'एन पी एन लाइव'

Meerut Blue Drum : मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, अदालत का ऐतिहासिक फैसला

SHARE:

Meerut Blue Drum Case : Muskan and Sahil Get Death Sentence

मेरठ, 14 अक्टूबर। Meerut Blue Drum :


उत्तर प्रदेश के मेरठ में बहुचर्चित नीले ड्रम हत्याकांड में अदालत ने बुधवार को एक बड़ा फैसला सुनाते हुए मुस्कान रस्तोगी और उसके प्रेमी साहिल को मृत्युदंड की सजा सुनाई। जिला जज अरविंद कुमार की अदालत ने सौरभ राजपूत की निर्मम हत्या के मामले में दोनों दोषियों को फांसी की सजा दी। इस फैसले के साथ ही देशभर में सुर्खियां बटोरने वाले इस सनसनीखेज हत्याकांड में न्यायिक प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हो गया।

अदालत में सजा सुनाए जाने के दौरान मुस्कान रस्तोगी और साहिल जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। न्यायाधीश द्वारा मृत्युदंड सुनाए जाने के समय दोनों दोषी शांत रहे। अदालत के फैसले को इस मामले में लंबे समय से न्याय की मांग कर रहे सौरभ राजपूत के परिवार के लिए महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।

करीब डेढ़ साल बाद अदालत ने सुनाया फैसला

Meerut Blue Drum : मेरठ का नीले ड्रम हत्याकांड उस समय राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया था, जब सौरभ राजपूत की हत्या और उसके शव को ठिकाने लगाने के लिए अपनाए गए तरीके की जानकारी सामने आई थी। इस मामले ने लोगों को झकझोर कर रख दिया था। हत्या की साजिश, शव के टुकड़े किए जाने और उन्हें नीले ड्रम में छिपाए जाने की बात सामने आने के बाद यह घटना देशभर के समाचार माध्यमों की सुर्खियों में छा गई थी।

करीब डेढ़ साल तक चली कानूनी प्रक्रिया के बाद अदालत ने पहले दोनों आरोपितों को दोषी ठहराया और फिर बुधवार को उनकी सजा का एलान किया। इस दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने मामले से संबंधित गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्य प्रस्तुत किए।

अदालती कार्यवाही के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 22 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। इन गवाहों में ऐसे लोग भी शामिल थे, जिनसे कथित तौर पर हत्या में इस्तेमाल किया गया चाकू और शव को छिपाने के लिए इस्तेमाल किया गया नीला ड्रम खरीदा गया था। अभियोजन पक्ष ने इन गवाहियों और उपलब्ध साक्ष्यों के माध्यम से मामले की कड़ियों को अदालत के सामने रखने का प्रयास किया।

पति सौरभ राजपूत की हत्या ने पूरे देश को झकझोरा

Meerut Blue Drum : इस मामले में मुस्कान रस्तोगी पर अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर अपने पति सौरभ राजपूत की हत्या करने का आरोप था। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के अनुसार, हत्या के बाद सौरभ के शव के टुकड़े किए गए और उन्हें एक नीले ड्रम में भरकर छिपा दिया गया था।

घटना की भयावहता और शव को ठिकाने लगाने के कथित तरीके के कारण इस मामले ने व्यापक जनचर्चा पैदा की। लोगों के बीच इस हत्याकांड को लेकर कई सवाल उठे और पुलिस की जांच से लेकर अदालत में चलने वाली सुनवाई तक, हर घटनाक्रम पर लोगों की नजर बनी रही।

पुलिस की जांच और अभियोजन पक्ष की ओर से अदालत में पेश किए गए साक्ष्यों के आधार पर मामले की सुनवाई आगे बढ़ी। अदालत ने 30 सितंबर को मुस्कान रस्तोगी और साहिल को हत्या के मामले में दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के निर्धारण की प्रक्रिया पूरी की गई और 14 अक्टूबर को दोनों को मृत्युदंड सुनाया गया।

जुलाई 2025 में शुरू हुआ था मुकदमे का ट्रायल

Meerut Blue Drum : सौरभ राजपूत हत्याकांड में मुकदमे का ट्रायल जुलाई 2025 में शुरू हुआ था। इसके बाद अदालत में लगातार सुनवाई हुई और अभियोजन पक्ष ने अपने मामले को साबित करने के लिए गवाहों के बयान दर्ज कराए। इस कानूनी प्रक्रिया में 22 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए जाने का उल्लेख किया गया है।

मामले की सुनवाई लगभग 13 महीने तक चली। इस दौरान अदालत में कुल 126 तारीखों पर सुनवाई हुई। मुकदमे के विभिन्न चरणों में गवाहों के बयान, मामले से संबंधित परिस्थितियों और अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार किया गया।

