मुंबई। Mumbai : मुंबई में विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) ने पुलिस के रवैये पर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। विहिप के प्रवक्ता श्रीराज नायर ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ महीनों से संगठन के कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि 20 अप्रैल को विहिप के एक कार्यकर्ता को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसे आइसीयू में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना के बाद संगठन के भीतर आक्रोश है और कार्यकर्ताओं में असुरक्षा की भावना गहराती जा रही है।
श्रीराज नायर ने कहा कि विहिप कार्यकर्ताओं को गंभीर चोटें आई हैं, जिनमें से कुछ को सिर में गंभीर चोटें लगी हैं। उन्होंने कहा कि यह सिलसिला पिछले कुछ महीनों से लगातार जारी है और इसके पीछे पुलिस की पक्षपातपूर्ण भूमिका को जिम्मेदार ठहराया।
मुस्लिमों पर एफआइआर से बच रही पुलिस
नायर ने आरोप लगाया कि पुलिस मुस्लिम समुदाय के कुछ लोगों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करने से बच रही है और इसके उलट, हिंदू कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई करके एक तरह से ‘बैलेंस’ बनाने की कोशिश कर रही है। उनके मुताबिक यह रवैया न केवल अनुचित है बल्कि एकतरफा और खतरनाक भी है, जिससे विहिप के कार्यकर्ताओं के मनोबल पर असर पड़ा है।
विहिप का कहना है कि इसी वजह से हजारों की संख्या में कार्यकर्ता इस विरोध मोर्चे में शामिल होंगे। संगठन का दावा है कि वे मुंबई पुलिस आयुक्त (सीपी) से मिलकर अपनी बात रखेंगे और साथ ही महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री, जो गृह मंत्री भी हैं, से मिलने की योजना भी बनाई गई है।
‘पुलिस मानवता से पेश आए’
विहिप ने मांग की है कि उन पुलिस अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए जो इस कथित बर्बरता में शामिल रहे हैं। संगठन चाहता है कि पुलिस आम नागरिकों और खासकर उनके संगठन के कार्यकर्ताओं के साथ मानवता के साथ पेश आए और किसी भी प्रकार का थर्ड डिग्री ट्रीटमेंट न अपनाए।
नायर ने कहा कि विहिप इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है और जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कदम नहीं उठाए जाते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया है कि उनका यह विरोध कानून व्यवस्था के भीतर रहकर होगा, लेकिन वे चुप नहीं बैठेंगे और न्याय की मांग करते रहेंगे।
-आइएएनएस







