी जो आधार-आधारित वेरिफिकेशन करना चाहती है, उसे पहले UIDAI सिस्टम में पंजीकरण कराना होगा।

उन्होंने कहा— “नया वेरिफिकेशन मॉडल न केवल तेज होगा, बल्कि इससे पहचान की चोरी का खतरा भी काफी कम होगा।”

कुमार ने यह भी बताया कि अथॉरिटी ने नियम को मंजूरी दे दी है और इसे जल्द ही औपचारिक रूप से नोटिफाई किया जाएगा।

पेपर-बेस्ड वेरिफिकेशन को कम करना लक्ष्य

Aadhaar Verification : UIDAI के अनुसार नए नियमों का मुख्य उद्देश्य फिजिकल दस्तावेजों पर निर्भरता कम करना है। पेपर-बेस्ड आधार वेरिफिकेशन में कई तरह के जोखिम होते हैं, जैसे— फोटोकॉपी का अनधिकृत स्टोर होना, डेटा लीक, गलत तरीके से पहचान का दुरुपयोग। डिजिटल वेरिफिकेशन के लागू होने से ये खतरे काफी हद तक समाप्त हो जाएंगे।

नए एप का बीटा-टेस्ट जारी

Aadhaar Verification : UIDAI एक नए एप की बीटा-टेस्टिंग कर रहा है, जो बिना केंद्रीय आधार डेटाबेस के भी एप-टू-एप वेरिफिकेशन की सुविधा देगा। इसका मतलब है कि कहीं भी, कभी भी, बिना इंटरनेट या सर्वर कनेक्शन के ऑफलाइन पहचान सत्यापन संभव हो सकेगा।

निजता और डेटा सुरक्षा को दी जाएगी प्राथमिकता

Aadhaar Verification : UIDAI प्रमुख कुमार ने कहा— “पेपरलेस ऑफलाइन वेरिफिकेशन न केवल आसान होगा, बल्कि इससे यूज़र्स की प्राइवेसी भी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी। उनके आधार डेटा के गलत इस्तेमाल या लीक होने की आशंका बिल्कुल खत्म हो जाएगी।”

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