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Sanatan Unity : सनातनी एकजुटता से हिंदू विरोधी षड्यंत्र नाकाम होगा, संतों की शक्ति से भारत सुरक्षित : योगी

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Sanatan Unity: CM Yogi Calls for Hindu Solidarity

Sanatan Unity : संतों की एकता और राम मंदिर: ऐतिहासिक विजय की मिसाल

मथुरा, 7 अप्रैल। Sanatan Unity : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ब्रजभूमि वृंदावन में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान सनातन समाज को एकजुट होने का आह्वान करते हुए कहा कि यदि सभी सनातनी संगठित होकर अपनी शक्ति का एहसास कराएं तो हिंदू विरोधी षड्यंत्र रचने वाली कोई भी ताकत भारत का नुकसान नहीं कर पाएगी। उन्होंने यह बात संतों की गरिमामयी उपस्थिति में कही और समाज को एकता, समर्पण और राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का संदेश दिया।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, संत श्रीमद् जगद्गुरु द्वाराचार्य श्रीमलूकदास जी महाराज की 452वीं जयंती के अवसर पर आयोजित श्रीसीताराम निकुंज अष्टयाम लीला महोत्सव में शामिल होने के लिए वृंदावन पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने श्रीमलूकपीठ आश्रम में दर्शन-पूजन किया और परंपरागत रूप से गोपूजन कर गायों को गुड़ खिलाया।

अयोध्या का दिया उदाहरण

Sanatan Unity : अपने संबोधन में उन्होंने अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 2017 से पहले वहां की स्थिति बेहद खराब थी। उन्होंने बताया कि उस समय अयोध्या में बिजली की आपूर्ति सीमित थी, बुनियादी सुविधाएं कमजोर थीं और धार्मिक आस्था के प्रतीकों के साथ खुलकर जुड़ना भी आसान नहीं था। लेकिन आज वही अयोध्या एक भव्य और दिव्य स्वरूप में नजर आती है, जो त्रेतायुग की याद दिलाती है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जब संत समाज एक मंच पर आया और एक स्वर में अपनी बात रखी, तब 500 वर्षों से चला आ रहा संघर्ष समाप्त हुआ और अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण संभव हो पाया। उन्होंने इसे संतों की एकता और संकल्प शक्ति का परिणाम बताया।

Sanatan Unity: CM Yogi Calls for Hindu Solidarity

संतों की एकजुटता से हासिल हुई उपलब्धि

उन्होंने कहा कि यदि संतों की एकजुटता इतनी बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल कर सकती है तो देशभर के सनातन धर्मावलंबी यदि संगठित हो जाएं तो कोई भी विरोधी ताकत देश की एकता और अखंडता को नुकसान नहीं पहुंचा सकती। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो लोग विधर्मी ताकतों के साथ मिलकर भारत विरोधी षड्यंत्र करते हैं, वे कभी सफल नहीं हो पाएंगे, यदि समाज जागरूक और संगठित रहे।

Sanatan Unity : मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में यह भी कहा कि हमें “चरैवेति-चरैवेति” के मंत्र को अपनाते हुए निरंतर आगे बढ़ते रहना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि व्यक्तिगत स्वार्थ कभी भी राष्ट्रहित और सनातन धर्म के मार्ग में बाधा नहीं बनना चाहिए।

उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि वर्ष 1528 में बाबर के सेनापति मीर बांकी द्वारा राम मंदिर को ध्वस्त किया गया था, लेकिन सदियों के संघर्ष और संतों के आशीर्वाद से अंततः भव्य मंदिर का निर्माण संभव हुआ। यह भारत की संस्कृति, आस्था और धैर्य का प्रतीक है।

संभल का दिया उदाहरण

Sanatan Unity :  मुख्यमंत्री ने संभल का उदाहरण भी देते हुए बताया कि वहां भी ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों को नष्ट किया गया था, लेकिन उनकी सरकार ने वहां पुनर्विकास और धार्मिक स्थलों के संरक्षण के लिए कार्य किया। उन्होंने कहा कि 84 कोसी परिक्रमा के विकास के लिए सरकार ने विशेष प्रयास किए और तीर्थ स्थलों को अतिक्रमण से मुक्त कराया।

अपने संबोधन में उन्होंने भारतीय संत परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि Tulsidas जैसे संतों ने मुगलकाल में भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और समाज को जागरूक बनाए रखा। उन्होंने कहा कि संतों की परंपरा ने हमेशा समाज को एकजुट किया है और आध्यात्मिक चेतना को जीवित रखा है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भारत की धार्मिक कथाएं जैसे रामकथा, श्रीमद्भागवत और शिवपुराण केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं हैं, बल्कि ये भारतीय संस्कृति और जीवन दर्शन का आधार हैं। इन कथाओं के माध्यम से समाज में नैतिकता, आस्था और एकता का संदेश फैलता है।

रामलीला की परंपरा का जिक्र

Sanatan Unity :  उन्होंने रामलीला की परंपरा का जिक्र करते हुए कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक एकता का प्रतीक है, जहां गांव-गांव में लोग बिना किसी भेदभाव के एकजुट होकर इसका आयोजन करते हैं। इसमें जाति, वर्ग या संप्रदाय का कोई भेद नहीं होता, बल्कि पूरा समाज मिलकर भगवान श्रीराम के आदर्शों को आत्मसात करता है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संत श्रीमलूकदास जी महाराज के जीवन और शिक्षाओं का भी उल्लेख किया और कहा कि उन्होंने मानवता की सेवा, गोरक्षा और जरूरतमंदों की सहायता को अपने जीवन का उद्देश्य बनाया। उन्होंने कहा कि सच्चा संत वही है, जो दूसरों के दुख को अपना दुख समझे और करुणा के भाव से समाज की सेवा करे।

सनातन धर्म के मूल्यों को अपनाएं

Sanatan Unity : अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि संतों की परंपरा और उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को दिशा देने का काम कर रही हैं। उन्होंने सभी से आह्वान किया कि वे सनातन धर्म के मूल्यों को अपनाएं, एकजुट रहें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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