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Rajnagar Bypoll : ममता बनर्जी को एक और झटका, नंदीग्राम के बाद रेजीनगर से टीएमसी उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने वापस लिया नामांकन

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Rajnagar Bypoll: TMC Candidate Withdraws Nomination

कोलकाता, 19 सितंबर। Rajnagar Bypoll : पश्चिम बंगाल की राजनीति में विधानसभा उपचुनाव को लेकर शनिवार को एक बड़ा और नाटकीय घटनाक्रम सामने आया। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को उस समय बड़ा झटका लगा, जब रेजीनगर विधानसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने नामांकन वापस ले लिया। नामांकन वापसी की अंतिम तारीख पर उम्मीदवार के मैदान से हटने के बाद रेजीनगर सीट पर तृणमूल कांग्रेस की चुनावी चुनौती समाप्त हो गई।

यह घटनाक्रम उस समय सामने आया है, जब पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। चुनाव आयोग की ओर से नामांकन पत्र वापस लेने के लिए 19 सितंबर को अंतिम तारीख निर्धारित की गई थी। इसी दिन रबीउल आलम चौधरी ने रेजीनगर विधानसभा सीट से अपना नामांकन वापस ले लिया।

रेजीनगर से टीएमसी उम्मीदवार के नामांकन वापस लेने के साथ ही पार्टी की ओर से इन दोनों उपचुनाव वाली सीटों पर उम्मीदवार उतारने की चुनौती खत्म हो गई है। इससे पहले नंदीग्राम विधानसभा सीट से टीएमसी की उम्मीदवार संचिता प्रधान भी अपना नामांकन वापस ले चुकी हैं। इस तरह नंदीग्राम के बाद रेजीनगर में भी टीएमसी उम्मीदवार के चुनावी मैदान से हटने का घटनाक्रम सामने आया है।

6 अक्टूबर को होना है दोनों सीटों पर उपचुनाव

Rajnagar Bypoll : पश्चिम बंगाल विधानसभा की नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर 6 अक्टूबर को उपचुनाव कराया जाना है। दोनों सीटों के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद नामांकन वापसी की अंतिम तारीख 19 सितंबर रखी गई थी। इसी प्रक्रिया के दौरान दोनों सीटों से टीएमसी के उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने के बाद राज्य की राजनीतिक गतिविधियां और चुनावी समीकरण चर्चा में आ गए हैं।

रेजीनगर सीट पर कांग्रेस की ओर से मोहम्मद अब्दुल्लाहिल चुनाव मैदान में हैं। वहीं, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) यानी सीपीएम ने यहां से एडवोकेट सईद असद अली को उम्मीदवार बनाया है। भारतीय जनता पार्टी ने रेजीनगर विधानसभा सीट से शंखारव सरकार को चुनाव मैदान में उतारा है।

दूसरी ओर, नंदीग्राम विधानसभा सीट पर कांग्रेस ने मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया है। सीपीआई ने यहां से शांति गोपाल गिरी को मैदान में उतारा है। भाजपा ने नंदीग्राम से हासी रानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। हासी रानी रथ, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पूर्व पीए रहे चंद्रनाथ रथ की मां हैं।

नंदीग्राम में ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार को दिया था समर्थन

नंदीग्राम उपचुनाव को लेकर एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम उस समय सामने आया था, जब ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की थी। हालांकि, इसके बाद शुक्रवार को एक पुराने मामले में मिलन प्रधान की गिरफ्तारी की खबर सामने आई।

मिलन प्रधान की गिरफ्तारी के बाद नंदीग्राम का चुनावी घटनाक्रम और भी चर्चा में आ गया। इसके बीच टीएमसी की उम्मीदवार संचिता प्रधान द्वारा अपना नामांकन वापस लिए जाने से पार्टी की ओर से नंदीग्राम में चुनाव लड़ने की चुनौती समाप्त हो गई।

इसके बाद रेजीनगर से टीएमसी उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी के नामांकन वापस लेने से पार्टी दोनों उपचुनाव वाली सीटों पर सीधे मुकाबले से बाहर हो गई है।

