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Power House Protest : गाजीपुर में रायपुर सिरगिथा पावर हाउस पर महिलाओं का जोरदार धरना, उपभोक्ताओं ने जताया आक्रोश, देखें वीडियो

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Power House Protest: Women Protest Over High Bills

अवनीश सिंह, गाजीपुर (उत्तर प्रदेश), 19 सितंबर।  Power House Protest : गाजीपुर जिले के विद्युत वितरण खंड तृतीय सैदपुर के अंतर्गत आने वाले रायपुर सिरगिथा पावर हाउस पर शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाओं और स्थानीय बिजली उपभोक्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी महिलाओं का आरोप था कि बिजली विभाग की ओर से लगातार अधिक बिल भेजे जा रहे हैं और कई बार बिना उचित सूचना के रातभर बिजली काट दी जाती है। शिकायतों के बावजूद संबंधित अधिकारी और कर्मचारी उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुन रहे हैं। इससे परेशान होकर महिलाओं को धरना-प्रदर्शन के लिए मजबूर होना पड़ा।

धरने में शामिल महिलाओं ने बिजली विभाग के अधिकारियों के रवैये को लेकर जमकर नाराजगी जताई। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे अपनी समस्याएं लेकर कई बार बिजली विभाग के कार्यालय और पावर हाउस पहुंच चुकी हैं, लेकिन हर बार उनसे आवेदन देने की बात कहकर वापस भेज दिया जाता है। उनका आरोप है कि आवेदन देने के बाद भी समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती।

धरने में शामिल महिला शीला देवी ने बताया कि वे लोग इससे पहले भी अपनी बिजली संबंधी समस्याओं को लेकर धरना देने के लिए पावर हाउस पहुंची थीं, लेकिन उस समय भी उनकी बात सुनने के लिए कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं आया। इसके बाद शुक्रवार को महिलाओं ने दोबारा करीब 11 बजे पावर हाउस पहुंचकर धरना-प्रदर्शन शुरू किया। उनका कहना था कि दूसरी बार भी काफी देर तक इंतजार करने के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी उनसे बातचीत करने के लिए मौके पर नहीं पहुंचा।

Power House Protest: Women Protest Over High Bills

प्रदर्शन कर रही महिलाओं में इस बात को लेकर काफी आक्रोश दिखाई दिया कि जब उनकी शिकायतों पर सुनवाई नहीं हो रही है और बिजली के बिल लगातार अधिक भेजे जा रहे हैं तो आखिर वे अपनी समस्या किसके सामने रखें। गुस्से में कुछ प्रदर्शनकारियों ने यहां तक कहा कि अगर बिजली विभाग मनमाने तरीके से बिल भेजता है और अधिकारियों से शिकायत करने के बावजूद समाधान नहीं होता तो फिर उन्हें मुफ्त में बिजली उपलब्ध करा दी जाए। उनका कहना था कि वे बार-बार धरना और प्रदर्शन नहीं करना चाहतीं, बल्कि चाहती हैं कि बिजली विभाग उनकी वास्तविक समस्याओं को सुने और उनका समाधान करे।

अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने से बढ़ा आक्रोश

धरना-प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारी लगातार जिम्मेदार अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग करते रहे। हालांकि, काफी देर तक कोई भी अधिकारी महिलाओं से बातचीत करने के लिए पावर हाउस पर पहुंचता नजर नहीं आया। बताया गया कि सहायक अभियंता विवेक यादव ने स्वयं के मीटिंग में होने की बात कही, जबकि अधिशासी अभियंता सुधाकर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।

वहीं, जब इस मामले में अवर अभियंता राजेश कुमार से बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि वह पिछले दो-तीन दिनों से छुट्टी पर हैं। उन्होंने कहा कि जब वह ड्यूटी पर वापस आएंगे और उनके सामने किसी उपभोक्ता की समस्या होगी, तो संबंधित लोग उन्हें लिखित शिकायत दें। उन्होंने यह भी कहा कि लिखित शिकायत मिलने पर मामले का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा।

हालांकि, प्रदर्शन कर रही महिलाओं का कहना था कि आवेदन और शिकायत देने की प्रक्रिया से वे पहले से ही परेशान हैं। उनका आरोप था कि कई बार आवेदन देने के बावजूद उनकी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं की जाती। इसी वजह से इस बार उन्हें धरना देने के लिए मजबूर होना पड़ा।

पावर हाउस में घुसने की कोशिश, पुलिस की सूझबूझ से टला बड़ा विवाद

धरने के दौरान एक समय प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इतना बढ़ गया कि कुछ लोग पावर हाउस परिसर के अंदर जाने का प्रयास करने लगे। स्थिति को देखते हुए मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल हस्तक्षेप किया। शादियाबाद थाने के हलका प्रभारी अमरेश मिश्रा ने सूझबूझ दिखाते हुए प्रदर्शनकारियों को समझाया और उन्हें पावर हाउस के अंदर जाने से रोक दिया।

पुलिस के हस्तक्षेप से प्रदर्शनकारी पावर हाउस परिसर में प्रवेश नहीं कर सके। यदि भीड़ परिसर के अंदर प्रवेश कर जाती तो स्थिति बिगड़ने की आशंका जताई जा रही थी और किसी अप्रिय घटना की आशंका भी बन सकती थी। पुलिस की मौजूदगी और समझाने-बुझाने के बाद स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया गया।

