संवाददाता, नयी दिल्ली। Literature : नयी दिल्ली के कन्स्टिट्यूशन क्लब ऑफ इंडिया में इसी 17 मई को देश भर से जाने – माने साहित्यकार, पत्रकार , कवि, रंगकर्मी, राजनेता एवं प्रशासनिक अधिकारी गण जुटेंगे। अवसर होगा बिहार के साहित्यकार प्रसाद रत्नेश्वर की चार पुस्तकों का एक साथ समारोहपूर्वक लोकार्पण।
बिहार महोत्सव के बैनर तले आयोजन
समारोह का आयोजन बिहार महोत्सव समिति के बैनर तले किया गया है जो दिल्ली में प्रवासी बिहारियों की एक प्रमुख सांस्कृतिक – साहित्यिक संस्था है। यह संस्था पहले से दिल्ली में बिहार महोत्सव करती है।
संस्थाध्यक्ष मोहन कुमार गुप्ता एवं जनसंपर्क अधिकारी राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि समारोह के लिए एक कोर कमिटी का गठन कर राष्ट्रपति भवन में सेवारत ई. राकेश कुमार को कार्यक्रम- संयोजक बनाया गया है।
ई. राकेश कुमार ने अपनी तैयारी के बारे में बताया कि प्रसाद रत्नेश्वर जी की पाँच प्रकाशित पुस्तकों में से चार पुस्तकों का लोकार्पण अभी कराया जा रहा है। इन पुस्तकों में बेचिरागी ( हिंदी कविता- संग्रह ), लड़कियों के कपड़े ( हिंदी ग़ज़ल- संग्रह ), निलही कोठी ( पाँच मंचीय नाटक-संग्रह ) एवं थारु : विश्व की एक नई सभ्यता ( शोध – पत्र – संग्रह ) के नाम शामिल हैं।
बहुत बड़ी उपलब्धि
संयोजक ने कहा कि एक लेखक के जीवन के 65वें वर्ष में एकसाथ पाँच पुस्तकों का प्रकाशन बहुत बड़ी उपलब्धि है। इन पुस्तकों को नवारम्भ प्रकाशन ( मधुबनी- पटना – दिल्ली ) ने प्रकाशित किया है। इस आयोजन की सफलता एवं पुस्तकों का साहित्य के पटल पर स्वागत के लिए सम्बंधित विशिष्ट जन को आमंत्रित किया गया है।
इन अतिथियों से सुशोभित होगा समारोह
समारोह में मुख्य अतिथि, विशिष्ट अतिथि एवं सम्मानित अतिथि के रूप में सतीश चंद्र दुबे,कोयला एवं खान राज्य मंत्री, भारत सरकार, संजय विनायक जोशी, राजनेता, रमा देवी, पूर्व सांसद, संजय मयूख, सदस्य, बिहार विधान परिषद, पटना, श्रीमती प्रवीण बत्रा जोशी, महापौर, फरीदाबाद, रविन्द्र सिंह नेगी, विधायक, पटपड़गंज, चंदन चौधरी, विधायक, संगम विहार, प्रो.टंकेश्वर कुमार,कुलपति, सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ हरियाणा, अजित आजाद, साहित्य अकादमी अवार्डी, संतोष कुमार, डिप्टी कमिश्नर, एमसीडी, नीरज कुमार, असिस्टेंट कमिश्नर, एमसीडी, अजीत द्विवेदी, वरिष्ठ राजनीतिक विश्लेषक, महेंद्र प्रसाद सिंह, कवि-नाटककार, संजय भाई एवं इंद्रमोहन यादव, समाजसेवी, संजय कुमार, शिक्षविद, गौरव कुमार, लेखक नवजोत सिंह संधू, संजीव ठकराल एवं कुंदन सिंह ( सभी उद्योगपति) अपनी स्वीकृति दी है।







