'एन पी एन लाइव'

Motihari: गांधी का सपना पूरा करने के लिए पंचायतों को अधिकार देना ही होगा : कुशवाहा, देखें वीडियो

SHARE:

Motihari : लोक कल्याण फाउंडेशन के संस्थापक अमित कुशवाहा ने कहा है कि गांधीजी का ग्राम स्वराज केवल एक आदर्श नहीं, एक क्रियान्वयन योग्य नीति है। आज भी हमारे गांवों में समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं। अपारदर्शिता, केंद्रीकरण और योजनाएं​ विफल हो रही हैं। हमें अब बातों से आगे बढ़कर पंचायतों को हकीकत में अधिकार देना होगा। चंपारण सत्याग्रह 2025 एक आंदोलन है — पंचायतों की सत्ता और जनता की भागीदारी सुनिश्चित करने का। यह हमारी तीसरी सरकार है — गाँव की सरकार।

शुक्रवार को वह मोतिहारी के बापू सभागार में आयोजित लोक कल्याण फाउंडेशन द्वारा आयोजित “चंपारण सत्याग्रह 2025 – पंचायती राज पर आधारित सम्मेलन” को संबोधित कर रहे थे। यह आयोजन राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के 1917 के चंपारण सत्याग्रह की प्रेरणा से जुड़ा एक आधुनिक सामाजिक नवजागरण प्रयास है, जिसका उद्देश्य 21वीं सदी के भारत में ग्राम स्वराज को व्यवहार में लागू करना है।

सम्मेलन का शुभारंभ

Motihari : कार्यक्रम का शुभारंभ संयुक्त रूप से मुख्य अतिथि व उत्तराखंड के राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी, फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित कुशवाहा, पद्मश्री पोपट राव पवार, मुखिया संघ के प्रदेश अध्यक्ष मिथिलेश राय, आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सुबोध मेहता, कांग्रेस नेत्री रानी चौधरी एवं शहर के गांधीयन महात्मा गांधी की तस्वीर पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। इसके उपरांत मुख्य अतिथि एवं मंचासीन अतिथियों का सम्मान किया गया।

स्वागत नृत्य की प्रस्तुति कुमारी अनिशा ने दी, जिसने सभागार में पारंपरिक भावनाओं का संचार किया। कार्यक्रम का स्वागत भाषण आयोजक एवं संस्थापक अमित कुशवाहा ने दिया।

चंपारण ने देश को चेतना दी : श्यामवीर सैनी

Motihari : उत्तराखंड सरकार में राज्य मंत्री व कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्यामवीर सैनी ने कहा कि चंपारण की धरती ने भारत को चेतना दी थी। आज भी यही धरती ग्रामीण भारत के लोकतांत्रिक पुनर्निर्माण का संदेश दे रही है। पंचायतें लोकतंत्र की नींव हैं और इनका सशक्तीकरण राष्ट्र निर्माण का प्राथमिक लक्ष्य होना चाहिए। इस सम्मेलन में उठे विचारों को राष्ट्रीय नीति में सम्मिलित करने की आवश्यकता है।”

पंचायतों को निति निर्माता बनाएं : सुबोध मेहता

आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता व कार्यक्रम के मुख्य वक्ता सुबोध मेहता ने कहा कि अगर गांधी को समझना है तो दिल्ली जाने की ज़रूरत नहीं। चंपारण आना होगा। यह सम्मेलन दरअसल ग्रामीण भारत की आवाज़ है — जो मांग करती है अधिकारों की, जवाबदेही की और वास्तविक भागीदारी की। पंचायतों को केवल ‘पारित प्रस्तावों’ तक सीमित न रखें, उन्हें ‘नीति निर्माता’ बनाएं।

कांग्रेस नेत्री रानी चौधरी ने कहा कि “पंचायती राज में महिलाओं की भागीदारी केवल आरक्षण तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि नेतृत्व के रूप में स्थापित होनी चाहिए। यह सम्मेलन महिला नेतृत्व को नई प्रेरणा देगा।”

Motihari

Motihari : कार्यक्रम में बीरेंद्र कुमार जालान (संस्थापक अध्यक्ष, सिटीजन फोरम ऑफ मोतिहारी) ने कहा कि “हमारा दायित्व है कि चंपारण के ऐतिहासिक महत्व को आधुनिक विकास की दिशा में उपयोग करें। आज का आयोजन इस दिशा में एक मील का पत्थर है।”

कार्यक्रम को मि​थिलेश कुमार राय— अध्यक्ष बिहार प्रदेश मुखिया महासंघ, पद्मश्री पोपटराव पवार— पूर्व सरपंच हिवरे बाजार महाराष्ट्र, अज़हर अंसारी— तीसरी सरकार अभियान, अनिकेत रंजन— सामाजिक कार्यकर्ता, अतिकुर रहमान— अध्यक्ष हिंदुस्तान आवाम वॉइस ऑर्गनाइजेशन, प्रिंस त्यागी— महामंत्री ब्राह्मण भूमिहार त्यागी संगठन, उत्तराखंड, हृदय लाल मौर्य— अधिवक्ता, इलाहाबाद हाईकोर्ट, जयप्रकाश कुशवाहा— समाजसेवी, इबलीन प्रकाश— प्राचार्या चेला मैरी मेमोरियल स्कूल, अभिषेक पांडेय— समाजसेवी ने भी संबोधित किया।

Motihari

सम्मेलन के निष्कर्ष और आगामी योजनाएँ
  • 2027 तक 500 मॉडल पंचायतें विकसित करने का लक्ष्य।
  • हर जिले में “ग्राम स्वराज प्रशिक्षण कार्यशाला” की स्थापना।
  • हर पंचायत में “लोक कल्याण चौपाल” का गठन।
  • पंचायत प्रतिनिधियों के लिए ई-गवर्नेंस प्रशिक्षण अभियान।
गांव बदलेंगे तो भारत बदलेगा

Motihari : यह सम्मेलन एक विचार नहीं, एक परिवर्तन की प्रक्रिया है। यह चंपारण की मिट्टी से निकला एक संदेश है – “गांव बदलेंगे तो भारत बदलेगा।” सम्मेलन के अंत में सभी प्रतिभागियों ने एक संकल्प लिया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ग्राम स्वराज के गांधीवादी मॉडल को लागू करने के लिए सक्रिय भूमिका निभाएँगे। –Reporting Nivedita Jha

ohm verma
Author: ohm verma

Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.

Leave a Comment

सबसे ज्यादा पढ़ी गई