लंबी सुनवाई के बाद 30 सितंबर को जिला जज अरविंद कुमार की अदालत ने मुस्कान और साहिल को दोषी ठहराया। इसके बाद बुधवार, 14 अक्टूबर को अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई। इस तरह मामले में दोषसिद्धि के बाद सजा के ऐलान तक की प्रक्रिया पूरी हुई।

सौरभ के परिवार ने शुरू से की थी फांसी की मांग

Meerut Blue Drum : सौरभ राजपूत के परिजन इस मामले में शुरुआत से ही दोषियों के लिए कड़ी से कड़ी सजा की मांग कर रहे थे। परिवार का कहना था कि जिस तरह सौरभ की हत्या की गई, उसे देखते हुए दोषियों को कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए। परिवार लंबे समय से अदालत से न्याय मिलने की उम्मीद लगाए हुए था।

सजा सुनाए जाने से पहले सौरभ की मां ने भी अपनी भावनाएं व्यक्त की थीं। उन्होंने बताया था कि नवरात्र के दौरान वह पूजा-पाठ कर रही थीं और प्रार्थना कर रही थीं कि मुस्कान तथा साहिल को फांसी की सजा मिले। उन्होंने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा था कि यदि मृत्युदंड से भी कोई कठोर सजा होती, तो वह चाहतीं कि दोषियों को वही सजा दी जाए।

सौरभ की मां के इस बयान से परिवार के दुख और आक्रोश का अंदाजा लगाया जा सकता है। बेटे की हत्या के बाद से परिवार न्याय की मांग करता रहा और अदालत की कार्यवाही के दौरान दोषियों को कठोर दंड दिए जाने की उम्मीद जताता रहा।

सौरभ के भाई राहुल राजपूत ने भी उठाई थी मृत्युदंड की मांग

सौरभ राजपूत के भाई राहुल राजपूत ने भी मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा दिए जाने की मांग की थी। उनका कहना था कि परिवार ने शुरुआत से ही न्याय पाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी है। परिवार चाहता था कि अदालत मामले की गंभीरता को देखते हुए ऐसा फैसला सुनाए, जिससे उन्हें न्याय मिलने का भरोसा हो।

राहुल राजपूत ने यह भी कहा था कि यदि अदालत का फैसला परिवार की मांग के अनुरूप नहीं आता, तो वे न्याय के लिए उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे। परिवार का रुख स्पष्ट था कि वह इस मामले में दोषियों को कठोरतम सजा दिलाने के लिए अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेगा।

बुधवार को अदालत द्वारा दोनों दोषियों को मृत्युदंड सुनाए जाने के बाद परिवार की ओर से लंबे समय से की जा रही कठोर सजा की मांग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया।

19 मार्च 2025 को गिरफ्तार किए गए थे मुस्कान और साहिल

Meerut Blue Drum : इस चर्चित हत्याकांड में पुलिस ने 19 मार्च 2025 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच की और हत्या से जुड़े तथ्यों तथा परिस्थितियों की पड़ताल की।

जांच में सामने आया था कि सौरभ की हत्या के बाद उसके शव के टुकड़े कर उन्हें घर में रखे नीले ड्रम में डाला गया था। इसी वजह से यह मामला आम लोगों के बीच ‘नीले ड्रम हत्याकांड’ के नाम से चर्चित हुआ।

पुलिस की जांच के बाद मामला अदालत पहुंचा, जहां अभियोजन पक्ष ने गवाहों के बयान और संबंधित साक्ष्य पेश किए। लंबी सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी ठहराया और अब उन्हें मृत्युदंड सुनाया है।

नीले ड्रम हत्याकांड में अदालत के फैसले पर देशभर की नजर

Meerut Blue Drum : मेरठ का यह हत्याकांड अपनी भयावह परिस्थितियों के कारण लंबे समय तक चर्चा में रहा। मामले की जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी, अदालत में गवाहों के बयान, दोषसिद्धि और अंततः मृत्युदंड सुनाए जाने तक की प्रक्रिया पर लोगों की नजर बनी रही।

बुधवार को जिला जज अरविंद कुमार की अदालत द्वारा मुस्कान रस्तोगी और साहिल को फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद इस मामले में एक महत्वपूर्ण न्यायिक घटनाक्रम सामने आया। हालांकि, मृत्युदंड के मामलों में आगे की कानूनी प्रक्रिया और अपील की संभावनाएं भी महत्वपूर्ण होती हैं। इसलिए सजा सुनाए जाने और उसके अंतिम रूप से लागू होने के बीच कानूनी अंतर को समझना आवश्यक है।

फिलहाल, अदालत ने सौरभ राजपूत की हत्या के मामले में दोनों को मृत्युदंड दिया है। इस फैसले के साथ मेरठ का बहुचर्चित नीले ड्रम हत्याकांड एक बार फिर राष्ट्रीय चर्चा में आ गया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सबसे ज्यादा पढ़ी गई