Prashant Tamang : संगीत जगत में शोक की लहर
मुंबई, 12 जनवरी। Prashant Tamang : मनोरंजन जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। मशहूर गायक और अभिनेता प्रशांत तमांग, जिन्होंने इंडियन आइडल सीजन-3 जीतकर देशभर में पहचान बनाई थी, का रविवार को 43 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। बताया जा रहा है कि उनकी मौत स्ट्रोक के कारण हुई।
फिल्म इंडस्ट्री में मातम, दोस्तों ने दी श्रद्धांजलि
Prashant Tamang : फिल्ममेकर राजेश घाटानी ने प्रशांत तमांग के निधन की पुष्टि की। वहीं, दार्जिलिंग के प्रसिद्ध गायक महेश सेवा ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा— “प्यारे भाई प्रशांत के निधन पर गहरी संवेदना।”
इस खबर के बाद प्रशंसकों और कलाकारों के बीच शोक की लहर दौड़ गई है।
दार्जिलिंग से देशभर तक का प्रेरणादायक सफर
Prashant Tamang : प्रशांत तमांग का जन्म 4 जनवरी 1983 को दार्जिलिंग में हुआ था। मूल रूप से नेपाल में रहने वाले प्रशांत को उनके प्रशंसक प्यार से ‘पहाड़ का गौरव’ कहा करते थे। उनके परिवार में मां, दादी और एक बहन हैं। वर्ष 2011 में उन्होंने गीता थापा से विवाह किया था और हाल के वर्षों में वे पत्नी के साथ दिल्ली में रह रहे थे।
खाकी वर्दी से सुरों की दुनिया तक
Prashant Tamang : इंडियन आइडल में आने से पहले प्रशांत कोलकाता पुलिस में तैनात थे और पुलिस ऑर्केस्ट्रा का हिस्सा थे। कार्यक्रमों में गाते हुए उनकी प्रतिभा को देखकर वरिष्ठ अधिकारियों ने ही उन्हें इंडियन आइडल में भाग लेने की सलाह दी थी। यही सलाह उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुई।
इंडियन आइडल से मिली शोहरत
इंडियन आइडल सीजन-3 जीतने के बाद प्रशांत तमांग ने सोनी बीएमजी के साथ अपना पहला म्यूजिक एलबम रिलीज किया, जिसमें हिंदी और नेपाली गीत शामिल थे। उनकी सादगी और सुरों की मिठास ने करोड़ों दिल जीते।
नेपाली फिल्मों और अभिनय में भी छोड़ी छाप
Prashant Tamang : संगीत के साथ-साथ प्रशांत ने नेपाली फिल्मों में बतौर प्लेबैक सिंगर और अभिनेता भी काम किया। उनकी गायकी और अभिनय दोनों को दर्शकों ने खूब सराहा।
‘पाताल लोक 2’ में दिखा अलग अंदाज
हाल ही में प्रशांत तमांग ने अमेजन प्राइम की वेब सीरीज ‘पाताल लोक 2’ में विलेन डेनियल लेचो का किरदार निभाया था। यह भूमिका उनकी छवि से बिल्कुल अलग थी, जिसे दर्शकों ने खूब पसंद किया और उनकी अभिनय क्षमता की जमकर तारीफ की।
एक सितारा जो हमेशा याद रहेगा
Prashant Tamang : प्रशांत तमांग भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनकी आवाज, उनका संघर्ष और उनकी कला हमेशा लोगों के दिलों में जिंदा रहेगी। उनका जाना संगीत और अभिनय की दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति है।