Power House Protest: Women Protest Over High Bills

15 दिन का बिजली बिल 8 हजार रुपये आने का आरोप

Power House Protest :  धरने में शामिल एक व्यक्ति ने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि उसके घर का महज 15 दिनों का बिजली बिल करीब 8 हजार रुपये भेज दिया गया है। उसका कहना था कि इस तरह की समस्या एक-दो बार नहीं, बल्कि लगातार दो-तीन बार से सामने आ रही है।

उसने कहा कि उपभोक्ताओं को यह समझ में नहीं आ रहा है कि बिजली विभाग की ओर से इतनी अधिक राशि का बिल किस आधार पर भेजा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अधिक बिल आने के बाद जब उपभोक्ता विभागीय अधिकारियों से शिकायत करने पहुंचते हैं तो उन्हें एक कार्यालय से दूसरे कार्यालय का चक्कर लगाना पड़ता है।

उपभोक्ता के अनुसार, रायपुर से उन्हें सादात, सादात से सैदपुर और सैदपुर से गाजीपुर तक दौड़ाया जाता है। अलग-अलग जगहों पर शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से उपभोक्ताओं में नाराजगी लगातार बढ़ रही है।

महिलाओं ने कहा- आवेदन देने के बाद भी नहीं होती सुनवाई

Power House Protest :  धरने में शामिल कई महिलाओं ने बिजली विभाग पर उपभोक्ताओं के प्रति उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। महिलाओं का कहना था कि वे बिजली विभाग से कोई विशेष सुविधा नहीं मांग रही हैं। उनकी मांग केवल इतनी है कि जितनी बिजली खपत हो, उसी के अनुसार सही बिल भेजा जाए और बिजली आपूर्ति को अनावश्यक रूप से बाधित न किया जाए।

महिलाओं का आरोप था कि विभाग के कर्मचारी और अधिकारी उनकी बात सुनने के बजाय केवल आवेदन देने की बात कहते हैं। उनका कहना था कि जब वे आवेदन जमा कर देती हैं तो उसके बाद उस आवेदन पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी तक उन्हें नहीं दी जाती।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि लगातार शिकायतों की अनदेखी किए जाने के कारण लोगों में विभाग के प्रति असंतोष बढ़ता जा रहा है। महिलाओं का कहना था कि यदि समय रहते उनकी शिकायतों का समाधान कर दिया जाता तो उन्हें पावर हाउस पर धरना देने की जरूरत नहीं पड़ती।

Power House Protest: Women Protest Over High Bills

चार महीने से घर के ऊपर गिरा है बिजली का खंभा

Power House Protest :  धरने के दौरान रायपुर निवासी शोभा ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया कि उनके घर के ऊपर करीब चार महीने पहले बिजली का खंभा गिर गया था। इस संबंध में उन्होंने बिजली विभाग को दो बार लिखित आवेदन भी दिया, लेकिन अब तक खंभे को हटाने के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है।

शोभा के अनुसार, सबसे चिंताजनक बात यह है कि खंभा गिरने के बावजूद उसी खंभे से बिजली की आपूर्ति जारी है। ऐसे में किसी भी समय दुर्घटना होने का खतरा बना हुआ है। उनका कहना था कि यदि समय रहते गिरे हुए खंभे को हटाकर बिजली लाइन को सुरक्षित नहीं किया गया तो किसी बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिजली के तार और खंभे आम लोगों की सुरक्षा से सीधे जुड़े हुए हैं। ऐसे मामलों में शिकायत मिलने के बाद विभाग को प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करनी चाहिए। लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार, कई बार शिकायत और आवेदन देने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

लगातार बढ़ती समस्याओं ने लोगों को सड़क पर उतरने को किया मजबूर

Power House Protest :  स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि अधिक बिजली बिल, रात में बिजली कटौती, शिकायतों पर सुनवाई नहीं होना और खराब अथवा गिरे हुए बिजली खंभों को समय पर ठीक नहीं किए जाने जैसी समस्याओं ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।

महिलाओं का कहना था कि वे कई बार विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों से अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर चुकी हैं। लेकिन जब लगातार शिकायतों के बाद भी कोई ठोस समाधान नहीं निकला तो आखिरकार उन्हें सामूहिक रूप से पावर हाउस पहुंचकर धरना देना पड़ा।

प्रदर्शनकारियों ने बिजली विभाग से मांग की कि उपभोक्ताओं के बिजली बिलों की जांच कराई जाए। जिन उपभोक्ताओं को उनकी वास्तविक खपत से अधिक बिल भेजे गए हैं, उनके बिलों को जांच के बाद संशोधित किया जाए। साथ ही रात के समय होने वाली बिजली कटौती की समस्या का भी समाधान किया जाए।

इसके अलावा, जिन इलाकों में बिजली के खंभे क्षतिग्रस्त हैं या गिर चुके हैं, वहां तत्काल निरीक्षण कराकर खंभों और बिजली लाइनों को सुरक्षित करने की मांग भी की गई।

Power House Protest :  स्थानीय महिलाओं और उपभोक्ताओं का कहना है कि उनका उद्देश्य विवाद खड़ा करना या धरना-प्रदर्शन करना नहीं है। वे केवल यह चाहती हैं कि बिजली विभाग उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुने और समयबद्ध तरीके से उनका समाधान करे। उनका कहना है कि यदि अधिकारियों की ओर से शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई की जाती तो स्थिति धरना-प्रदर्शन तक नहीं पहुंचती।

रायपुर सिरगिथा पावर हाउस पर हुए इस धरना-प्रदर्शन ने बिजली विभाग की कार्यप्रणाली और स्थानीय उपभोक्ताओं की शिकायतों को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि विभाग की ओर से प्रदर्शनकारियों की शिकायतों की जांच कर उनकी समस्याओं का समाधान कब तक किया जाता है।

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