Midnight Arrest Row : “मानो मैं फरार अपराधी हूँ”: बिना वारंट आधी रात छापा
नयी दिल्ली, 21 फरवरी। Midnight Arrest Row : बिहार में सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव के उत्पीड़न का मामला फिर से सुर्खियों में है। पप्पू यादव ने इस मामले को नयी दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के समक्ष उठाया है। पप्पू यादव ने ओम बिरला से मुलाकात कर 6 फरवरी की पूरी घटना का विस्तृत विवरण साक्ष्यों सहित प्रस्तुत किया। इस गंभीर प्रकरण पर संज्ञान लेकर न्यायोचित कार्रवाई की मांग की गई।
बताया गया कि 6 फरवरी की रात लगभग साढ़े 9 बजे कुछ नेताओं, पटना पुलिस के वरीय अधिकारियों और एक कथित सेल इंस्पेक्टर ने पटना स्थित आवास पर बिना किसी वारंट के छापा मारा।
आधी रात को सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ गिरफ्तारी की गई, जबकि संबंधित मामले की कोई पूर्व सूचना तक नहीं दी गई थी।

सांसद विशेषाधिकारों की अनदेखी का आरोप
Midnight Arrest Row : पप्पू यादव ने बताया कि खराब स्वास्थ्य का हवाला देते हुए हाउस अरेस्ट का अनुरोध किया, लेकिन इसे ठुकरा दिया गया। आरोप है कि एक सांसद के विशेषाधिकारों और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों की अनदेखी करते हुए गिरफ्तारी की गई।
अस्पताल से जेल तक: अमानवीय व्यवहार का आरोप
Midnight Arrest Row : गिरफ्तारी के बाद रात में IGIMS ले जाया गया, जहां घंटों स्ट्रेचर पर लॉबी में रखा गया। पुलिस व्यवहार को “अमानवीय” बताया गया।
अगले दिन अदालत के आदेश के बावजूद PMCH में समुचित इलाज नहीं मिला और जल्दबाजी में बेउर जेल भेज दिया गया। वर्तमान में दिल्ली में इलाज जारी है।
“आवाज़ दबाने की साजिश”: गंभीर आरोप
स्पष्ट किया गया कि आंदोलन और आचार संहिता से जुड़े मामलों के अलावा कोई आपराधिक केस नहीं है। आरोप लगाया गया कि सुनियोजित तरीके से फंसाकर आवाज दबाने की कोशिश की गई।

NEET पीड़िता को न्याय की मांग से जुड़ा मामला
Midnight Arrest Row : यह भी कहा गया कि कार्रवाई इसलिए की गई ताकि एक मेधावी NEET छात्रा के साथ हुए दुष्कर्म और हत्या के मामले में न्याय की मांग उठाने से रोका जा सके। आरोप है कि इस मामले में पुलिस, माफिया और कुछ प्रभावशाली लोगों की मिलीभगत सामने आ रही है।
लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि की सुरक्षा पर सवाल
Midnight Arrest Row : लोकसभा अध्यक्ष Om Birla से अपील की गई कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधि की आवाज को कुचलने की साजिश पर कठोर कार्रवाई हो और दोषियों को बख्शा न जाए।
न्यायपालिका और जनता पर भरोसा जताते हुए कहा गया कि अब इन घटनाओं पर निर्णायक न्याय की आवश्यकता है।
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







