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बीएनएम में भ्रामक खबर पर सेंट्रल यूनिवर्सिटी भड़का, ‘पीडीएफ पत्रकार’ सागर सूरज को नोटिस, कानूनी कार्रवाई की तैयारी तेज

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MGCU Slams Misleading Report, Issues Legal Notice to PDF Journalist

संवाददाता, मोतिहारी, 31 दिसंबर। Misleading Report : महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय (एमजीसीयू) ने लोकल पीडीएफ अखबार— द बॉर्डर न्यूज़ मिरर— बीएनएएम में प्रकाशित एक खबर को “भ्रामक, तथ्यहीन और वास्तविकता से कोसों दूर” बताते हुए कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है। 30 दिसंबर को छपी रिपोर्ट, जिसका शीर्षक था— “वीसी अपॉइंटमेंट एट एमजीसीयू अंडर लीगल स्कैनर”—ने विश्वविद्यालय प्रशासन को हैरानी और नाराज़गी दोनों की स्थिति में डाल दिया है। विश्वविद्याल प्रशासन ने अब बीएनएम के ‘पीडीएफ पत्रकार’ सागर सूरज को नोटिस भेजा है और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

Misleading Report : तथ्य बताए, फिर भी मनगढ़ंत कहानी लिखी गई : विश्वविद्यालय

विश्वविद्यालय की ओर से पत्र लिखने वाले अधिकारी प्रोक्टर— प्रोफेसर प्रसुन्न दत्त सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बीनएम के पत्रकार को पहले ही विस्तृत जानकारी दी गई थी। इसके बावजूद बीएनएम के न्यूज रिपोर्ट में इसे नजरअंदाज कर गलत और भ्रामक व्याख्या प्रस्तुत की गई।

डॉ. संजय श्रीवास्तव के अनुभव पर भ्रम फैलाया गया

Misleading Report : विश्वविद्यालय ने रिकॉर्ड पेश करते हुए बताया कि “डॉ. संजय श्रीवास्तव 27 जुलाई 2009 से प्रोफेसर हैं, जो न केवल आधिकारिक दस्तावेजों में दर्ज है, बल्कि विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर भी उपलब्ध है।”

इस हिसाब से एमजीसीयू के कुलपति पद के विज्ञापन के समय उनके पास 12 वर्ष से अधिक का प्रोफेसर अनुभव रहा। लेकिन बीएनएम के पीडीएफ अखबार ने इन तथ्यों को हटाकर बिल्कुल उलट कहानी पेश की, जिसे विश्वविद्यालय ने “जानबूझकर भ्रम फैलाने की कोशिश” बताया है।

MGCU Slams Misleading Report, Issues Legal Notice to PDF Journalist
बार्डर न्यूज मिरर में प्रकाशित खबर
कुलपति की नियुक्ति की पूरी प्रक्रिया केंद्र के अधिकार क्षेत्र में

Misleading Report : विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय विश्वविद्यालयों में कुलपति की नियुक्ति केवल शिक्षा मंत्रालय द्वारा की जाती है। अंतिम नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा की जाती है। प्रक्रिया बहु-स्तरीय जांच, सत्यापन और अनुशंसा पर आधारित होती है।

इसलिए, रिपोर्ट में जिस “कथित लीगल नोटिस” का हवाला दिया गया है, उसे विश्वविद्यालय ने “कानूनी आधारहीन और अप्रासंगिक” बताया।

यूजीसी की भूमिका दिखाना भी गलत : विश्वविद्यालय

Misleading Report : पत्र में यह भी लिखा गया कि कुलपति नियुक्ति में UGC की कोई भूमिका नहीं होती। फिर भी उसे न्यूज रिपोर्ट में जोड़कर “कानूनी भ्रम” की स्थिति पैदा की गई।

MGCU Slams Misleading Report, Issues Legal Notice to PDF Journalist
प्रो प्रसुन्न दत्त

विश्वविद्यालय के अधिकारी प्रोक्टर प्रो प्रसुन्न दत्त का कहना है कि इस तरह के भ्रामक समाचार फैलाने वालों से विश्वविद्यालय डरने वाला नहीं है। अगर कोई जानबूझ कर विश्वविद्यालय को टारगेट करता है तो उसे कड़ी कार्रवाई के लिए तैयार रहना चाहिए।

यह गैर-जिम्मेदार पत्रकारिता है, कड़ी चेतावनी

Misleading Report : विश्वविद्यालय ने कहा कि ऐसी गलत सूचना—

  • छात्रों में अनावश्यक आशंका पैदा कर रही है
  • विश्वविद्यालय की साख को नुकसान पहुँचा रही है
  • अधिकारियों की छवि पर गलत प्रभाव डाल रही है

पत्र में स्पष्ट चेतावनी दी गई है— यदि तत्काल सुधार नहीं किया गया तो विश्वविद्यालय, कानूनी कार्रवाई का सहारा लेने के लिए बाध्य होगा।

सागर सूरज को दी गई अंतिम चेतावनी

Misleading Report : पत्र में बॉर्डर न्यूज मिरर के पत्रकार सागर सूरज को निर्देश दिया गया है कि तुरंत सुधारात्मक खबर प्रकाशित करें और इसकी जानकारी विश्वविद्यालय को दें।

साथ ही दोहराया गया कि भ्रामक रिपोर्टिंग की पुनरावृत्ति पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

ohm verma
Author: ohm verma

Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.

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