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Motihari: सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में मंदीप यादव सहित तीन पर केस, आरोपित ने कहा— मुझे गलत फंसाया जा रहा है

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मोतिहारी। Motihari : बिहार के पूर्वी चंपारण के टिकुलिया गांव में सामाजिक भाईचारा खराब करने की साजिश के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों पर मामला दर्ज किया है। आरोप है कि गांव के तीन लोगों ने आदापुर थाना क्षेत्र के टिकुलिया गांव में “ब्राह्मणों का प्रवेश वर्जित है” का बोर्ड लिखवा दिया। इस बोर्ड ने सोशल मीडिया से लेकर स्थानीय समाज तक सनसनी फैला दी। पुलिस का दावा है कि यह बोर्ड मंदीप कुमार नामक युवक (यूट्यूबर) द्वारा लगाया गया, जिसका मकसद यूट्यूब पर फेमस होना और विवाद खड़ा करना था। पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आदापुर थाना में कांड संख्या 246/25 दर्ज किया है।

मंदीप ने कहा— गलत फंसाया जा रहा है

Motihari : दूसरी ओर मंदीप कुमार ने इस पूरे प्रकरण को झूठा बताया है। उनका कहना है कि उन्हें गलत फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह बोर्ड उन्होंने नहीं लिखवाया है। उन्होंने कहा कि उनका दोष इतना ही है कि उन्होंने इस बोर्ड का फोटो फेसबुक पर शेयर किया। इस मामले में पुलिस असली दोषियों को नहीं पकड़ रही है। मंदीप यादव ने यह भी कहा कि वह समाज के लिए आगे रहते हैं, वह नरकटिया विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ना चाहते हैं, इसलिए राजनीतिक प्रतिद्वंदियों ने उन्हें फंसाने की साजिश रची। उन्होंने यहां तक कहा कि वह देश के कानून का सम्मान करते हैं। उन्हें फरार बताया जा रहा है, लेकिन वह फरार नहीं हैं। मोतिहारी के एसपी जब बुलाएं, वह आने को तैयार हैं। मंदीप यादव ने बताया कि पुलिस का यह आरोप गलत है कि वह फेमस होना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि वह पहले से फेमस हैं, उनको दोबारा फेमस होने की आवश्यकता नहीं है।

यह है मामला

Motihari : बताया गया है कि टिकुलिया निवासी कृष्णा राय के पुत्र मंदीप कुमार ने यह कृत्य अपने दो साथियों के सहयोग से किया, जिसमें बखरी निवासी संजीत कुशवाहा और भेलवा निवासी मनीष कुमार शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि तीनों ने मिलकर गांव के बाहर ऐसा बोर्ड लगवाया जिससे सामाजिक ताना-बाना बिगड़ सके। लेकिन गांव के बुद्धिजीवियों ने तुरंत इसकी जानकारी दी और मोतिहारी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बोर्ड हटवा दिया।

पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि मंदीप कुमार पहले भी कई मामलों में संलिप्त रहे हैं, जिनमें शराबबंदी कानून के उल्लंघन, चोरी, अश्लीलता और मारपीट के कुल 11 मामले शामिल हैं।

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