भाजपा ने नंदीग्राम में हासी रानी रथ को बनाया उम्मीदवार

Rajnagar Bypoll : नंदीग्राम उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने हासी रानी रथ को उम्मीदवार बनाया है। वह चंद्रनाथ रथ की मां हैं, जो मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के पीए के रूप में काम कर चुके थे। विधानसभा चुनाव के नतीजे सामने आने के बाद चंद्रनाथ रथ की हत्या कर दी गई थी।

भाजपा ने उनके परिवार से जुड़ी हासी रानी रथ को नंदीग्राम से चुनाव मैदान में उतारा है। वहीं, रेजीनगर सीट पर भाजपा ने शंखारव सरकार को टिकट दिया है।

इस प्रकार दोनों विधानसभा सीटों पर अब विभिन्न दलों के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद चुनावी मैदान में बचे उम्मीदवारों को लेकर तस्वीर स्पष्ट हो गई है।

सुवेंदु अधिकारी के सीट छोड़ने के बाद नंदीग्राम में उपचुनाव

Rajnagar Bypoll : नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव की आवश्यकता उस समय पैदा हुई, जब सुवेंदु अधिकारी ने यह सीट छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने भवानीपुर सीट को अपने पास रखने का निर्णय लिया। इसके बाद नंदीग्राम विधानसभा सीट रिक्त हो गई और यहां उपचुनाव कराने की प्रक्रिया शुरू हुई।

नंदीग्राम का राजनीतिक महत्व इसलिए भी अधिक है क्योंकि इसी सीट से जुड़े विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच सीधा और चर्चित मुकाबला हुआ था। उपलब्ध विवरण के अनुसार, इस साल की शुरुआत में हुए विधानसभा चुनाव में सुवेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट पर ममता बनर्जी को हराया था। बाद में नंदीग्राम सीट खाली होने के कारण यहां उपचुनाव की स्थिति बनी।

अब उपचुनाव में भाजपा ने चंद्रनाथ रथ की मां हासी रानी रथ को उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस की ओर से मिलन प्रधान चुनाव लड़ रहे हैं। सीपीआई ने शांति गोपाल गिरी को उम्मीदवार बनाया है।

रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद हुई खाली

Rajnagar Bypoll : रेजीनगर विधानसभा सीट भी एक विधायक के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। यह सीट आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के संस्थापक हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद रिक्त हुई। बताया गया है कि हुमायूं कबीर ने रेजीनगर के साथ-साथ नाओदा विधानसभा सीट से भी जीत हासिल की थी।

रेजीनगर सीट खाली होने के बाद यहां उपचुनाव कराने का फैसला किया गया। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही विभिन्न राजनीतिक दलों ने अपने-अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे। टीएमसी ने रबीउल आलम चौधरी को उम्मीदवार बनाया था, लेकिन नामांकन वापसी की अंतिम तारीख को उन्होंने अपना नामांकन वापस ले लिया।

नामांकन वापसी के बाद बदले चुनावी समीकरण

Rajnagar Bypoll : रबीउल आलम चौधरी के नामांकन वापस लेने के बाद रेजीनगर विधानसभा सीट का चुनावी समीकरण एक बार फिर चर्चा में आ गया है। इससे पहले नंदीग्राम से संचिता प्रधान द्वारा नामांकन वापस लेने के कारण टीएमसी की चुनौती वहां भी समाप्त हो गई थी।

दोनों सीटों पर टीएमसी उम्मीदवारों के नामांकन वापस लेने की घटनाएं एक ही चुनावी प्रक्रिया के दौरान सामने आई हैं। ऐसे में 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव पर राजनीतिक दलों और मतदाताओं की निगाहें रहेंगी।

फिलहाल नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों विधानसभा सीटों पर चुनाव मैदान में मौजूद उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होगा। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी प्रमुख दल अपने-अपने उम्मीदवारों के समर्थन में चुनाव प्रचार पर जोर देंगे।

पश्चिम बंगाल की इन दोनों सीटों के उपचुनाव को राज्य की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, चुनाव का अंतिम परिणाम 6 अक्टूबर को मतदान और मतगणना की निर्धारित प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा।

ohm verma
Author: ohm verma

Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.

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