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Politics: ये लो! अब संजय राउत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को बता दिया विफल, अमित शाह से मांगा इस्तीफा

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मुंबई। Politics : हमारे देश में कुछ ऐसे भी लोग हैं जिन्हें भारतीय सेना का पराक्रम नहीं दिखाई पड़ता। वे हमेशा हिंद की पराक्रमी सेना का तिरस्कार करने से नहीं चूकते। यही वजह है कि देश में यह मांग उठने लगी थी कि इस बार भारत के हमलावर मिसाइलों के साथ ‘कुछ’ नेताओं को भी भेजा जाए ताकि उन्हें हिंदुस्तान का पराक्रम दिखाई पड़े। अब आप ही बताइए कि राज्यसभा के सदस्य व उद्धव ठाकरे की टीम के नेता संजय राउत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को ‘विफल’ बता दिया। लगे हाथ उन्होंने पहलगाम आतंकवादी हमले को रोकने में नाकाम रहने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का इस्तीफा मांग दिया। इस बयान पर बवाल तो होना ही था। सो देश के नेताओं ने संजय राउत को आइना दिखाना शुरू कर दिया है।

मंगलवार को राउत ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा, ” ऑपरेशन सिंदूर विफल रहा है। हालांकि, हम विपक्ष में हैं और राष्ट्रहित को ध्यान में रखते हुए इस पर बात करने से बचते हैं।” उन्होंने कहा, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ चलाने की जरूरत क्यों पड़ी, क्योंकि पहलगाम में 26 लोग मारे गए और इसके लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिम्मेदार हैं।”

Politics : उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री को अमित शाह की लापरवाही के लिए उनसे इस्तीफा मांगना चाहिए था। इसके विपरीत, अमित शाह हमें उपदेश दे रहे हैं।”

इस बयान का दिया हवाला

उन्होंने गृह मंत्री की सोमवार की एक टिप्पणी का हवाला दिया। नांदेड़ में एक रैली को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा था कि अगर बाला साहेब ठाकरे जीवित होते तो वे ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की सफलता के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को “गले लगाते”।

Politics : इस टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए राउत ने कहा, “बाला साहेब ठाकरे अतीत में विवादों के दौरान भाजपा नेताओं का समर्थन करने के लिए पश्चाताप से भर गए होते।” राउत ने एनडीए नेताओं पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर असंवेदनशील बयान जारी करने का आरोप लगाया।

विशेष सत्र की मांग दोहराई

इससे पहले, राउत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और पहलगाम आतंकी हमले पर संसद के दो दिवसीय विशेष सत्र की ‘इंडिया’ ब्लॉक की मांग को दोहराया। उन्होंने कहा, “हमारी मांग को स्वीकार करने के बजाय भाजपा ने विदेश में सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल भेजा।”

अमित शाह सवालों से डरते हैं

उन्होंने दावा किया कि पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह सवालों का सामना करने से डरते हैं और यही कारण है कि विपक्ष के नेता राहुल गांधी सहित विपक्षी नेताओं द्वारा संसद के विशेष सत्र की मांग को नजरअंदाज कर दिया गया।—एजेंसी इनपुट

ohm verma
Author: ohm verma

Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.

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