डिजिटल डेस्क, नयी दिल्ली। Malegaon blast case : मालेगांव बम विस्फोट मामले में प्रज्ञा सिंह ठाकुर समेत सभी सातों आरोपितों को बरी करने के बाद पूरे देश में हिंदू संगठनों में खुशी का माहौल है। इसके साथ ही कांग्रेस की ओर से हिंदू आतंकवाद का मिथ्या थ्योरी खारिज हो गया है। एनआइए की विशेष अदालत ने गुरुवार को जैसे ही सातों आरोपितों को बरी करने का फैसला सुनाया, प्रज्ञा ठाकुर रो पड़ीं। उन्होंने हाथ जोड़कर कोर्ट के फैसले पर शुक्रिया अदा किया। कोर्ट के फैसले का विश्व हिन्दू परिषद और बजरंगदल ने स्वागत किया है। वहीं मुंबई में शिवसेना ने भी अदालत के फैसले का स्वागत किया।
न्याय की जीत हुई
Malegaon blast case : विहिप के बिहार झारखंड के विधि प्रकोष्ठ प्रमुख अशोक श्रीवास्तव अधिवक्ता ने बयान जारी कर कहा कि न्याय की जीत हुई है। प्रज्ञा सिंह जी एक साध्वी हैं और साध्वी हमेशा समाज और विश्व कल्याण की बातें करता है। लेकिन प्रज्ञा ठाकुर के साथ अन्य हिन्दू नेताओं को उस समय की कांग्रेस की नेतृत्व वाली यूपीए सरकार ने फंसाने का काम किया। साथ ही हिन्दू संस्कृति परंपरा को ठेस पहुचाने का काम किया था। आज कोर्ट का फैसला आने के बाद कांग्रेस और धर्म विरोधियों को मुंह पर करारा तमाचा पड़ा है। विहिप इस फैसले का स्वागत करता है।
अधर्म के उपर धर्म की जीत
अशोक श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस आज तक धर्म विरोधी और देश विरोधी कार्यों में लिप्त रही है। देश के अनेक हिन्दू संतों को फंसाने का काम किया है। आज का कोर्ट का फैसला अधर्म के उपर धर्म की जीत है।
शिवसेना ने यह कहा
Malegaon blast case : उधर, मुंबई में शिवसेना के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने कहा कि साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, ले. कर्नल पुरोहित और मेजर उपाध्याय जैसे लोगों को कांग्रेस ने षड्यंत्रपूर्वक फंसाया था। कोर्ट के फैसले ने साबित कर दिया कि भगवा आतंकवाद जैसी अवधारणा केवल हिंदुओं और संगठनों को बदनाम करने की साजिश थी। यह कांग्रेस की सोची-समझी साजिश थी, जो अब उजागर हो चुकी है। कोर्ट का फैसला हिंदुत्व और राष्ट्रवादी संगठनों की जीत है और सच्चाई की पुष्टि है। मैं खुश हूं, शिवसेना खुश है। जो भी फंसाए गए थे, सभी बरी हो गए हैं।
Author: ohm verma
Om Verma (ohm verma) is a graduate from Motilal Nehru College of Delhi University. He has done Journalism and Mass Communication from Kurukshetra University. He has worked in Hari Bhoomi newspaper published from Haryana. After this, he worked for Dainik Jagran as Chief Sub Editor for a long time. He held many important roles in the Noida office. During this time, he participated in debates on many national TV channels.







